रजरप्पा में ‘बुलडोजर एक्शन’: 254 दुकानें जमींदोज, HC के आदेश पर बड़ी कार्रवाई; सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रामगढ़ के रजरप्पा मंदिर क्षेत्र में प्रशासन ने 254 अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई से जहां मंदिर परिसर साफ और चौड़ा हुआ, वहीं सैकड़ों दुकानदारों की आजीविका पर संकट गहरा गया।
- रजरप्पा में
रामगढ़ (Threesocieties.com Desk): झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर गुरुवार को रामगढ़ जिला प्रशासन ने रजरप्पा मंदिर क्षेत्र में बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान 254 अवैध दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे सैकड़ों दुकानदारों की आजीविका पर अचानक संकट खड़ा हो गया।
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सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए इस अभियान के दौरान पूरा मंदिर परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। भारी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
अफरा-तफरी और आंसुओं के बीच चला अभियान
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मंदिर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदार अपनी दुकानों को टूटते देख भावुक हो उठे। कुछ ने विरोध की कोशिश की, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के आगे उनकी एक नहीं चली। करीब 40-50 वर्षों से दुकान चला रहे परिवारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था पहले होनी चाहिए थी।
मंदिर परिसर अब दिखेगा साफ और व्यवस्थित
कार्रवाई के बाद रजरप्पा मंदिर क्षेत्र का दृश्य पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले दुकानों की भीड़ और अव्यवस्था थी, वहां अब खुला और चौड़ा परिसर नजर आ रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस कदम से: श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, मंदिर क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
बताया जाता है कि मंदिर परिसर में लंबे समय से अव्यवस्थित तरीके से दुकानें संचालित हो रही थीं। इसी को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने 254 दुकानों को हटाने का आदेश दिया। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले दुकानदारों को नोटिस और माइकिंग के जरिए सूचना दी थी। 13 अप्रैल को चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद कई दुकानदारों ने 15 अप्रैल तक अपना सामान हटा लिया था।
प्रशासनिक टीम की बड़ी तैनाती
इस अभियान का नेतृत्व एसडीओ अनुराग तिवारी और डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स ने किया। उनके साथ कई अंचल अधिकारी, दंडाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे।
पुनर्विकास की तैयारी, लेकिन पुनर्वास पर सवाल
प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई प्रस्तावित पुनर्विकास योजना के तहत की गई है। भविष्य में यहां: पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जायेगा। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अब दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर खड़ा हो गया है।
दुकानदारों की मांग: पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई
दुकानदार संघ के अध्यक्ष कुलदीप साव ने कहा “हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारी रोजी-रोटी छिन गई है। प्रशासन को हमें व्यवस्थित तरीके से बसाना चाहिए।” वहीं, दुकानदार अरूप कुमार पंडा ने बताया कि कुछ दुकानदारों ने हाईकोर्ट में पुनर्वास को लेकर याचिका दायर की है, जिसमें एक महीने के भीतर पुनर्वास की मांग की गई है।
विकास बनाम आजीविका का टकराव
रजरप्पा में चला यह बुलडोजर एक्शन एक तरफ मंदिर के विकास और पर्यटन को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है, तो दूसरी ओर यह सैकड़ों परिवारों की जिंदगी को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला भी साबित हुआ है। अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि वह प्रभावित दुकानदारों के लिए पुनर्वास और रोजगार का क्या समाधान निकालता है।






