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अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर के गर्भगृह में 22 जनवरी 2024 सोमवार की दोपहर 12:29 मिनट पर रामलला की श्यामवर्णी प्रतिमा भव्य नव्य मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित हुई। राम मंदिर में छह दिन चले अनुष्ठान के बाद रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा पूजा में PM  नरेंद्र मोदी और RSS चीफ मोहन भागवत समेत छह यजमान शामिल हुए।  

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What we saw in Ayodhya yesterday, 22nd January, will be etched in our memories for years to come. pic.twitter.com/8SXnFGnyWg

— Narendra Modi (@narendramodi) January 23, 2024 ">Ram Mandir Ayodhya : राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़
यजमान पीएम नरेंद्र मोदी पूजन-अर्चन के दौरान भाव-विह्वल दिखे। स्वर्ण आभूषणों से सज्जित रामलला का यह विग्रह चित्त को आकर्षित करने वाला था।  गर्भगृह में रामलला विराजमान का पूजन हुआ। रजत चल प्रतिमा की भी प्रतिष्ठा हुई। इस बीच श्यामवर्णी रामलला का नामकरण संस्कार हुआ। अब रामलला बालक राम के रूप में जाने जायेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी  ने अयोध्या के राम मंदिर के गर्भगृह में सोमवार को 84 सेकंड के ‘अभिजीत मुहूर्त’ में मुख्य यजमान के रूप में उनके अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के विशेष अनुष्ठान को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराने का काम किया। इस अनुष्ठान का सीधा प्रसारण पूरी दुनिया देख रही थी। दुनियाभर के लोग अभिभूत नजर आये। इस मौके पर पीएम के साथ आरएसस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के गवर्नर आनंदीबेन पटेल और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. सेलिब्रिटी में मुकेश-नीता अंबानी, अमिताभ बच्चन,हेमा मालिनी, रजनीकांत समेत हजारों लोग इस एतिहासिंक क्षण का गवाह मौके पर मौजूद लाखों लोग बने।

 
अब रामलला टेंट में नहीं भव्य मंदिर में रहेंगे:पीएम मोदी
राम मंदिर से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'हम देख रहे हैं कि राम मंदिर का निर्माण किसी आग को नहीं, बल्कि ऊर्जा को जन्म दे रहा है।'' राम मंदिर समाज के हर वर्ग को उज्ज्वल भविष्य के पथ पर प्रेरणा लेकर आया है। मैं आज उन लोगों से आह्रान करूंगा कि आइए आप महसूस कीजिए और सोच पर पुनर्विचार कीजिए कि राम आग नहीं हैं, ऊर्जा हैं। राम विवाद नहीं, राम समाधान हैं। राम सिर्फ हमारे नहीं है, राम सबके हैं। राम वर्तमान ही नहीं, बल्कि राम अनंतकाल हैं।
मोदी ने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम आ गये हैं। अब वे टेंट में नहीं रहेंगे, बल्कि भव्य मंदिर में रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि 22 जनवरी 2024 का यह सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है। यह एक नये कालचक्र का उद्गम है। ''हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे। हमारे रामलला अब इस दिव्य मंदिर में रहेंगे। आज हमारे राम आ गये हैं। मेरा पक्का विश्वास और अपार श्रद्धा है कि जो घटित हुआ है, इसकी अनुभूति देश के, विश्व के कोने-कोने में रामभक्तों को हो रही होगी।'' 'ये क्षण आलौकिक है, ये पल पवित्रतम है'।''

आज मैं प्रभुश्री राम से क्षमा याचना भी करता हूं, हमारे पुरुषार्थ में कुछ तो कमी रह गई होगी, हमारी तपस्या में कुछ कमी रही होगी कि हम इतने सदियों तक मंदिर निर्माण नहीं कर पाए... आज वह कमी पूरी हुई।'' पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद से प्रतिदिन पूरे देश में उमंग और उत्साह बढ़ता ही जा रहा था। निर्माण कार्यदेख देशवासियों में हर दिन एक नया विश्वास पैदा हो रहा था। ''आज हमें सदियों के उस धैर्य की धरोहर मिली है। आज हमें श्रीराम का मंदिर मिला है। पूरा देश आज दीवाली मना रहा है। आज शाम घर-घर राम ज्योति प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है।''
उन्होंने कहा कि 22 जनवरी, 2024 एक तारीख नहीं बल्कि एक नये कालचक्र का उद्गम है। राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद से प्रतिदिन पूरे देश में उमंग और उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। आज हमें श्रीराम का मंदिर मिला है। गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा होता राष्ट्र नये इतिहास का सृजन करता है। पीएम ने कहा कि रामकाज कभी हनुमान जी के बिना नहीं हो सकता। इसलिए मैं हनुमान जी, माता जानकी और लक्ष्मण जी को भी प्रणाम करता हूं।

मैं आज दैवीय अनुभव कर रहा हूं, जिनके महान त्याग से यह कार्य पूर्ण हुआ है। वे भी हमारे बीच ही मौजूद हैं। मैं उन सभी नमन करता हूं। आज से एक हजार साल बाद भी इस तारीख को लोग याद रखेंगे। इस पल की चर्चा करेंगे। यह कितनी बड़ी रामकृपा है कि हम सभी इस पल को जी रहे हैं। इस पल को साक्षात घटित होते जी रहे हैं।कार्यक्रम को आरएसएस चीफ मोहन भागवत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधित किया।