Jharkhand Film Festival Winners List: 'गुल्लक' और 'पैतकर' बनीं बेस्ट फिल्में, झारखंडी सिनेमा को मिला नया आसमान
रांची में आयोजित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026 का भव्य समापन हुआ। 84 फिल्मों के मूल्यांकन के बाद शॉर्ट फिल्म श्रेणी में 'गुल्लक' और डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में 'पैतकर' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा ने झारखंड की ब्रांडिंग में सिनेमा की भूमिका पर जोर दिया।
HighLights:
- रांची में तीन दिवसीय चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026 का हुआ भव्य समापन।
- 84 फिल्मों का ज्यूरी द्वारा मूल्यांकन, नए फिल्मकारों को मिला बड़ा मंच।
- शॉर्ट फिल्म श्रेणी में 'गुल्लक' और डॉक्यूमेंट्री में 'पैतकर' बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म।
- पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कलाकारों को किया सम्मानित।
- सरला बिरला विश्वविद्यालय में जल्द शुरू होगा फिल्म मेकिंग कोर्स।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की कला, संस्कृति और सिनेमा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए रांची स्थित सरला बिरला विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026 का रविवार को भव्य समापन हो गया। इस दौरान शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और कैंपस फिल्म श्रेणियों की कुल 84 फिल्मों का ज्यूरी द्वारा मूल्यांकन किया गया, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं ने अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।
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फिल्म महोत्सव में शॉर्ट फिल्म श्रेणी में निर्देशक विकास आर्यन की फिल्म 'गुल्लक' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में हेमंत मुखी और सौरभ सुमन झा की फिल्म 'पैतकर' ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि ऐसे मंच नए फिल्मकारों, युवा निर्देशकों और उभरती प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा।

वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के कलाकारों का राष्ट्रीय मंचों पर उभरना राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग कभी मुंबई के कलाकारों से प्रभावित होते थे, उसी तरह आने वाले समय में झारखंड के कलाकार भी अपनी पहचान बनाएंगे और इससे राज्य की ब्रांडिंग को नई दिशा मिलेगी।
पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक सिनेमा का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गणेश वंदना से हुई। इसके बाद मंच पर मुंडारी लोक नृत्य और 'ऑपरेशन सिंदूर' नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, सरला बिरला विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डा. सी. जगन्नाथ, डायरेक्टर जनरल डा. गोपाल पाठक सहित सिनेमा जगत से जुड़े कई निर्देशक, अभिनेता और कलाकार मौजूद रहे।
झारखंड में शुरू होगा फिल्म मेकिंग कोर्स
सरला बिरला विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल डॉ. गोपाल पाठक ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जल्द ही फिल्म मेकिंग की औपचारिक पढ़ाई शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिनेमा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से नए अवसर पैदा हो रहे हैं और झारखंड में इस क्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं।
वाइस चांसलर डॉ. सी. जगन्नाथ ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर राज्य है। यहां के जंगल, जलप्रपात, वन्यजीव अभयारण्य और पर्यटन स्थल फिल्म निर्माण के लिए आदर्श लोकेशन बन सकते हैं। उन्होंने युवा फिल्मकारों से झारखंड की खूबसूरती को दुनिया के सामने लाने की अपील की।
विजेताओं की पूरी सूची
लघु फिल्म श्रेणी
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (प्रथम): गुल्लक – निर्देशक विकास आर्यन
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (द्वितीय): कालसिला – निर्देशक राजेश केदार
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (तृतीय): इमरती – निर्देशक राजेश कुमार
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: विकास आर्यन (गुल्लक)
सर्वश्रेष्ठ कहानी: हेमंत मुखी (अलार्म)
सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी: रविशंकर बंधु (कालसिला)
सर्वश्रेष्ठ संपादक: सुरिंदर (उलझन)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष): रिंकू उरांव (टूटी उड़ान)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: काजल (दहाड़)
ज्यूरी अवार्ड
प्रेरणा – निर्देशक ज्योति लाल लोधी
माही – निर्देशक प्रवीण तिवारी
डॉक्यूमेंट्री फिल्म श्रेणी
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (प्रथम): पैतकर – निर्देशक हेमंत मुखी एवं सौरभ सुमन झा
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (द्वितीय): लड़ाई छोड़ब नाही – निर्देशक आस्था
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (तृतीय): लातेहार: पर्यटक की अनकही दास्तान – निर्देशक सैकत चट्टोपाध्याय
ज्यूरी अवार्ड
गेम्स ऑफ एंसेस्टर्स – निर्देशक कुणाल कुमार डे
रिबर्थ ऑफ कोबरा – निर्देशक नीतीश कुमार
कैंपस लघु फिल्म श्रेणी
प्रथम: पलायन – विवेक टिग्गा, अमेटी यूनिवर्सिटी, रांची
द्वितीय: बदलाव – अपराजिता राय, झारखंड फिल्म एंड ग्रेटर अकादमी, रांची
तृतीय: अधूरी उड़ान – शिल्पा महतो, श्रीनाथ यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर
कैंपस डॉक्यूमेंट्री श्रेणी
प्रथम: खामोश थाली – आकांक्षा सिंह, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड
द्वितीय: झरिया: द बर्निंग लैंड – रिशु राय और प्रीति तिवारी, बीबीएमकेयू धनबाद
तृतीय: एकल की छांव में – सौरभ कुमार, बीबीएमकेयू धनबाद
झारखंड में सिनेमा की नई पीढ़ी को मंच देने वाला यह फिल्म महोत्सव न केवल युवा फिल्मकारों के लिए प्रेरणा बना, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि राज्य की कहानियां और संस्कृति अब बड़े पर्दे पर अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।






