पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर थाना प्रभारी और दारोगा सस्पेंड

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सूचना के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने पर चित्रगुप्त नगर की थानेदार और कदमकुआं के दारोगा को सस्पेंड किया गया है। एफएसएल रिपोर्ट में यौन हिंसा के संकेत मिलने के बाद SIT की जांच तेज हो गई है।

पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर थाना प्रभारी और दारोगा सस्पेंड
पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर।

पटना। बिहार की राजधानी पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। लापरवाही के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के दारोगा हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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पटना एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जांच प्रभावित हुई।

शुरुआत में गंभीर चूक, जांच हुई प्रभावित

प्रशासनिक समीक्षा में यह सामने आया कि घटना के बाद तीन दिनों तक न तो हॉस्टल सील किया गया, न ही छात्रा का कमरा, बिस्तर या कपड़े सुरक्षित किए गए। इतना ही नहीं, प्रारंभिक स्तर पर वरीय अधिकारियों को भी सही जानकारी नहीं दी गई। इस लापरवाही के कारण मामले की जांच में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हुईं।

अंडर गारमेंट्स से मेल स्पर्म मिले

सोशल मीडिया कोषांग, वरीय पुलिस अधीक्षक का कार्यालय पटना द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 14/26 के संदर्भ में यह सूचित किया जाता है कि मृतका के परिजनों द्वारा दिनांक 10.01.26 को मृतका के कुछ वस्त्र पुलिस को उपलब्ध कराये गये थे, जिन्हें विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए जब्त किया गया तथा परीक्षण हेतु एफएसएल भेजा गया था। एफएसएल द्वारा किये गये परीक्षण के क्रम में, कथित रूप से घटना के समय पहने गए एक अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष प्राप्त हुए हैं। एफएसएल द्वारा इसकी डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है।तदनुसार, अग्रतर अनुसंधान के क्रम में गिरफ्तार किये गये अभियुक्त के साथ-साथ SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के डीएनए से मिलान किया जायेगा।

एफएसएल रिपोर्ट से बढ़ी मामले की गंभीरता

शनिवार को मामले में दो बड़े खुलासे हुए। पहला, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की बायोलॉजिकल रिपोर्ट में छात्रा के अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है। अब इन सैंपलों का डीएनए मिलान गिरफ्तार आरोपियों और SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्धों से किया जायेगा।

एम्स डॉक्टरों ने अधूरे दस्तावेजों पर उठाये सवाल

दूसरा बड़ा खुलासा पटना एम्स के फॉरेंसिक विभाग के HOD डॉ. विनय कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि छात्रा की मौत की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित की गई थी, लेकिन SIT द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज अधूरे थे, जिससे जांच में देरी हो रही है। पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद मेडिकल बोर्ड सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करेगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले ही यौन हिंसा की आशंका

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि छात्रा के साथ यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद शुरुआती जांच में इस पहलू को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

SIT की जांच पटना से जहानाबाद तक फैली

आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में गठित SIT ने अब तक:

100 से अधिक लोगों से पूछताछ

65 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज की जांच

हॉस्टल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन की गतिविधियों का विश्लेषण

छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री और नींद की दवा की खरीद की जांच

जांच टीम छात्रा के गांव जहानाबाद भी जाकर हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।

राजनीति भी गरमाई

इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है।

क्या है पूरा घटनाक्रम (संक्षेप में)

5 जनवरी: छात्रा जहानाबाद से पटना लौटी

6 जनवरी: हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली

11 जनवरी: इलाज के दौरान मौत

12 जनवरी: मेडिकल बोर्ड गठित, पोस्टमार्टम

15 जनवरी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर संकेत

16 जनवरी: SIT का गठन

अब: दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

जांच निर्णायक मोड़ पर

पटना में हॉस्टल, अस्पताल के बाद कैसे पुलिस की जांच की दिशा जहानाबाद तक पहुंची? और अबतक जब्त की गई सीसीटीवी फुटेज भी जुटाया गया है।एफएसएल रिपोर्ट आनेके बाद इस केस मेंजांच की दिशा बदल सकती है। रेप का आरोप साबित हुआ तो पुलिस मौत को हत्या मानकर छानबीन कर सकती है। हलांकि, परिजन शुरू सेही इसेरेप मर्डर बता रहेहैं। डीजीपी के आदेश पर पटना आईजी के
नेतृत्व वाली स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम(एसआईटी) इस कांड की जांच कर रही है। दिन बीतनेके साथ इस मामले में नये-नये खुलासे हो रहे हैं।