बिहार: सीतामढ़ी में सेप्टिक टंकी बनी मौत का कुआं: होली के दिन पिता-पुत्र समेत 4 की दर्दनाक मौत

सीतामढ़ी के कुरहर गांव में होली के दिन सेप्टिक टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत, गांव में पसरा मातम।

बिहार: सीतामढ़ी में सेप्टिक टंकी बनी मौत का कुआं: होली के दिन पिता-पुत्र समेत 4 की दर्दनाक मौत
सेप्टिक टंकी में जहरीली गैस।

सीतामढ़ी (Threesocieties.com Desk)। बिहार के सीतामढ़ी जिले के बोखरा प्रखंड के कुरहर गांव में होली के दिन एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां शौचालय की सेप्टिक टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और त्योहार की खुशियां पलभर में गम में बदल गईं।

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सेप्टिक टंकी में उतरे और बन गये मौत का शिकार

जानकारी के अनुसार, कुरहर गांव निवासी राजीव सहनी अपने घर की शौचालय टंकी की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान टंकी में जमा जहरीली गैस की चपेट में आकर वे बेहोश होकर अंदर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए उनका पुत्र कृष्ण कुमार, भाई रविंद्र साहनी और ममेरा भाई विनय सनी एक-एक कर टंकी में उतरे, लेकिन वे भी उसी जहरीली गैस के कारण अचेत हो गए। देखते ही देखते चारों लोग मौत के मुंह में समा गये।

बचाने की कोशिश बनी जानलेवा

स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला और तत्काल बोखरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्थिति गंभीर होने पर सभी को सदर अस्पताल सीतामढ़ी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान चारों ने दम तोड़ दिया।

होली की खुशियां बदलीं मातम में

होली जैसे बड़े पर्व के दिन हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। जहां एक ओर रंग और खुशियों का माहौल होना था, वहीं दूसरी ओर चार अर्थियां उठने से गांव में सन्नाटा पसर गया।

पुलिस ने क्या कहा

मामले पर एसपी अमित रंजन ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।

सेप्टिक टंकी हादसे: एक गंभीर चेतावनी

इस तरह की घटनाएं अक्सर लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सेप्टिक टंकी में जहरीली गैस (जैसे मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड) बनती है, जो कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकती है। बिना सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के टंकी में उतरना बेहद खतरनाक है।