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पटना। बिहार की राजधानी के डाकबंगला चौराहा पर शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में तिरंगा लिए एक युवक पर अंधाधुंध लाठी बरसाने के मामले में एडीएम कृष्ण कन्हैया सिंह पर एक्शन किया गया है। गवर्नमेंट ने बुधवार को उनका ट्रांसफर सामान्य प्रशासन विभाग में कर दिया है।

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सामान्य प्रशासन विभाग ने 31 अक्टूबर को रिटायरमेंट के पहले ट्रांसफर की नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। एडीएम केके सिंह के खिलाफ जांच रिपोर्ट में राष्ट्रध्वज का ख्याल नहीं रखने और जरूरत से ज्यादा युवक पर बल प्रयोग करने का दोषी पाया गया था। डीएम डा. चंद्रशेखर सिंह ने एडीए से स्पष्टीकरण मांगी थी थी।
पटना के डाकबंगला चौराहे पर 22 अगस्त को शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान हाथ में तिरंगा लिए टीईटी कैंडिडेट को एडीएम कृष्ण कन्हैया प्रसाद सिंह द्वारा बुरी तरह से पीटने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने प्रेस कान्फ्रेंस कर यह कहा था इस मामले की जांच कराई जायेगी। दोषी पाये जाने पर एकशन लिया जायेगा। पटना डीएम ने डीडीसी और सिटी एसपी (मध्य) के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए टीम बनाई थी। टीम ने जांच में केके सिंह को ज्यादा आक्रामक और सतर्क नहीं होने का दोषी पाया है।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार घटना के समय एडीएम ने झंडे को लेकर सतर्कता नहीं बरती। प्रदर्शन के दौरान एडीएम द्वारा उस अभ्यर्थी पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पुलिस अफसरऔर जवान की उपस्थिति में हाथ में ठंडा लेने की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। हाथ में झंडा लिए अभ्यर्थी के सभी ओर से घिरने के बाद भी लाठी से पिटाई तर्कसंगत नहीं था। उसे कस्टडी में लेने के विकल्प पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।