लश्कर-ए-तैयबा कनेक्शन में जेल गया इनामुल, ट्रेन में पकड़ाया बेटिकट, घरवालों ने भेजा था देवबंद 

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद हास्टल से एटीएस द्वारा अरेस्ट किये झारखंड के गिरिडीह के गावां के पतना गांव का का छात्र इनामुलहक उर्फ इनाम इम्तियाज (20)के बार में जिला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गावां पुलिस स्टेशन की पुलिस उसके घर पहुंच पिता इम्तियाज मियां से जानकारियां लीं। पुलिस ने इनामुल का आधार कार्ड व शैक्षणिक प्रमाणपत्र पुलिस ने जब्त कर लिया है। उस पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

लश्कर-ए-तैयबा कनेक्शन में जेल गया इनामुल, ट्रेन में पकड़ाया बेटिकट, घरवालों ने भेजा था देवबंद 
  • पटना और गया के मदरसे में हुई है प्रारंभिक शिक्षा 
    जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहता था इनामुल

गिरिडीह। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद हास्टल से एटीएस द्वारा अरेस्ट किये झारखंड के गिरिडीह के गावां के पतना गांव का का छात्र इनामुलहक उर्फ इनाम इम्तियाज (20)के बार में जिला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गावां पुलिस स्टेशन की पुलिस उसके घर पहुंच पिता इम्तियाज मियां से जानकारियां लीं। पुलिस ने इनामुल का आधार कार्ड व शैक्षणिक प्रमाणपत्र पुलिस ने जब्त कर लिया है। उस पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

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पटना और गया मदरसा में कर पढ़ाई कर चुका है इनामुल
गिरिडीह एसपी अमित रेणु के निर्देश पर पुलिस उसकी कुंडली खंगाल ने में लगी है। इसका पता लगाया जा रहा है  कि उसका किससे मिलना-जुलना था, गांव में कौन करीबी था। हालांकि पुलिस कुछ भी बताने से परहेज कर रही है। मछली के छोटे कारोबारी इनामुल के पिता का गांव में आलीशान मकान है। पिता ने बताया कि उनके पांच बेटे हैं। इनामुल चौथे नंबर पर है। वह देवबंद मदरसा में पढ़ता है। इनामुल ने पांचवीं तक पटना मस्जिद व फिर पिहरा मदरसा में पढ़ाई की। आठवीं कक्षा हिंदी विद्यालय से उत्तीर्ण की। यहां से जमुआ के काजीमगहा मदरसा गया व उर्दू बोर्ड की परीक्षा पास की।
देवबंद से लौटकर अलग-थलग रहता था इनामुल
यूपी एटीएस के हत्थे चढ़े इनामुल हक कोरोनाकाल में लाकडाउन के बाद देवबंद मदरसा से लौटने थोड़ा अलग-थलग रहता था।गांव में वह सभी से कटा-कटा रहने लगा था। अकेले संकरी नदी पर बने पुल पर बैठा रहता था। किसी के साथ ज्यादा उठना-बैठना नहीं करता था। गांव में अगर कोई बीमार पड़ता था तो उसे झाड़फूंक कर ठीक करने का दावा भी करता था।इनामुल को बचपन में तालीम दिलाने वाले मौलाना मोहम्मद शमशुद्दीन का कहना है कि वह लगभग 10 वर्ष से पटना मस्जिद में बच्चों को शुरुआती तालीम देते आये हैं। बचपन में इनामुल ने भी दो साल तक उनकी देखरेख में पटना मस्जिद में पढ़ाई की थी। उसके बाद वह गांव से बाहर जाकर तालीम हासिल करने लगा। उन्होंने कहा कि उस पर आखिर इतना बड़ा आरोप कैसे लगा यह तो ऊपर वाला ही जाने, लेकिन उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इनामुल ऐसी हरकत कर सकता है। हाफिज की पढ़ाई काजीमगहा जमुआ से भी वह पूरी कर सकता था, लेकिन उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। बाद में वह हाफिज की पढ़ाई के लिए ही देवबंद गया था। लाकडाउन में जब लौटा था, तो मस्जिद में पांच वक्त की नमाज भी पढ़ता था।

होली के बाद यूपी जाएंगे परिजन 
परिजन अब  इनामुल से मिलने उत्तर प्रदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं। इनामुल का बड़ा भाई सरताज बैंगलुरु से बुधवार रात निकल कर मामा के यहां दिल्ली जायेगा। वहां से होली के बाद यूपी जायेगा। पिता ने कहा कि अगर उनका बेटा दोषी है तो ऐसा बेटा नहीं चाहिए, लेकिन अगर दोषी नहीं है तो उसे बरी किया जाए। वह भी होली के बाद यूपी जाकर उससे मिलेंगे।
जामिया यूनिवर्सिटी में चाहता था पढ़ना

इनामुल 2018 में भागकर दिल्ली चला गया। वह जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहता था। दिल्ली में बिना टिकट यात्रा में पकड़ा गया। घरवालों ने छुड़वाकर उसे देवबंद मदरसा में करवाया था। डेढ़ साल तक वहां रहा। लाकडाउन में घर आया। आठ सितंबर, 2021 को फिर देवबंद गया। तब से वहीं था। यूपी एटीएस ने सोमवार को उसे गिरफ्तार किया था।