- ईसीआर जीएम ने रेलवे कैरेज एंड वैगन डिपार्टमेंट की टीम को दिया15 हजार का ग्रुप अवार्ड
- धनबाद कोचिंग डिपो को मिलने वाला इस साल का यह तीसरा अवार्ड
धनबाद। ECR धनबाद रेल डिवीजन के धनबाद रेलवे स्टेशन के कोचिंग डिपो में Overcharge Protection Pneumatic Gadget डेवलप किया गया है। इससे ट्रेनों में ब्रेक बाइंडिंग यानी पहिये से धुआं निकलने की रोक लग सकेगी।

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धनबाद के कोचिंग डिपो अधिकारी मुकुंद बिहारी और उनकी टीम की ओर से डेवलप ओवरचार्ज प्रोटेक्शन न्यूमेटिक गैजेट इसीआर के सभी पांच रेल डिवीजनों ने अपना लिया है। अब देशभर में Overcharge Protection Pneumatic Gadget को धनबाद मॉडल के तौर पर अपनाया जायेगी। इसकी तैयारी चल रही है। दूसरे जोन के कई रेल डिवीजनों ने इसे अपना भी लिया है।
ओवरचार्ज प्रोटेक्शन न्यूमेटिक गैजेट
ट्रेनों में कई कारणों से आये दिन ब्रेक बाइंडिंग की समस्या आती रहती है। इसकी जांच और नियंत्रण के लिए ट्रेनों में ब्रेकिंग सिस्टम के ब्रेन माने जाने वाले डीवी की बारीकी से जांच की आवश्यकता होती है। इस जांच के लिए डीवी टेस्ट बेंच का होना जरूरी है। डीवी टेस्ट बेंच की कीमत 15 से 20 लाख रुपये तक है। कोचिंग डिपो में उपलब्ध सामानों से ही रेल स्टाफ ने मिलकर ओवरचार्ज प्रोटेक्शन न्यूमेटिक गैजेट डेवलप कर दिया। इसके डेवलप हो जाने से अब डीवी टेस्ट बेंच की आवश्यकता नहीं होगी।
रेलवे को अब तक दो करोड़ की बचत
धनबाद मॉडल पर इसीआर से सबी डिजीवीन के डिपो में ओवरचार्ज प्रोटेक्शन न्यूमेटिक गैजेट का यूज शुरू हो गया गई। इससे लगभग दो करोड़ की बचत हुई है। आपदा को अवसर में बदलने वाले रेलवे कैरेज एंड वैगन विभाग की टीम ईसीआर जीएम ललित चंद्र त्रिवेदी ने 15 हजार का ग्रुप अवार्ड दिया है। धनबाद कोचिंग डिपो को मिलने वाला इस साल का यह तीसरा अवार्ड है। इससे पहले यहां के स्टाफ ने कबाड़ से फाइटर प्लेन समेत अन्य मॉडल और बेकार पड़ी वस्तुओं से थर्मल स्कैनर तैयार कर जीएम अवार्ड हासिल किया था।
टीम में शामिल रेलवे स्टाफ:सीनियर डीएमई (कोचिंग) अभिनव कुमार राय, कोचिंग डिपो अफसर मुकुंद बिहारी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरके दत्ता।