तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप: दबाव में राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार! बिहार में ‘महाराष्ट्र मॉडल’ से सत्ता पलटने का दावा
राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को दबाव का परिणाम बताया। भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्होंने बिहार में महाराष्ट्र मॉडल पर सत्ता परिवर्तन की आशंका जताई।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के संभावित फैसले पर बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
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शनिवार शाम कोलकाता से पटना लौटते समय गोविंदपुर (धनबाद) स्थित पार्कलेन रिसोर्ट में रुके तेजस्वी यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना उनका निजी फैसला नहीं, बल्कि “दबाव की राजनीति” का परिणाम है।
‘महाराष्ट्र मॉडल’ से बिहार में सत्ता परिवर्तन का दावा
तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि बिहार में भी Maharashtra Model की तरह सत्ता परिवर्तन की साजिश चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसे धीरे-धीरे कमजोर कर खत्म कर देती है। उनके मुताबिक, जदयू को भी इसी रणनीति के तहत कमजोर किया जा रहा है। “भाजपा को सिर्फ रबर स्टांप मुख्यमंत्री चाहिए, इसलिए नीतीश कुमार को सुनियोजित तरीके से राज्यसभा भेजा जा रहा है।”

क्रॉस वोटिंग पर भी उठाए सवाल
राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर भी तेजस्वी यादव ने एनडीए पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संख्या बल कम होने के बावजूद “छल-प्रपंच” के जरिए वोट जुटाए गए।
महंगाई, बेरोजगारी और पलायन पर हमला
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसी समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने किसानों के मुद्दे उठाते हुए कहा कि उनके अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है और केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।
पश्चिम बंगाल को लेकर भी भविष्यवाणी
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा वहां हर तरह के हथकंडे अपना रही है, लेकिन सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि Mamata Banerjee एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगी।
गोविंदपुर में जोरदार स्वागत
गोविंदपुर में उनके पहुंचने पर राजद और कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कई स्थानीय नेता और समर्थक मौजूद रहे, जिससे यह साफ है कि झारखंड और बिहार की राजनीति में भी इस बयान के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है।
राजनीतिक मायने क्या हैं?
तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में लगातार उठापटक की अटकलें लग रही हैं। अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव संभव है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान आने वाले दिनों में बिहार की सियासत को और अधिक अस्थिर बना सकता है और सत्ता समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।






