धनबाद डीसी के फर्जी हस्ताक्षर केस में फंसे डॉ. मिहिर कुमार झा , FIR का आदेश

धनबाद डीसी आदित्य रंजन के फर्जी हस्ताक्षर से लाइसेंस बनाने के आरोप में डॉ. मिहिर कुमार झा पर एफआईआर का निर्देश दिया गया है। पीसी एंड पीएनडीटी समीक्षा बैठक में अवैध क्लीनिकों पर छापेमारी और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के आदेश भी दिए गए।

धनबाद डीसी के फर्जी हस्ताक्षर केस में फंसे डॉ. मिहिर कुमार झा , FIR का आदेश
डॉ. मिहिर कुमार झा (फाइल फोटो)।
  • फर्जी दस्तावेज से लाइसेंस बनाने का आरोप
  • अवैध क्लीनिकों पर भी गिरेगी गाज

धनबाद (Threesocieties.com Desk) : धनबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। बिरसा मुंडा पार्क स्थित डॉ. मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मिहिर कुमार झा पर उपायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर से लाइसेंस संबंधित दस्तावेज तैयार कराने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित पीसी एंड पीएनडीटी सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों, पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत निबंधित केंद्रों, नए आवेदन और लाइसेंस रिन्यूअल समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई।

फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेज के इस्तेमाल का आरोप

बैठक के दौरान यह मामला सामने आया कि अल्ट्रासोनोग्राफी क्लीनिक के पीसी एंड पीएनडीटी फार्म-बी जमा करने में धनबाद उपायुक्त के कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों का उपयोग किया गया। इसी मामले में डॉ. मिहिर कुमार झा के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया। उपायुक्त आदित्य रंजन ने सिविल सर्जन को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके बाद सिविल सर्जन ने धनबाद एमओआईसी डॉ. सुनिता चौधरी को इस मामले में नामित किया।

अवैध क्लीनिकों पर चलेगा प्रशासन का बुलडोजर

बैठक में उपायुक्त ने जिले में बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। इसके लिए विशेष छापेमारी दल गठित करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन अब ऐसे केंद्रों की पहचान कर कार्रवाई करेगा जो बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं। साथ ही जिला स्तरीय नॉन-मेडिकल टीम वैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी औचक निरीक्षण करेगी।

लिंग जांच और भ्रूण परीक्षण पर सख्त संदेश

उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट कहा कि भ्रूण लिंग जांच और लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट बेटियों के अधिकारों की रक्षा और समाज में लैंगिक संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी कानून है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित केंद्रों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कम फॉर्म-एफ वाले केंद्रों को नोटिस

बैठक में उन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी समीक्षा की गई जिनका फॉर्म-एफ रिकॉर्ड शून्य या दस से कम पाया गया। उपायुक्त ने ऐसे सभी केंद्रों को नोटिस जारी कर मशीन जमा कराने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जिले में अब तक हुई छापेमारी और कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। उपायुक्त ने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नियमित निरीक्षण, पंजीकरण और रिकॉर्ड संधारण की गहन जांच करने को कहा।

बैठक में सहायक नोडल अधिकारी पीसी एंड पीएनडीटी डॉ. विकास कुमार राणा, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार मिश्रा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।