CISF का 'जीरो कोल लीकेज' ऑपरेशन: झारखंड-बंगाल में 428 टन अवैध कोयला जब्त, धनबाद में सबसे बड़ी कार्रवाई

CISF ने MMDR एक्ट के तहत झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 428.34 मीट्रिक टन कोयला, हाइवा ट्रक, 13 मोटरसाइकिलें और अन्य उपकरण जब्त किए। धनबाद के BCCL क्षेत्र में सबसे बड़ी रिकवरी हुई।

CISF का 'जीरो कोल लीकेज' ऑपरेशन: झारखंड-बंगाल में 428 टन अवैध कोयला जब्त, धनबाद में सबसे बड़ी कार्रवाई
झारखंड में कोयला चोरों पर CISF का शिकंजा।

       HighLights:

  • 4 से 8 जुलाई के बीच झारखंड और पश्चिम बंगाल में विशेष अभियान
  • 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त,चार FIR दर्ज कई आरोपी गिरफ्तार
  • धनबाद(BCCL) में 31.54 मीट्रिक टन कोयले की सबसे बड़ी बरामदगी
  • CCL पिपरवार में अवैध कोयला लदा हाइवा ट्रक जब्त
  • 13 से अधिक बाईक और कई उपकरण जब्त
  • ड्रोन और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से हुई कार्रवाई
  • MMDR एक्ट के तहत मिले नए अधिकारों का पहली बार बड़ा असर

रांची (HighLights): भारत सरकार के श्जरो कोल लीकेज अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए CISF ने अवैध कोयला खनन,चोरी, भंडारण और परिवहन के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। खान और खनिज (विकास एवं विनियम) अधिनियम 1957 (MMDR Act) के तहत मिले विशेष अधिकारों का उपयोग करते हुए CISF ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में लगातार संयुक्त छापेमारी कर बड़ी सफलता हासिल की है।

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चार से आठ जुलाई तक चले इस विशेष अभियान में कुल 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इसके अलावा एक हाइवा ट्रकए 13 से अधिक मोटरसाइकिलें तथा अवैध खनन में प्रयुक्त कई उपकरण भी बरामद किए गए। स्थानीय थानों में चार एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

MMDR Act के तहत मिले अधिकारों से तेज हुई कार्रवाई

केंद्र सरकार द्वारा MMDR Act की धारा 22ए 23बी और 24 के तहत CISF के नामित अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए जाने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खनिज संपदा की सुरक्षाए कोयला चोरी पर रोक और कोल सेक्टर में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। CISF  इस अभियान को Coal India की सहायक कंपनियों जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर संचालित कर रही है। खुफिया सूचनाओंए ड्रोन निगरानी और जमीनी स्तर की जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

धनबाद के BCCL क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई

विशेष अभियान के दौरान सबसे बड़ी सफलता BCCL धनबाद क्षेत्र में मिली, जहां 319.54 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया।CISF की टीमों ने कतरास, ब्लॉक2  बसंतीमाता (कारगिल), कुस्तौर,सिजुआ, जियलगोरा,बरोरा, गोविंदपुर तथा एनटीएसटी क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। ड्रोन सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बेहतर तालमेल के कारण कई अवैध भंडारण स्थलों का पता लगाया गया।

ECL क्षेत्रों में भी बड़ी रिकवरी

पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के सीतलपुर, राजमहल, सालानपुर,चित्रा,चापापुर, ओसीपी, मुगमा, सोनपुर बाजारी और कुनुस्तोरिया क्षेत्रों में CISF ने व्यापक अभियान चलाया। इन क्षेत्रों से कुल 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार लगातार निगरानी के कारण अवैध खनन नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है।

CCLपिपरवार में पकड़ा गया अवैध कोयला लदा हाइवा

CCL के पिपरवार और एनके क्षेत्र में नियमित जांच के दौरान CISF ने एक हाइवा ट्रक को पकड़ा,जिसमें छिपाकर अवैध कोयला ले जाया जा रहा था। वाहन से 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। ट्रक को जब्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

करगली में मोटरसाइकिलों से हो रही थी कोयला चोरी

CCLकरगली क्षेत्र में स्थानीय सूचना के आधार पर चलाए गए अभियान में 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला और सात मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। जांच में सामने आया कि इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध कोयला ढुलाई में किया जा रहा था।

ड्रोन और खुफिया नेटवर्क बना सबसे बड़ा हथियार

CISFअधिकारियों के अनुसार इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता आधुनिक तकनीक का उपयोग रहा। ड्रोन निगरानीए मानवीय खुफिया तंत्र (Human Intelligence) और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कई ऐसे स्थानों तक पहुंच बनाई गई, जहां पहले कार्रवाई करना मुश्किल माना जाता था।

कोयला माफियाओं पर लगातार बढ़ेगा दबाव

अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में झारखंड और पश्चिम बंगाल के सभी संवेदनशील कोयला क्षेत्रों में नियमित संयुक्त अभियान जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य अवैध कोयला खनन और तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाकर श्जीरो कोल लीकेजश् के उद्देश्य को सफल बनाना है।