Adani Group: अडानी एंटरप्राइजेज ने कैंसिल किया 20 हजार करोड़ का FPO, investors का पैसा होगा वापस

अडानी एंटरप्राइजेज ने बुधवार को अपने फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग (FPO) को कैंसिल कर दिया है। कंपनी अब अपने सभी investors को पैसा लौटायेगी। यह जानकारी अडानी एंटरप्राइजेज ने प्रेस रिलीज जारी कर दी है। 

Adani Group: अडानी एंटरप्राइजेज ने कैंसिल किया 20 हजार करोड़ का FPO, investors का पैसा होगा वापस

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नई दिल्ली। अडानी एंटरप्राइजेज ने बुधवार को अपने फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग (FPO) को कैंसिल कर दिया है। कंपनी अब अपने सभी investors को पैसा लौटायेगी। यह जानकारी अडानी एंटरप्राइजेज ने प्रेस रिलीज जारी कर दी है। 

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प्रेस रिलीज में कहा गया है कि वो 20 हजार करोड़ के अपने FPO को वापस ले रहे है। investors को पैसा जल्द ही लौटाया जाएगा। गौतम अडानी की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने 27 जनवरी को 20 हजार करोड़ जुटाने के लिए एफपीओ जारी किया था। कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दे दी गई है। इस जानकारी में बताया गया है कि एक फरवरी को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक हुई,जिसमें शेलर सेल को वापस लेने का फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा है कि वो निवेशकों के पैसे को वापस कर देगी।

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि हमें एफपीओ का पूरा सब्सक्रिप्शन मिला। इसके लिए हम निवेशकों के आभारी है। बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बोर्ड ने इस एफपीओ को कैंसिल करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हमने शेयर बाजार में जारी हलचल को देखते हुए निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया है। एफपीओ से प्राप्त रकम को हम वापस करने जा रहे है। कंपनी ने अपने बयान में कहा, "कंपनी के निदेशक मंडल ने एक फरवरी 2023 को हुई अपनी बैठक में अपने ग्राहकों के हित में 20,000 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों के आगे के सार्वजनिक प्रस्ताव (एफपीओ) के साथ आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है।" कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है।

बाजार स्थिर होने पर होगा पूंजी का समीक्षा
गौतम अडानी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि मजबूत नकदी प्रवाह और सुरक्षित संपत्ति के साथ हमारी बैलेंस शीट बहुत स्वस्थ है। हमारे पास अपने लोन को चुकाने का एक त्रुटिहीन ट्रैक रिकॉर्ड है। कंपनी के इस निर्णय से हमारे मौजूदा संचालन और भविष्य की किसी भी योजनाओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम दीर्घकालिन मूल्य पर अपना ध्यान केंद्रीत करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि एक बार बाजार स्थिर होने के बाद हम अपनी पूंजी बाजार का रणनीति समीक्षा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हमें पूरे भरोसा है कि इस मामले पर आपका समर्थन मिलता रहेगा। हम पर आपके विश्वास के लिए धन्यवाद।

अडानी एंटरप्राइजेज ने की थी 4.55 करोड़ शेयरों की बिडिंग 
अडानी एंटरप्राइजेज ने 4.55 करोड़ शेयरों की बिडिंग की थी। तीसरे दिन एफपीओ को जबरदस्त रिस्पांस मिला। 4.62 करोड़ शेयरों की बोली लगी। खुदरा निवेशकों का इस एफपीओ में खास रुझान नहीं दिखा, जिसकी वजह इसकी प्राइस बैंड थी। वहीं एंजल निवेशकों से खूब उत्साह दिखाया। अडानी एंटरप्राइजेज के 20 हजार करोड़ रुपये के इस एफपीओ को फुल सब्सक्रिप्शन मिली। बोली के आखिरी दिन जबरदस्त रिस्पांस मिला। 31 जनवरी को एफपीओ का सब्सक्रिप्शन बंद हुआ।एक फरवरी को इसके कैंसिल होने की खबर आ गई। अचानक से लिये गये इस फैसले को लेकर हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जोड़कर देख रहे हैं। अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ठीक उसी वक्त आई, जब अडानी ग्रुप ने अपना एफपीओ लॉन्च किया। शॉर्ट सेलर कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि अडानी की कंपनियां कर्ज के बोझ तले दबी है। उनके शेयरों के दाम ओवरप्राइस है। कंपनी ने 88 सवाल पूछे। इस रिपोर्ट के आने के बाद से अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर गिरने लगे। 
निवेशकों के भरोसे के रूप में देखा गया
अडानी ग्रुप ने अडानी एंटरप्राइजेज के लिए शेयर की बिक्री कर निवेशकों से समर्थन जुटाया था, जिसको अडानी ग्रुप पर आये संकट के समय में निवेशकों के भरोसे की मूहर के रूप में देखा गया था। हालांकि अडानी ग्रुप के शेयरों और बांडों में बिकवाली बुधवार को फिर से शुरू हो गई। इस दौरान अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 28 प्रतिशत और अडानी पोर्टस एवं विशेष आर्थिक क्षेत्र में 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।