TCS नासिक मतांतरण और यौन उत्पीड़न कांड में फरार निदा खान का सुराग नहीं, पति के बदलते बयान से पुलिस परेशान

TCS नासिक कांड में जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरी निदा खान एक हफ्ते से फरार है। पति के बदलते बयान से पुलिस जांच भटक रही है, जबकि कंपनी ने आंतरिक शिकायतों से इनकार किया है।

TCS नासिक मतांतरण और यौन उत्पीड़न कांड में फरार निदा खान का सुराग नहीं, पति के बदलते बयान से पुलिस परेशान
निदा खान व टीसीएस ऑफिस (फाइल फोटो)।
  • ‘प्रेग्नेंसी’ आधार पर अग्रिम जमानत की तैयारी

मुबई (Threesocieties.com Desk): टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में कथित जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में घिरी निदा खान पिछले एक हफ्ते से फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

यह भी पढ़ें: झारखंड: 46 IPS अफसरों का ट्रांसफर, 11 जिलों के SP बदले, पुलिस मुख्यालय ने मूवमेंट ऑर्डर जारी किया

जांच को सबसे ज्यादा उलझा रहा है उसके पति का रवैया—जो बार-बार अपने बयान बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहा है। अब तक इस मामले में लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफ़ी शेख, आसिफ आफ़ताब अंसारी और सिस्टेंट जनरल मैनेजर Ashwini Ashok Chainani है। मास्टरमाइंड निदा खान को ‘लेडी कैप्टन’ कहा जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं से दोस्ती की, उन्हें सहज महसूस कराया और फिर धीरे-धीरे उन्हें नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया। 

 पति के बदलते बयान से उलझी जांच

पुलिस पूछताछ में पहले पति ने दावा किया कि निदा 14 अप्रैल को घर छोड़कर एक रिश्तेदार के यहां रह रही है। लेकिन जब पुलिस उस पते पर पहुंची, तो घर पर ताला लटका मिला और मोबाइल फोन भी बंद पाए गए। बाद में उसने नया बयान देते हुए कहा कि उसकी मौसी उसे नासिक लेकर गई थी। फिलहाल, पति ने खुद ही कहा कि उसे निदा के वर्तमान ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है—जिससे पुलिस को शक और गहरा गया है।

 आखिर कहां छिपी है निदा खान?

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने ठाणे, नासिक और आसपास के कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी।करीब 20 दिनों से ज्यादा समय से फरार चल रही निदा का मोबाइल लगातार बंद है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना भी मुश्किल हो गया है।

 ‘प्रेग्नेंसी कार्ड’ के सहारे अग्रिम जमानत की कोशिश

इस बीच, निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी दांव चलना शुरू कर दिया है। वह गर्भवती होने का हवाला देकर अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर रही है। उसके वकील के मुताबिक, जल्द ही अदालत में आवेदन पेश किया जाएगा।
 TCS का बड़ा बयान—‘कोई शिकायत नहीं, HR हेड भी नहीं’

मामले की गंभीरता के बीच Tata Consultancy Services (TCS) ने भी अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि उसे इस मामले में कोई आंतरिक शिकायत नहीं मिली है। निदा खान HR हेड नहीं, बल्कि प्रोसेस एसोसिएट थी।  जांच के लिए निगरानी समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री करेंगे।

सात गिरफ्तार, लेकिन मुख्य आरोपी फरार

अब तक इस केस में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।लेकिन मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। मामले में पीड़ित और महिलाएं सामने आयी है।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी

सात और महिलाओं ने भी उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं। आरोप है कि 2022 से 2026 के बीच मानसिक और यौन शोषण हुआ है। HR विभाग पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप है।

संगठित गिरोह की आशंका

जांच एजेंसियों को शक है कि कंपनी के भीतर एक संगठित नेटवर्क बनाकर ये गतिविधियां चलाई जा रही थीं। निदा खान कथित तौर पर आरोपियों और पीड़ितों के बीच संपर्क स्थापित करने में सक्रिय थी।

TCS 'धर्मांतरण' और यौन उत्पीड़न मामला
यह मामला तब सामने आया, जब TCS में काम करने वाली एक महिला ने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर आरोप लगाया कि उसने 2022 में शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा था। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, निदा खान दानिश शेख की बहन है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं और अपना धर्म बदलने का दबाव बनाने की कोशिश की। इसके अलावा, यह भी आरोप है कि निदा खान और एक अन्य व्यक्ति, तौसीफ अख्तर ने शिकायतकर्ता से यह बात छिपाई कि दानिश शेख पहले से ही शादीशुदा था। जैसे ही पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की, सात और महिलाएं सामने आईं। उन्होंने दावा किया कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया था और डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। कथित तौर पर ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच घटित हुईं।