नीतीश कुमार को बड़ा झटका! केसी त्यागी ने छोड़ी जदयू, 22 मार्च को नई सियासी रणनीति का करेंगे खुलासा

जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता नवीनीकरण नहीं कर जदयू छोड़ दिया। राज्यसभा चुनाव में जीत के तुरंत बाद यह फैसला नीतीश कुमार के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।

नीतीश कुमार को बड़ा झटका! केसी त्यागी ने छोड़ी जदयू, 22 मार्च को नई सियासी रणनीति का करेंगे खुलासा
केसी त्यागी (फाइल फोटो)।

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): जेडीयू की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद K. C. Tyagi ने पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया है। उन्होंने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया और इस तरह औपचारिक रूप से Janata Dal (United) से अलग हो गये।

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यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में Nitish Kumar की पार्टी को सफलता मिली थी। जीत के तुरंत बाद त्यागी का यह कदम जदयू के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।

सदस्यता रिन्यू नहीं कर पार्टी से अलग हुए

केसी त्यागी ने एक लिखित बयान जारी कर कहा कि पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो चुका है और इस बार उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं।

त्यागी ने कहा, “जदयू का गठन 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था। उस समय George Fernandes इसके अध्यक्ष थे। मैंने महासचिव के रूप में उनके साथ काम किया। इसके बाद मैंने Sharad Yadav और नीतीश कुमार के साथ भी पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।” उन्होंने कहा कि पार्टी के मुख्य महासचिव, राष्ट्रीय प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार के रूप में उन्होंने लंबे समय तक सेवा दी है।

22 मार्च को बताएंगे आगे की रणनीति

केसी त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला करेंगे। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें उनके राजनीतिक सहयोगी और समर्थक देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि उसी बैठक में त्यागी अपनी नई राजनीतिक रणनीति या भविष्य की भूमिका का खुलासा कर सकते हैं।

दलितों और किसानों के मुद्दों पर जारी रहेगी राजनीति

त्यागी ने अपने बयान में कहा कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पहले की तरह ही बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि दलितों, किसानों, कृषि श्रमिकों और समाज के वंचित वर्गों के हितों के लिए वह आगे भी काम करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लगभग आधी सदी से राजनीतिक साथी रहे नीतीश कुमार के प्रति उनका व्यक्तिगत सम्मान पहले की तरह कायम रहेगा।

समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहने की बात

केसी त्यागी ने कहा कि उनकी राजनीति समाजवादी विचारधारा से प्रेरित रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि वह भारत रत्न Chaudhary Charan Singh, Ram Manohar Lohia और Karpoori Thakur के विचारों से प्रेरित होकर ही राजनीति करते रहेंगे।

पार्टी में पहले ही कम हो गई थी भूमिका

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से जदयू में केसी त्यागी की भूमिका कम होती जा रही थी। करीब एक साल पहले उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था। कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व ने उनके बयानों से दूरी भी बनाई थी। हाल ही में त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी, जिस पर पार्टी ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद से उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ने की चर्चा थी।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने के संकेत

सियासी गलियारों में चर्चा है कि जदयू छोड़ने के बाद केसी त्यागी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि उन्होंने अभी किसी नई पार्टी में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। अब सबकी नजर 22 मार्च को होने वाली बैठक पर टिकी है, जहां से उनके अगले राजनीतिक कदम का संकेत मिल सकता है।