झारखंड: हिमांशु सिंह हत्याकांड पर CM हेमंत का बड़ा एक्शन: जमशेदपुर SSP और सरायकेला SP हटाए गए
जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए जमशेदपुर SSP पीयूष पांडे और सरायकेला SP निधि द्विवेदी को हटा दिया है। मामले की जांच और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
HighLights:
- करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन।
- जमशेदपुर SSP पीयूष पांडे और सरायकेला SP निधि द्विवेदी को पद से हटाया गया।
- दोनों अधिकारी पति-पत्नी हैं, पुलिस मुख्यालय से किया गया अटैच।
- CID ADG, DIG और कमिश्नर को जमशेदपुर में कैंप करने का निर्देश।
- छेड़खानी का विरोध करने पर हुई थी हिमांशु सिंह की हत्या।
- पुलिस की मौजूदगी में हमलावरों ने किया था जानलेवा हमला।
रांची(Threesocieties.com Desk): झारखंड के जमशेदपुर के बिष्टुपुर पुलिस स्टेशन एरिया में डीडी क्लब के बाहर हुई सनसनीखेज चाकूबाजी और करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है।
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पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का निर्णय मैंने लिया है।…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 30, 2026
सरकार की इस का र्रवाई को राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। खास बात यह है कि हटाए गए दोनों IPS अधिकारी पति-पत्नी हैं और राज्य के चर्चित प्रशासनिक दंपतियों में शामिल रहे हैं।
तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे मैदान में उतार दिया है। सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) मनोज कौशिक, कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा तथा कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त को जमशेदपुर में कैंप करने का निर्देश दिया गया है। इन अधिकारियों को घटनाक्रम की लगातार निगरानी करने, जांच की प्रगति पर नजर रखने और क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना 27 जून की रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी क्लब में शुरू हुई थी। जानकारी के अनुसार, करणी सेना नेता 24 वर्षीय हिमांशु सिंह अपने मित्र प्रत्युष सिंह के साथ क्लब में मौजूद थे। इसी दौरान कुछ युवकों द्वारा एक महिला के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और छेड़खानी की जा रही थी। हिमांशु सिंह ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख क्लब के बाउंसर्स ने दोनों गुटों को बाहर निकाल दिया।
पुलिस के सामने हुआ हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्लब से बाहर निकलते ही आरोपियों ने हिमांशु सिंह और उनके दोस्त प्रत्युष सिंह पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद हमलावरों ने धारदार चाकू निकालकर दोनों पर ताबड़तोड़ वार किए। जान बचाने के लिए हिमांशु सिंह मौके पर मौजूद पुलिस की पीसीआर वैन में घुस गए, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस की मौजूदगी में ही उन्हें वाहन से बाहर खींच लिया और चाकू से हमला जारी रखा। इस घटना ने पुलिस की भूमिका और तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाज के दौरान हुई मौत
गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, उनके मित्र प्रत्युष सिंह की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता रेफर किया गया है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
जमशेदपुर की इस घटना ने न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती हैं।






