ममता के क्षेत्र कालीघाट में चुनावी हलचल तेज! 2 दिन में दूसरा थाना प्रभारी बदला, ‘बंदूक वाले स्टेटस’ से शुरू हुआ बवाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के क्षेत्र कालीघाट थाना में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। गौतम दास के निलंबन, चमेली मुखोपाध्याय के 24 घंटे में तबादले और बलाई बाग की नई तैनाती से पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
कोलकाता (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र कालीघाट में प्रशासनिक उथल-पुथल तेज हो गई है। कोलकाता पुलिस ने रविवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (OC) को एक बार फिर बदल दिया। महज 48 घंटे के भीतर इस महत्वपूर्ण थाने को दूसरा नया थाना प्रभारी मिला है।
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भांगड़ डिवीजन के पोलरहाट थाने के अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी बलाई बाग को तत्काल प्रभाव से कालीघाट थाने का नया OC नियुक्त किया गया है। उन्होंने चमेली मुखोपाध्याय की जगह ली है, जिन्हें पद संभालने के सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही हटा दिया गया।
24 घंटे में हटायी गयीं चमेली मुखोपाध्याय
कोलकाता पुलिस प्रमुख अजय नंदा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, चमेली मुखोपाध्याय का तबादला उल्टाडांगा महिला पुलिस थाने में कर दिया गया है। उन्हें शनिवार 2 मई को ही कालीघाट थाने का प्रभारी बनाया गया था, जब तत्कालीन OC गौतम दास को निलंबित कर दिया गया था। मतगणना से ठीक पहले एक महिला अधिकारी को इतनी जल्दी हटाकर बलाई बाग को जिम्मेदारी सौंपना पुलिस महकमे में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। बलाई बाग को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के तत्काल कार्यभार संभालें।
गौतम दास के ‘बंदूक वाले स्टेटस’ से शुरू हुआ पूरा विवाद
कालीघाट थाने में यह बदलाव 2 मई को शुरू हुआ, जब तत्कालीन OC गौतम दास को निलंबित कर दिया गया। उन पर आरोप था कि उन्होंने वर्दी में हथियार लहराते हुए अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। इस तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा था—
“नई जिम्मेदारी के लिए तैयार”। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और राजनीतिक विवाद का कारण बन गई। तस्वीर में गौतम दास आधुनिक हथियार के साथ दिखाई दे रहे थे, जिसे विपक्ष और तृणमूल कांग्रेस ने बेहद आपत्तिजनक बताया।
TMC ने चुनाव आयोग से की थी शिकायत
तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जॉयप्रकाश मजूमदार ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा करते हुए इसे “डरावना” और “कानून की नजर में गंभीर” बताया। TMC ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कई सवाल उठाए— क्या ड्यूटी पर तैनात कोई पुलिस अधिकारी वर्दी में ऐसी तस्वीर पोस्ट कर सकता है? क्या यह केंद्र सरकार और कोलकाता पुलिस की सोशल मीडिया गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं है? तस्वीर में दिखाई गई बंदूक क्या आधिकारिक रूप से अधिकारी को आवंटित थी?
क्या अधिकारी को उस हथियार के उपयोग की अनुमति थी?
पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और पुलिस आयुक्त अजय नंदा को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। इसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर गौतम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
एक महीने पहले ही मिली थी जिम्मेदारी
गौतम दास को चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के मतदान से पहले कालीघाट थाने का कार्यवाहक प्रभारी बनाया था। उन्होंने करीब एक महीने पहले उत्पल घोष की जगह ली थी। लेकिन मतगणना से महज 48 घंटे पहले उनका निलंबन पुलिस विभाग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। फिलहाल विभागीय स्तर पर यह जांच चल रही है कि चुनाव जैसे संवेदनशील समय में उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।
मतगणना से पहले कालीघाट क्यों बना सबसे संवेदनशील इलाका?
कालीघाट सिर्फ एक थाना क्षेत्र नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास का इलाका है। यह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। भवानीपुर में इस बार ममता बनर्जी और विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यही वजह है कि पुलिस कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अनुभव, नियंत्रण क्षमता और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए बलाई बाग को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनावी नतीजों से पहले पुलिस महकमे में बढ़ी बेचैनी
लगातार दो दिनों में दो थाना प्रभारियों का बदलना यह साफ संकेत देता है कि प्रशासन कालीघाट को लेकर बेहद सतर्क है। ममता बनर्जी के गढ़ में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बन सकती है।
अब सबकी नजर सोमवार की मतगणना और कालीघाट की सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी है।






