झारखंड में डेंटल शिक्षा का नया दौर: रिम्स डेंटल कॉलेज में शुरू होगी MDS की पढ़ाई, 27 PG सीटों को केंद्र की मंजूरी

रिम्स डेंटल कॉलेज, रांची को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से MDS कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल गई है। केंद्र सरकार ने 9 विभागों में 27 PG सीटों को मंजूरी दी है, जिससे झारखंड के छात्रों को राज्य में ही विशेषज्ञ डेंटल शिक्षा मिलेगी।

झारखंड में डेंटल शिक्षा का नया दौर: रिम्स डेंटल कॉलेज में शुरू होगी MDS की पढ़ाई, 27 PG सीटों को केंद्र की मंजूरी
रिम्स मेडिकल कॉलेज (फाइल फोटो)।
  • अब झारखंड के छात्रों को MDS के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
  • रिम्स रांची के 9 विभागों में 27 सीटों पर होगी पढ़ाई

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। अब रांची स्थित रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) के डेंटल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट यानी MDS (मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी) की पढ़ाई शुरू होगी। केंद्र सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से MDS कोर्स संचालित करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।

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भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के डेंटल एजुकेशन सेक्शन द्वारा जारी अनुमति पत्र के अनुसार, रिम्स डेंटल कॉलेज के 9 विभागों में कुल 27 सीटों पर MDS की पढ़ाई शुरू की जाएगी। प्रत्येक विभाग में 3-3 सीटें स्वीकृत की गई हैं। यह मंजूरी लंबे इंतजार, लगातार निरीक्षण और दो वर्षों की तैयारी के बाद मिली है। कॉलेज प्रशासन ने आवश्यक फैकल्टी, क्लीनिकल सुविधाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर और दस्तावेजी मानकों को पूरा करने के बाद यह उपलब्धि हासिल की है।

अब BDS के साथ-साथ MDS की भी होगी पढ़ाई

डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने इसे संस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से MDS कोर्स शुरू करने की कोशिश चल रही थी और अब केंद्र की मंजूरी मिलने से रिम्स की शैक्षणिक पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले BDS सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 63 की गई थी। अब स्नातक (BDS) के साथ-साथ स्नातकोत्तर (MDS) शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से राज्य के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार और डेंटल कॉलेज प्रशासन के लगातार प्रयासों को भी इस सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा

अब तक झारखंड के विद्यार्थियों को MDS की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों या निजी कॉलेजों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाता था। लेकिन अब राज्य के भीतर ही विशेषज्ञ डेंटल शिक्षा उपलब्ध होने से छात्रों को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रतिस्पर्धी और बेहतर शैक्षणिक माहौल भी मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि MDS कोर्स शुरू होने से: छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा, आर्थिक बोझ कम होगा, विशेषज्ञ डॉक्टर राज्य में ही तैयार होंगे, डेंटल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत होंगी व 
क्लीनिकल रिसर्च और इलाज में भी होगा बड़ा सुधार। MDS की पढ़ाई केवल उच्च शिक्षा नहीं, बल्कि डेंटल क्षेत्र में विशेषज्ञता की पहचान मानी जाती है।

MDS डिग्री धारक डॉक्टर किसी विशेष शाखा जैसे: ऑर्थोडॉन्टिक्स, ओरल सर्जरी, पीरियोडॉन्टिक्स, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री, एंडोडॉन्टिक्स
पीडियाट्रिक डेंटिस्ट्री जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ बनते हैं। इससे रिम्स में क्लीनिकल रिसर्च, नई तकनीक, आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ फैकल्टी की संख्या बढ़ेगी। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी सरकारी संस्थान में बेहतर और विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा।

हर विभाग में 3 सीटें, कुल 27 सीटों की मंजूरी

केंद्र सरकार द्वारा जारी अनुमति पत्र के अनुसार निम्नलिखित विभागों में MDS सीटें स्वीकृत हुई हैं:

विभाग                                                                                                             सीटें
ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी                                                                            3
ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजी एंड ओरल माइक्रोबायोलॉजी                             3
ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी                                                                        3
प्रोस्थोडॉन्टिक्स एंड क्राउन एंड ब्रिज                                                                        3
पीरियोडॉन्टोलॉजी                                                                                               3
कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडॉन्टिक्स                                                                      3
पीडियाट्रिक एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री                                                                          3
ऑर्थोडॉन्टिक्स एंड डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स                                                         3
पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री                                                                                         3

क्यों महत्वपूर्ण है यह मंजूरी?

सरकारी संस्थान में MDS सीट मिलना केवल एक कोर्स की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे राज्य की डेंटल शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का संकेत है। इससे: कॉलेज की रैंकिंग बढ़ेगी, रिसर्च प्रोजेक्ट्स आएंगे, राष्ट्रीय स्तर के । शिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे, विशेषज्ञ फैकल्टी आकर्षित होंगी
जूनियर डॉक्टरों और BDS छात्रों को बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा

रिम्स प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान पूर्वी भारत के प्रमुख डेंटल प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल हो सकता है।

झारखंड की डेंटल शिक्षा में बड़ा बदलाव

अब तक झारखंड में किसी भी सरकारी डेंटल कॉलेज में PG सीटें नहीं थीं। ऐसे में रिम्स डेंटल कॉलेज में MDS कोर्स की शुरुआत राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यह फैसला न केवल छात्रों के भविष्य को मजबूत करेगा, बल्कि झारखंड में डेंटल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को भी बेहतर बनाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम राज्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।