धनबाद में ‘बम’ की धमकी से दहशत: सिविल कोर्ट 3 घंटे ठप, हाई अलर्ट में चला सर्च ऑपरेशन
धनबाद सिविल कोर्ट को ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। तीन घंटे तक कोर्ट का कामकाज ठप रहा, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने की सघन जांच, कोई विस्फोटक नहीं मिला।
- धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। सिविल कोर्ट परिसर में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक अज्ञात ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही एसएसपी प्रभात कुमार भारी पुलिस बल के साथ तत्काल कोर्ट परिसर पहुंचे और स्थिति की कमान स्वयं संभाली। कोर्ट परिसर की तत्काल घेराबंदी कर दी गई।
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किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाव के लिए प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। कोर्ट रूम, जजों के चैंबर, रिकॉर्ड रूम, लाइब्रेरी, बार एसोसिएशन हॉल, कैंटीन, पार्किंग क्षेत्र, गार्डन और आसपास के खुले स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई। जजों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया।
तीन घंटे ठप रहा कामकाज, दोपहर बाद शुरू हुई सुनवाई
धमकी के बाद करीब तीन घंटे तक अदालत की कार्यवाही पूरी तरह ठप रही। सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद सिटी एसपी के क्लियरेंस पर दोपहर लगभग 2:40 बजे से फिर से न्यायिक कार्य शुरू किया गया।
डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता अलर्ट मोड में
कोर्ट परिसर के 28 भवनों, जजों के चैंबर, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग, लाइब्रेरी और आसपास के सभी क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई।
आरपीएफ और सीआईडी की डॉग स्क्वॉड टीम तैनात
स्निफर डॉग्स से सघन तलाशी
मेटल डिटेक्टर से चेकिंग
संदिग्ध वाहनों और लावारिस वस्तुओं की जांच
पूरे ऑपरेशन के दौरान हर संदिग्ध चीज को गंभीरता से जांचा गया।
विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन जांच जारी
फिलहाल जांच के दौरान किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। हालांकि, ई-मेल के जरिए भेजी गई धमकी की गहन जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर और टेक्निकल सेल की विशेष टीम को लगाया गया है। आईपी एड्रेस, सर्वर डिटेल और डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपी तक पहुंचा जा सके।
जांच पूरी होने के बाद कोर्ट परिसर को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। इसके पश्चात न्यायिक कार्य पुनः सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया। जेल गेट से लेकर पूरे कोर्ट परिसर तक सुरक्षा पहले से ही मजबूत थी, लेकिन धमकी के बाद इसे और अधिक सख्त कर दिया गया है। वॉच टावर से लगातार निगरानी की जा रही है और सभी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है।
साइबर सेल को मिला अहम जिम्मा
धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी, इसलिए साइबर और टेक्निकल सेल की टीम को अलर्ट किया गया है।
आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है
सर्वर और डिजिटल ट्रेल की जांच
मेल भेजने वाले की पहचान की कोशिश
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंच बनाई जाएगी।
फर्जी धमकी की आशंका, लेकिन सतर्क प्रशासन
प्रारंभिक तौर पर यह मामला ‘होक्स’ (फर्जी धमकी) भी हो सकता है, क्योंकि हाल के दिनों में रांची और पटना समेत कई शहरों में कोर्ट को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। फिर भी प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए कोई जोखिम नहीं उठाया।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त, हर गतिविधि पर नजर
घटना के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा पहले से और ज्यादा मजबूत कर दी गई है।
हर प्रवेश द्वार पर सख्त जांच
सीसीटीवी से निगरानी
वॉच टावर से सतत मॉनिटरिंग
आने-जाने वालों की सघन तलाशी
पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें, सतर्क रहें
पुलिस ने आम लोगों और अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
इस दौरान एसएसपी प्रभात कुमार के साथ ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, प्रशिक्षु आईपीएस अंकित सिन्हा, जिले के कई डीएसपी और एसडीपीओ समेत बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान मौके पर मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर पूरे अभियान की निगरानी की।






