बिहार: मोकामा महादंगल में गूंजा भारत का डंका: अनंत सिंह के मंच पर ईरानी पहलवानों की हार

मोकामा के नदावां गांव में अनंत सिंह के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय महादंगल में भारतीय पहलवानों का दबदबा रहा। ईरानी खिलाड़ियों को हराकर ट्रॉफी जीती गई, 101 पहलवानों में 51 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित हुई।

बिहार: मोकामा महादंगल में गूंजा भारत का डंका: अनंत सिंह के मंच पर ईरानी पहलवानों की हार
अनंत सिंह के अखाड़े में उमड़ा जनसैलाब।
  • 101 खिलाड़ियों में बंटे 51 लाख के पुरस्कार
  • ईरानी पहलवान 3 बार हारा
  • जॉर्जिया के खिलाड़ी ने दिल्ली के रोहित को दी मात

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार के मोकामा स्थित नदावां गांव में जेडीयू एमएलए अनंत सिंह की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय महादंगल में भारतीय पहलवानों ने अपना दमखम दिखाते हुए देश का परचम लहराया। ‘बिहार केसरी’ स्वर्गीय विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित इस भव्य दंगल में देश-विदेश के 101 पहलवानों ने हिस्सा लिया और कुल 51 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

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भारतीय पहलवानों का दबदबा, ईरान को दी करारी शिकस्त

महादंगल में भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान से आए पहलवानों को लगातार मात दी। तीन अलग-अलग मुकाबलों में ईरानी खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा। अखाड़े में भारतीय दांव-पेंच और आत्मविश्वास ने विदेशी खिलाड़ियों को टिकने का मौका नहीं दिया। दर्शकों ने हर जीत पर तालियों और नारों से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया, जिससे पूरे आयोजन में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।

शिवा पहलवान का जलवा, हामिद-जलाल पर भारी

महाराष्ट्र के शिवा पहलवान ने ईरान के हामिद और जलाल को हराकर दंगल में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां दोनों पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंत में शिवा के सटीक दांव ने उन्हें विजेता बना दिया।

जॉन्टी गुर्जर और कलुआ ने भी दिखाया दम

दिल्ली के जॉन्टी गुर्जर ने ईरान के इरफान को पटखनी देकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। वहीं कलुआ पहलवान ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विदेशी खिलाड़ी को मात दी। हर मुकाबले में भारतीय पहलवानों का दबदबा साफ नजर आया।

जॉर्जिया के टेडडो ने रोहित को दी कड़ी टक्कर

अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जॉर्जिया के टेडडो ने दिल्ली के रोहित पहलवान को बेहद करीबी मुकाबले में एक अंक से हराया। यह फाइट दंगल की सबसे रोमांचक कुश्तियों में से एक रही, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

विजेताओं पर हुई इनामों की बारिश

दंगल के विजेताओं को एक-एक लाख रुपये नकद, ट्रॉफी और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। कुल 51 लाख रुपये की पुरस्कार राशि खिलाड़ियों में बांटी गई। पुरस्कार वितरण के दौरान मैदान तालियों से गूंज उठा।

अनंत सिंह की मौजूदगी बनी आकर्षण

इस भव्य आयोजन में अनंत सिंह खुद अपने बेटे अभिनव सिंह के साथ मौजूद रहे। सिर पर साफा बांधकर उन्होंने अखाड़े का दौरा किया और मुकाबलों का आनंद लिया। कई दर्शक कुश्ती के साथ-साथ उन्हें देखने के लिए भी पहुंचे थे।

गुंजन सिंह के गानों पर झूमे लोग

कार्यक्रम में भोजपुरी गायक गुंजन सिंह ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को और जोशीला बना दिया। उनके लोकप्रिय गीतों पर दर्शकों ने जमकर ठुमके लगाए और गमछा लहराकर उत्सव का आनंद लिया।

हजारों दर्शकों की मौजूदगी, बना ऐतिहासिक आयोजन

हजारों दर्शकों की भीड़ ने इस महादंगल को ऐतिहासिक बना दिया। बाहर से आए लोगों के लिए विशेष खानपान की व्यवस्था भी की गई थी। हर मुकाबले पर दर्शकों का उत्साह देखने लायक था।

 जेल से रिहाई के बाद पहला बड़ा आयोजन

हाल ही में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए अनंत सिंह के लिए यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था। इस वजह से भी यह आयोजन खास चर्चा में रहा।

 विवेका पहलवान को दी गई श्रद्धांजलि

यह महादंगल ‘बिहार केसरी’ स्वर्गीय विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया। वे अपने अनुशासन और कठिन अभ्यास के लिए जाने जाते थे। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर यह आयोजन कुश्ती परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश देता है। विवेका पहलवान ‘बिहार केसरी’ का खिताब जीत चुके थे। वे अपनी कड़ी मेहनत व अनुशासन के लिए जाने जाते थे। विवेका पहलवान के भाई अरविंद पहलवान के अनुसार, वे रोजाना 5 लीटर दूध पीते थे, हजारों दंड-बैठक लगाते थे और करीब 10 किलोमीटर दौड़ते थे।

पारंपरिक कुश्ती को मिला नया मंच

नदावां का यह अंतरराष्ट्रीय महादंगल सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और खेल भावना का संगम बन गया। इसने ग्रामीण खेलों को नई पहचान दी और युवाओं को कुश्ती की ओर प्रेरित किया। ऐसे आयोजन भविष्य में भारतीय कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

भव्य अंतरराष्ट्रीय महादंगल में अनंत सिंह की मौजूदगी बनी आकर्षण
दंगल देखने के लिए विधायक अनंत सिंह अपने छोटे बेटे अभिनव सिंह के साथ पहुंचे। उन्होंने सिर पर साफा बांध रखा था। वे अखाड़े के चारों ओर घूम-घूमकर मुकाबले का आनंद ले रहे थे। लोकल लोगों का कहना था कि कई लोग कुश्ती से ज्यादा अनंत सिंह को देखने के लिए पहुंचे थे।अनंत सिंह अपने राजसी अंदाज में अपने पीछे छतरी लिए पूरे अखाड़े का चक्कर लगाते रहे। लोग अखाड़े से ज्यादा अपने बीच छोटे सरकार को देखने के लिए उत्साहित दिखे।

गुंजन सिंह के गानों पर झूमते रहे लोग
कार्यक्रम में भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह भी पहुंचे. उनके गानों पर अनंत सिंह समेत दर्शक झूम उठे। गुंजन सिंह के लोकप्रिय गीत ‘देखने में तुमको भले गंवार लगते हैं…’ पर लोगों ने गमछा लहराकर माहौल को और भी जोशीला बना दिया। दंगल में गुंजन सिंहने अपने हिट भोजपुरी गानों से माहौल बना दिया। गमछा वाला गाना बजते ही अनंत सिंह भी झूम उठे। दंगल देखने के लिए हजारों लोग मैदान में मौजूद रहे। बाहर से आए दर्शकों के लिए खाने-पीने की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिससे आयोजन और भव्य बन गया।

महादंगल के लिए अखाड़ा तैयार करने में लग गए सात दिन
नदवां गांव में महादंगल के लिए अखाड़ा बनाने में आयोजकों को सात दिनों का समय लगा। अखाड़े को लेकर 10 बीघा जमीन को जेसीबी से साफ कर समतल किया गया। इसके बाद 5 फीट मिट्टी डालकर ऊंचा अखाड़ा बनाया गया। इसमें खास पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।नदवां गांव में मां ब्राह्मणी स्थान के पास से विशेष लाल मिट्टी मंगाई गई। मिट्टी नरम करने के लिए लगातार फावड़े से खोद कर उसमें 200 किलोग्राम हल्दी, 25 टीन राई का तेल और कई किलो नीम की पत्तियां मिलाई गईं। ताकि नरम मिट्टी में पहलवानों को चोट ना लगे और दाव पेंच की पकड़ बनी रहे।