झारखंड में 'डेविल्स ग्रुप' का होगा सफाया! DGP तदाशा मिश्र का बड़ा एक्शन, 4 जिलों की स्पेशल टीम गठित

Jharkhand Police Action: झारखंड में 'डेविल्स ग्रुप' समेत संगठित अपराधियों के खिलाफ DGP तदाशा मिश्र ने बड़ा अभियान शुरू किया है। गोड्डा, दुमका, देवघर और जामताड़ा की संयुक्त टीम गठित होगी। लूट-छिनतई के मामलों में स्पीडी ट्रायल, वैज्ञानिक जांच और अवैध हथियारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

झारखंड में 'डेविल्स ग्रुप' का होगा सफाया! DGP तदाशा मिश्र का बड़ा एक्शन, 4 जिलों की स्पेशल टीम गठित
DGP का फरमान- लूट-छिनतई के हर केस का होगा स्पीडी ट्रायल।

     HighLights:

  • झारखंड पुलिस ने 'डेविल्स ग्रुप' के खिलाफ छेड़ा बड़ा अभियान
  • DGP तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में हुई हाई लेवल समीक्षा बैठक
  • गोड्डा, दुमका, देवघर और जामताड़ा की संयुक्त स्पेशल टीम करेगी कार्रवाई
  • लूट, छिनतई और संगठित अपराध के मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा
  • अपराधियों का होगा फिजिकल वेरिफिकेशन और अवैध हथियारों की तस्करी पर लगेगी रोक
  • वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को जल्द सजा दिलाने की तैयारी

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार की तैयारी शुरू हो गई है। गोड्डा, दुमका,  देवघर और जामताड़ा समेत संथाल परगना क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात 'डेविल्स ग्रुप'  के खिलाफ झारखंड पुलिस ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस डीजीपी तदाशा मिश्र ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संगठित अपराधए लूटए छिनतई और अवैध हथियारों के नेटवर्क को हर हाल में ध्वस्त किया जाए।

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बैठक में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपराध की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और आने वाले दिनों की रणनीति तय की। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिएए बल्कि उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

चार जिलों की बनेगी संयुक्त स्पेशल टीम

बैठक का सबसे बड़ा फैसला चार जिलोंकृगोड्डाए दुमकाए देवघर और जामताड़ाकृको मिलाकर एक संयुक्त विशेष टीम (Joint Special Team) का गठन करना रहा। यह टीम डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में काम करेगी और चारों जिलों में सक्रिय संगठित अपराधियों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई करेगी। टीम की कार्यप्रणाली की साप्ताहिक समीक्षा दुमका जोन के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा की जाएगी ताकि अभियान की गति और प्रभावशीलता बनी रहे।

डेविल्स ग्रुप के संदिग्धों का होगा फिजिकल वेरिफिकेशन

डीजीपी ने दुमका जोन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेविल्स ग्रुप से जुड़े सभी संदिग्धों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके साथ ही हाल के महीनों में हुई ज्वेलरी लूटए छिनतई और अन्य संगठित अपराधों के लंबित मामलों की विशेष समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया।

अवैध हथियारों की तस्करी पर भी कड़ा शिकंजा

बैठक में अवैध हथियारों की बढ़ती तस्करी पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। डीजीपी ने निर्देश दिया कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। इसके लिए अंतरराज्यीय सूचना साझा करने और संयुक्त अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया।

स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द मिलेगी सजा

डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि अपराधियों को गिरफ्तार करने के साथ.साथ उनके खिलाफ अदालत में मजबूत केस तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जाएं गवाहों की समय पर अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और जमानतदारों का भी कड़ाई से सत्यापन किया जाए। सरकारी अभियोजकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लूटए छिनतई और संगठित अपराध से जुड़े मामलों का स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिल सके और कानून का भय कायम हो।

वरिष्ठ अधिकारियों को भी मिला फील्ड में रहने का निर्देश

डीजीपी ने सभी वरीय पुलिस अधिकारियों को अपने.अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रात्रि गश्तए पीसीआर पेट्रोलिंग और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ाई जाए ताकि अपराधियों पर लगातार दबाव बना रहे और आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो।

बैठक में शामिल हुए ये वरिष्ठ अधिकारी

पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) नरेंद्र कुमार सिंहए दुमका जोन के पुलिस महानिरीक्षक पटेल मयुर कन्हैयालाल तथा पुलिस अधीक्षक(अभियान) दीपक कुमार शर्मा उपस्थित रहे। वहीं दुमका के डीआईजी तथा गोड्डा और दुमका के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और अपने.अपने जिलों की कानून.व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण की स्थिति से अवगत कराया।

कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

झारखंड पुलिस की यह नई रणनीति केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हैए बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को खत्म करनेए अवैध हथियारों की सप्लाई रोकनेए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने पर केंद्रित है। यदि यह अभियान योजनानुसार सफल होता है तो संथाल परगना क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराधी गिरोहों पर निर्णायक प्रहार माना जाएगा।