दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में SI गिरफ्तार, बोकारो पुलिस ने रांची से दबोच भेजा जेल

गोमिया में पत्नी पिंकी कुमारी की संदिग्ध मौत मामले में बोकारो पुलिस ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव को रांची के ओरमांझी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिजनों ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में SI गिरफ्तार, बोकारो पुलिस ने रांची से दबोच भेजा जेल
सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव (फाइल फोटो)।

           HighLights:

  • गोमिया में 26 जून को सब-इंस्पेक्टर की पत्नी पिंकी कुमारी की संदिग्ध मौत हुई थी।
  • मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
  • घटना के विरोध में गोमिया चौक पर घंटों चक्का जाम किया गया था।
  • बोकारो एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने आरोपी को ओरमांझी से गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तारी के बाद आरोपी सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
  • बोकारो पुलिस ने रांची से सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर भेजा जेल

रांची (Threesocieties.com Desk): बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र में हुई एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। संतोष यादव पर अपनी पत्नी पिंकी कुमारी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

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26 जून को हुई थी पिंकी कुमारी की संदिग्ध मौत

जानकारी के अनुसार, 26 जून को गोमिया थाना क्षेत्र में पिंकी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पिंकी का शव फंदे से लटका हुआ मिला था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों के बीच आक्रोश का माहौल बन गया। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पिंकी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि मानसिक और सामाजिक दबाव के कारण पिंकी ने यह कदम उठाया।

गुस्साए लोगों ने किया था गोमिया चौक जाम

घटना के अगले दिन 27 जून को मृतका के परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। आक्रोशित लोगों ने गोमिया चौक को घंटों तक जाम रखा और आरोपी पुलिस अधिकारी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संतोष यादव और उसके परिवार के लोग लगातार पिंकी पर दहेज को लेकर दबाव बना रहे थे। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया।

एसपी के निर्देश पर बनी थी विशेष टीम

मामले की गंभीरता और जनाक्रोश को देखते हुए बोकारो एसपी ने विशेष जांच टीम का गठन किया था। गोमिया थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी सब-इंस्पेक्टर फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस की तकनीकी शाखा और खुफिया इनपुट की मदद से आरोपी की लोकेशन रांची के ओरमांझी क्षेत्र में ट्रेस की गई। इसके बाद बोकारो पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर संतोष यादव को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद आरोपी सब-इंस्पेक्टर को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मृतका को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था।

इस मामले ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।