गिरिडीह में अश्लील वीडियो रैकेट का भंडाफोड़: टेलीग्राम से बेचते थे नाबालिग के वीडियो, CID ने दबोचे दो आरोपी
गिरिडीह में रांची CID की साइबर टीम ने अश्लील वीडियो बेचने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो बेचते थे। मामले में IT Act और POCSO Act के तहत केस दर्ज किया गया है।
- हैदराबाद से झारखंड तक जुड़ी कड़ी,
- ऑनलाइन अश्लील वीडियो बेचने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश
- गिरिडीह से दो युवक गिरफ्तार
गिरिडीह (Threesocieties.com Desk): झारखंड के गिरिडीह जिले में नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो बेचने वाले एक संगठित साइबर नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। रांची CID की विशेष साइबर टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर जिले के कोलडीहा इलाके में छापेमारी कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद साइबर अपराध और ऑनलाइन अश्लील सामग्री के अवैध कारोबार को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हसन राजा और वहाब अंसारी के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे टेलीग्राम समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो बेचने वाले नेटवर्क से जुड़े हुए थे। टेलीग्राम एप पर ओमान, बांग्लादेश व संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों को भी बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री की खरीद-बिक्री मामले में सीआईडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने गिरिडीह से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी जांच में आनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज से संबंधित सामग्री मिली है।छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, डिजिटल स्टोरेज सामग्री और अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए हैं। इन सभी उपकरणों को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
जांच में टेलीग्राम चैनल व ग्रुप की पहचान
गुप्त सूचना पर साइबर अपराध थाने की पुलिस ने 30 मार्च 2026 को कांड संख्या 41/26 में यह प्राथमिकी दर्ज की थी। यह प्राथमिकी ऑनलाइन बाल यौन शोषण व अब्यूज मेटेरियल के अवैध प्रसार व विक्रय से संबंधित थी। जांच के दौरान कई टेलीग्राम चैनल व ग्रुप की पहचान की गई है। इनमें उपरोक्त आरोपित सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़े हुए थे तथा आपत्तिजनक सामग्री का आदान-प्रदान एवं प्रसार कर रहे थे। अनुसंधान में यह भी सामने आया कि इन आरोपितों का एक बड़ा समूह है, जिसमें देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से सहयोगी जुड़े हैं। ये देश के विभिन्न हिस्सों से बाल यौन शोषण से संबंधित अश्लील वीडियो, फोटो आदि टेलीग्राम एप पर मंगाते थे, उसकी क्लाउड स्टोरेज करते थे। इसी समूह के माध्यम से ग्राहक तलाशते थे, क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे मंगाते थे और उन्हें क्लाउड एक्सेस की सुविधा देते थे।
साइबर अपराध थाने की पुलिस ने इनके बैंक खातों को भी तलाशा है, जिसमें अवैध तरीके से राशि आने के सबूत मिले हैं। आपत्तिजनक अश्लील सामग्री ओमान, बांग्लादेश व संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों को भी ऑनलाइन माध्यम से बेचा गया था। अब पुलिस आपत्तिजनक सामग्री के स्रोत को भी खंगाल रही है।
पुलिस की आम नागरिक से अपील
झारखंड पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी होने पर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के वीमेन एंड चाइल्ड सेक्शन में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत वीमेन एंड चाइल्ड अभियान के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है।
हैदराबाद से शुरू हुई जांच, झारखंड तक पहुंची कड़ी
सूत्रों के मुताबिक इस मामले की शुरुआत हैदराबाद पुलिस की साइबर सेल जांच से हुई थी। वहां जांच के दौरान एक नाबालिग लड़की का आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुआ। डिजिटल ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण में यह सामने आया कि वीडियो का लिंक झारखंड से जुड़ा हुआ है। इसके बाद मामला रांची CID को ट्रांसफर किया गया। CID ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरिडीह तक पहुंचकर कार्रवाई की।
टेलीग्राम चैनल बनाकर बेचते थे वीडियो
जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी टेलीग्राम पर विशेष चैनल बनाकर ग्राहकों को जोड़ते थे और वहां अश्लील वीडियो साझा किए जाते थे। कुछ वेबसाइट्स और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है।साइबर जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है। अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
IT Act और POCSO Act के तहत केस दर्ज
CID अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों से रांची में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा वीडियो कहां से तैयार किए जा रहे थे और किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर बेचे जा रहे थे।






