“बंटी के इशारे पर प्रिंस खान ने झरिया एमएलए को दी धमकी! मेजर के खुलासे से धनबाद के नेता–व्यवसायी रडार पर”
धनबाद में गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क का बड़ा खुलासा। मेजर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बंटी खान के कहने पर झरिया विधायक को धमकी दी गई। कई नेता, व्यवसायी और ठेकेदार जांच के घेरे में।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस रिमांड पर लिए गए उसके करीबी सहयोगी सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ शैफी उर्फ मेजर ने पूछताछ में कई बड़े राज खोले हैं, जिससे जिले के कई सफेदपोश और व्यवसायी वर्ग में हड़कंप मच गया है।
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विधायक को धमकी के पीछे बंटी खान!
मेजर ने पुलिस को बताया कि झरिया विधायक रागिनी सिंह को दी गई धमकी के पीछे सीधे तौर पर प्रिंस खान का हाथ था। लेकिन इस पूरे मामले में अहम भूमिका उसके भाई बंटी खान की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विधायक द्वारा प्रिंस खान के खिलाफ दिए गए बयान से नाराज बंटी खान ने यह बात जेल में बंद प्रिंस तक पहुंचाई और उसे वीडियो जारी कर धमकी देने के लिए उकसाया। इसके बाद प्रिंस खान ने एक धमकी भरा वीडियो जारी किया था।
जेल में मचा था बवाल
मेजर के अनुसार, इस वीडियो के बाद धनबाद जेल में जबरदस्त तनाव फैल गया था। प्रिंस और बंटी खान के समर्थकों के बीच मारपीट हुई, जिससे हालात और बिगड़ गए।
60-80 व्यवसायियों से वसूली!
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि धनबाद के 60 से 80 व्यवसायी नियमित रूप से रंगदारी देते थे। वसूली का पैसा हवाला और बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर होता था। 100 से ज्यादा खातों के जरिए लेन-देन का नेटवर्क संचालित हो रहा था।
रियल एस्टेट में काला निवेश
मेजर ने खुलासा किया कि रंगदारी का पैसा: गोविंदपुर, बरवाअड्डा, भूली, पांडरपाला और वासेपुर में जमीन खरीदने में लगाया गया
प्रॉपर्टी के जरिए काले धन को सफेद किया जा रहा था।
फायरिंग कराते, फिर मांगते रंगदारी
गैंग का तरीका भी बेहद खतरनाक था। 10–15 हजार रुपये देकर गुर्गों से फायरिंग करवाई जाती इसके बाद फोन कर डराकर रंगदारी वसूली जाती।
नेता और ठेकेदार भी शक के घेरे में
मेजर ने यह भी बताया कि: आधा दर्जन से ज्यादा नेता प्रिंस के संपर्क में थे। कुछ नेता विरोधियों को डराने के लिए गैंग का इस्तेमाल करते थे। बीसीसीएल व रेलवे कई ठेकेदार और उद्योगपति भी साठगांठ में शामिल थे। पुलिस को कुछ नेताओं और प्रिंस खान के बीच बातचीत के तकनीकी साक्ष्य भी मिले हैं।
पुलिस की कार्रवाई तेज
मेजर की निशानदेही पर कई इलाकों में छापेमारी की गई है। प्रिंस खान के लिए काम करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। रंगदारी से जुड़ी नकदी और अन्य सामग्री बरामद हुई है।
जांच जारी, बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस अब आयकर विभाग की मदद से लेन-देन की जांच कर रही है। मेजर द्वारा बताए गए नामों का सत्यापन कर रही है। इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि धनबाद में अपराध, राजनीति और कारोबार का गठजोड़ गहराई तक फैला हुआ है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े नाम सामने आने की संभावना है, जिससे झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल और तेज हो सकती है।






