धनबाद: जज उत्तम आनंद मर्डर केस में MLA पूर्णिमा सिंह के देवर हर्ष सिंह से CBI ने की घंटों पूछताछ

सीबीआई ने जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में झरिया की कांग्रेस एमएलए पूर्णिमा सिंह के देवर हर्ष सिंह से बुधवार को घंटो पूछताछ की। सीबीआइ अफसरों ने हर्ष सिंह को फोन करहाजिर होने का नोटिस दिया। सिंफर गेस्ट हाउस में हर्ष सिंह से सीबीआइ अफसरों ने घंटों पूछताछ की।

धनबाद: जज उत्तम आनंद मर्डर केस में  MLA पूर्णिमा सिंह के देवर हर्ष सिंह से CBI ने की घंटों पूछताछ
  • रंजय सिंह मर्डर में  एक्युज्ड है हर्ष,इस मामले की सुनवाई कर रहे थे जज

धनबाद। सीबीआई ने जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में झरिया की कांग्रेस एमएलए पूर्णिमा सिंह के देवर हर्ष सिंह से बुधवार को घंटो पूछताछ की। सीबीआइ अफसरों ने हर्ष सिंह को फोन करहाजिर होने का नोटिस दिया। सिंफर गेस्ट हाउस में हर्ष सिंह से सीबीआइ अफसरों ने घंटों पूछताछ की।

सीबीआइ अफसर जानना चाहते थे कि जज की मर्डर के दिन हर्ष सिंह कहां थे। जज को ऑटो से टक्कर मारने वाले राहुल वर्मा और लखन वर्मा को हर्ष सिंह के सामने खड़ा किया गया। पूछा गया कि वे लोग एक-दूसरे को जानते हैैं या नहीं। हर्ष सिंह के अलावा होटवार जेल में नंद कुमार सिंह उर्फ मामा से सीबीआइ अफसरों ने पूछताछ की। 

पूर्णिमा सिंह के एमएलए बनने के बाद हर्ष सिंह का रसूख काफी बढ़ चुका है। वे मंगलवार को दिल्ली से धनबाद आये थे। सीबीआइ की ओर से बुधवार को उन्हें कॉल गया। उन्हें सिंफर गेस्ट हाउस में हाजिर होने का निर्देश दिया गया। हर्ष से जज मर्डर केस से संबंधित कई सवाल पूछे गये। इस दौरान सीबीआइ अफसर उनके चेहरे के हाव भाव का अध्ययन करते रहे। जज की मौत के दिन हर्ष कहां थे? रंजन मर्डर केस की क्या स्थिति थी? लखन और राहुल वर्मा को जानते हैैं या नहीं? ऐसे कई सवाल हर्ष सिंह से किये गये।

जय की मर्डर केस में हर्ष सिंह एवं मामा नन FIR एक्युज्ड

उल्लेखनीय है कि झरिया के एक्स एमएलए संजीव सिंह के करीबी रंजय की मर्डर केस में हर्ष सिंह एवं मामा नन FIR एक्युज्ड है।रंजय मर्डर केस की सुनवाई जजउत्तम आनंद की कोर्ट में चल रही थी। सीबीआइ ने सबसे पहले जज को ऑटो से टक्कर मारने वाले राहुल वर्मा और लखन वर्मा को फिर से सात दिनों की रिमांड पर लिया है। इसके बाद रंजय मर्डर केस के आरोपित हर्ष सिंह और मामा से पूछताछ करने की कोर्ट से इजाजत ली। हर्ष से पूछताछ के दौरान लखन और राहुल को भी आमने-सामने किया गया। 

हर्ष सिंह ने रंजय की मर्डर की साजिश रचने का है आरोप

वर्ष 2017 की 29 जनवरी को चाणक्य नगर में रंजय सिंह की गोली मारकर मर्डर कर दी गई थी। राजा यादव ने हमलावर के रूप में नंद कुमार की पहचान की थी। नंद कुमार ने पुलिस को बताया था कि हर्ष सिंह ने रंजय की मर्डर की साजिश रची थी। सीबीआइ ने कोर्ट को बताया कि रंजय मर्डर केस एक हाई प्रोफाइल केस है, जिसमें नंद कुमार सिंह जेल में बंद है। हर्ष अभी बेल पर बाहर है।   इस मुकदमे की सुनवाई जज आनंद ही कर रहे थे। मामा ‍वर्ष 2018 की आठ अगस्त से जेल मे बंद है। कोर्ट ने सीबीआइ को छह से आठ अक्टूबर के बीच होटवार जेल में मामा से पूछताछ की इजाजत दे दी है। सोमवार को ही सीबीआइ ने इस मर्डर केस में जेल में बंद आरोपित आटो चालक लखन वर्मा व उसके सहयोगी राहुल वर्मा को सात दिनों के अतिरिक्त रिमाड पर लिया है। बताया है कि दोनों लगातार बयान बदल रहे हैं। कई आपत्तिजनक चीजें भी बरामद की गई है। 
अमन सिंह और अभिनव से भी हो सकती है पूछताछ 
मामा के बाद सीबीआइ होटवार जेल में ही बंद कुख्यात शूटर अमन सिंह और धनबाद जेल में बंद उसके करीबी अभिनव सिंह से भी पूछताछ कर सकती है। है। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही सीबीआइ उनसे भी पूछताछ की इजाजत कोर्ट से मागेगी। रंजय मर्डर केस के अलावा जज उत्तम आनंद रंगदारी के लिए बाघमारा एमएलए ढुललू महतो के समर्थक राजेश गुप्ता के घर पर बमबारी करने के मामले की भी सुनवाई कर रहे थे। जज ने 20 जुलाई 2021 को यूपी के कुख्यात शूटर अमन सिंह एवं उसके पूर्व 16 जुलाई को इस मामले के अन्य आरोपित यूपी के इनामी शूटर व अमन के सहयोगी अभिनव सिंह, रवि कुमार ठाकुर, रौनक गुप्ता व आनंद कुमार वर्मन के विरुद्ध आरोप तय किया था। उन्होंने अभिनव सिंह की बेल पिटीशन भी खारिज की थी।

फ्लैश बैक
जज उत्तम आनंद 28 जुलाई की सुबह घर से मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर पांच बजकर आठ मिनट पर जज को  मिनट पर एक ऑटो ने धक्का मार दिया। हॉस्पीटल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। घटना का सीसीटीवी फुटेज देखने से ऐसा प्रतीत हुआ कि यह हादसा नहीं है। जज को जानबूझकर धक्का मारा गया। मामले में ऑटो ड्राइवर के खिलाफ मर्डर की एफआइआर दर्ज की गयी। पुलिस ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को अरेस्ट कर ली। जज की मौत को सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। झारखंड सरकार द्वारा गठित एसआइटी ने मामले की जांच कर रही थी। झारखंड गवर्नमेंट की । झारखंड सरकार की अनुशंसा पर मामले की जांच की जिम्मेवारी सीबीआइ को सौंप दी गई।अब तक कोई भी एक ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है तो साजिश की ओर इशारा करता हो।