नौ राज्यों में बदले राज्यपाल-उपराज्यपाल, सैयद अता हसनैन बने बिहार के गवर्नर, आर.एन. रवि बंगाल भेजे गये

देश में बड़ा संवैधानिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत 9 राज्यों में राज्यपाल और उपराज्यपाल बदल दिए हैं। पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के नए एलजी बनाए गए हैं, जबकि वीके सक्सेना को लद्दाख भेजा गया है।

नौ राज्यों में बदले राज्यपाल-उपराज्यपाल, सैयद अता हसनैन बने बिहार के गवर्नर, आर.एन. रवि बंगाल भेजे गये
सैयद अता हसनैन, आरएन रवि व तरनजीत सिंह संधू।

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk)। देश में गुरुवार को बड़ा संवैधानिक फेरबदल देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार रात को देश के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्तियां कीं है। इसमें कई राज्यों के राज्यपालों की अदला-बदली की गई है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गयी है।

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राष्ट्रपति भवन से जारी अधिसूचना के अनुसार दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, लद्दाख और तमिलनाडु में नये चेहरे नियुक्त किये गये हैं या अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को हटाकर लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है। वहीं पूर्व राजनयिक और भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (एलजी) नियुक्त किया गया है।

तरनजीत सिंह संधू को मिली दिल्ली की जिम्मेदारी

पूर्व विदेश सेवा अधिकारी तरनजीत सिंह संधू को फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने 2024 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की थी और लोकसभा चुनाव में अमृतसर सीट से उम्मीदवार भी बने थे। अब उन्हें देश की राजधानी दिल्ली के प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वीके सक्सेना को लद्दाख भेजा गया

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। उन्होंने 26 मई 2022 को दिल्ली के 22वें उपराज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था। सक्सेना इससे पहले खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष रह चुके हैं। दिल्ली में उनके कार्यकाल के दौरान कई बार दिल्ली सरकार और एलजी कार्यालय के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली थी।

तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि कोपश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया गया है। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र भेजा गया है। जबकि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला अब तेलंगाना के राज्यपाल होंगे। लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। नंद किशोर यादव नागालैंड के नये राज्यपाल होंगे। तमिलनाडु में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

जिन राज्यों में भी बदले गए राज्यपाल

केंद्र सरकार द्वारा किए गए इस बड़े फेरबदल में कई राज्यों के राज्यपालों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया।

जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

वी.के. सक्सेना को लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया।

तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया।

पश्चिम बंगाल में इस्तीफे से बढ़ी राजनीतिक हलचल

इधर पश्चिम बंगाल में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे से सियासी हलचल तेज हो गई है। बोस ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इसे राज्य की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

ममता बनर्जी ने जताई नाराजगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार दबाव बनाकर फैसले करा रही है। उन्होंने आर.एन. रवि की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस फैसले में राज्य सरकार से कोई परामर्श नहीं लिया गया, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है।