धनबाद सिविल कोर्ट पार्किंग संकट पर हाईकोर्ट सख्त: पुलिस तैनाती का आदेश, जेल शिफ्ट कर स्थायी समाधान की तैयारी
धनबाद सिविल कोर्ट परिसर में पार्किंग व्यवस्था को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पार्किंग स्थल पर तत्काल पुलिस बल तैनात करने और दीर्घकालिक समाधान के तहत धनबाद जेल परिसर खाली कर स्थायी पार्किंग विकसित करने का निर्देश दिया।
- धनबाद जेल शिफ्टिंग कर बनेगी कोर्ट की स्थायी पार्किंग!
- पार्किंग के लिए पुलिस तैनाती अनिवार्य
- प्रशासन को तुरंत कार्रवाई का आदेश
रांची (Threesocieties.com Desk): धनबाद सिविल कोर्ट परिसर में लंबे समय से बनी पार्किंग समस्या अब गंभीर न्यायिक मुद्दा बन चुकी है। अधिवक्ताओं, मुवक्किलों और आम लोगों को प्रतिदिन होने वाली परेशानियों को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को जनहित याचिका W.P. PIL 1746 of 2026 पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रशासन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
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मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल अस्थायी व्यवस्था से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से काम करना होगा।
अदालत ने पूछा- कब तक रहेगी अव्यवस्था?
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार कोर्ट परिसर के आसपास “शॉर्ट-टर्म पार्किंग व्यवस्था” लागू करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अदालत इस व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई। याचिकाकर्ता धनबाद बार एसोसिएशन की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि केवल पार्किंग स्थल चिन्हित कर देने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। वहां लगातार अव्यवस्था, अतिक्रमण और वाहन जाम जैसी समस्याएं बनी रहती हैं।उन्होंने अदालत से मांग की कि पार्किंग क्षेत्र के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि वाहन व्यवस्थित ढंग से लग सकें और आम लोगों को राहत मिल सके।
हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश- तुरंत तैनात करें पुलिस बल
अधिवक्ता की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए खंडपीठ ने प्रशासन को तत्काल प्रभाव से पार्किंग स्थल पर पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि बिना निगरानी और नियंत्रण के पार्किंग व्यवस्था सफल नहीं हो सकती। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद धनबाद प्रशासन और पुलिस विभाग को कोर्ट परिसर के आसपास विशेष व्यवस्था करनी पड़ेगी।
दीर्घकालिक समाधान के लिए जेल शिफ्टिंग पर जोर
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सबसे अधिक जोर “लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन” पर दिया। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि धनबाद जेल परिसर को अन्यत्र स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि उस बड़े भूभाग का उपयोग स्थायी पार्किंग के रूप में किया जा सके। हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि भविष्य में बढ़ते न्यायिक कार्यों और लोगों की संख्या को देखते हुए वर्तमान पार्किंग व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसलिए स्थायी और व्यवस्थित पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना जरूरी है।
अधिवक्ताओं और आम लोगों को मिलेगी राहत
धनबाद सिविल कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक कर्मी, मुवक्किल और आम लोग पहुंचते हैं। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क किनारे अवैध पार्किंग और जाम की स्थिति आम बात हो गई है। हाईकोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कोर्ट परिसर की अव्यवस्था कम होगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
बार एसोसिएशन ने फैसले का किया स्वागत
धनबाद बार एसोसिएशन के महासचिव जीतेंद्जुर कुमार अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के निर्देश को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि वर्षों से पार्किंग की समस्या गंभीर रूप ले चुकी थी, लेकिन अब अदालत की सख्ती के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा और स्थायी समाधान की दिशा में काम तेज होगा।






