झारखंड: 5 लाख का इनामी रामदेव उरांव ने टेके घुटने! ‘झांगुर ग्रुप’ के सरगना समेत 3 कुख्यात अपराधियों का सरेंडर
रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 लाख के इनामी और ‘झांगुर ग्रुप’ के सरगना रामदेव उरांव समेत तीन कुख्यात अपराधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पर हत्या, रंगदारी, अपहरण समेत 29 संगीन मामले दर्ज हैं।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति और पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव का असर अब नक्सल और संगठित अपराधी गिरोहों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में शनिवार रात रांची और गुमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब कुख्यात संगठित अपराधी गिरोह ‘झांगुर ग्रुप’ के सरगना रामदेव उरांव समेत तीन सक्रिय अपराधियों ने संयुक्त पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
यह भी पढ़ें: धनबाद में ‘वर्चस्व की जंग’ से दहशत: 3 दिन में 3 गोलीबारी, मेयर बोले- बाघमारा बन गया नया हॉट स्पॉट
सबसे बड़ा नाम रामदेव उरांव का है, जिस पर झारखंड सरकार द्वारा पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, अवैध हथियार रखने, लूट और आपराधिक षड्यंत्र समेत कुल 29 संगीन मामले दर्ज हैं।
गुप्त सूचना के बाद एक्टिव हुई पुलिस, बॉर्डर पर की घेराबंदी
जानकारी के अनुसार 30 मई को रांची एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप का फरार सरगना अपने सहयोगियों के साथ रांची और गुमला जिले की सीमा के आसपास मौजूद है और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है।सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी के निर्देश पर बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसी दौरान गुमला पुलिस को भी समान सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद गुमला एसपी के निर्देश पर घाघरा थाना की टीम भी सक्रिय हुई। दोनों जिलों की संयुक्त पुलिस टीमों ने रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में घेराबंदी शुरू कर दी और लमकाना तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया।
पुलिस को देखते ही बदले सुर, मुख्यधारा में लौटने की जताई इच्छा
पुलिस के अनुसार जैसे ही संयुक्त टीम अपराधियों के करीब पहुंची, तीनों ने स्वयं को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताते हुए झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए बिना किसी विरोध के पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
इन तीन अपराधियों ने किया सरेंडर
रामदेव उरांव (47 वर्ष)- झांगुर ग्रुप का मुख्य सरगना- पांच लाख रुपये का इनामी अपराधी- हत्या, रंगदारी, अपहरण समेत 29 मामलों में आरोपी
प्रसाद उरांव (24 वर्ष)- झांगुर ग्रुप का सक्रिय सदस्य- देवरागानी गांव, बिशुनपुर थाना क्षेत्र, गुमला निवासी
सुबास उरांव (23 वर्ष)- झांगुर ग्रुप का सक्रिय सदस्य- देवरागानी गांव का निवासी-हथियार और कारतूस भी बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए। पुलिस के अनुसार बरामद सामान में शामिल हैं—
एक स्वचालित हथियार
एक एसएलआर रायफल
45 जिंदा कारतूस
दो मैगजीन
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन-किन घटनाओं में किया गया था।
संयुक्त अभियान में शामिल रहे कई अधिकारी
इस पूरे ऑपरेशन में बेड़ो डीएसपी दीपक Kumar, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेड़ो थाना प्रभारी मो. कफील अहमद, घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, विकास कुमार समेत रांची और गुमला जिला के सशस्त्र बल शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़ी सफलता मानी जा रही है और इससे क्षेत्र में सक्रिय अन्य अपराधियों पर भी दबाव बढ़ेगा।






