झारखंड में 99,639 करोड़ का निवेश, जिंदल-टाटा समेत 14 बड़ी कंपनियों से डील, CM हेमंत ने पेश किया 'नया विजन'

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में ₹99,639 करोड़ के 14 बड़े निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। जिंदल, टाटा, रूंगटा समेत कई बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी। राज्य को रिसर्च, AI और इनोवेशन हब बनाने का विजन पेश किया गया।

झारखंड में 99,639 करोड़ का निवेश, जिंदल-टाटा समेत 14 बड़ी कंपनियों से डील, CM हेमंत ने पेश किया 'नया विजन'
झारखंड बनेगा रिसर्च और इनोवेशन हब।

        Highlights:

  • ₹99.639 करोड़ के निवेश के लिए 14 महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर
  • जिंदलए टाटाए रूंगटाए अंबुजाए वरुण बेवरेजेज समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को रिसर्च एवं इनोवेशन हब बनाने का विजन रखा
  • AI, डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा
  • आदिवासी समाज को उद्योगों से जोड़ने के लिए GIADA में 50%  तक रियायत पर विचार
  • लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप और समयबद्ध निवेश लागू करने के निर्देश

रांची(): झारखंड सरकार ने राज्य को औद्योगिकए तकनीकी और आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के लिए एक नए विकास विजन का खाका पेश करते हुए झारखंड को रिसर्चए इनोवेशन और आधुनिक तकनीक का राष्ट्रीय केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया।

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इस दौरान सरकार ने देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों और संस्थाओं के साथ ₹99.639 करोड़ के 14 महत्वपूर्ण एमओयू ;डवन्द्ध पर हस्ताक्षर किए। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में उद्योगए रोजगारए तकनीकी विकास और आधारभूत संरचना को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अब केवल अपनी खनिज संपदा के लिए नहींए बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता, शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास के लिए भी जाना जाएगा। सरकार की प्राथमिकता राज्य को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है।

एमओयू नहींए झारखंड के भविष्य की नींव

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए समझौते केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं हैंए बल्कि झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। इन निवेशों के जरिए उद्योगों का विस्तार होगाए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए ताकि निवेश धरातल पर उतर सके।

AI और डिजिटल गवर्नेंस पर सरकार का बड़ा फोकस

कार्यक्रम के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा आधारित प्रशासन और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण संस्थाओं एवं कंपनियों के साथ साझेदारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में झारखंड को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तकनीक आधारित विकास मॉडल अपनाना आवश्यक है।

आदिवासी समाज को उद्योगों से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के मूलवासी एवं आदिवासी समाज की भागीदारी के बिना विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने ळप्।क्। की औद्योगिक नीतियों में आदिवासी समूहों को मिलने वाली 25 प्रतिशत रियायत को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने की संभावनाओं पर विचार करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि विकास की मुख्यधारा में सबसे पहले राज्य की मूल आबादी को अवसर मिलना चाहिए।

निवेशकों से लगातार संवाद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि अतीत में बेहतर संवाद की कमी के कारण झारखंड की वास्तविक संभावनाएं देश और दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं पहुंच सकीं। अब सरकार निवेशकों, उद्योगों और वैश्विक संस्थाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी ताकि राज्य में निवेश का बेहतर माहौल तैयार हो सके। उन्होंने उद्योगपतियों, नीति विशेषज्ञों, निवेशकों और तकनीकी संस्थानों से झारखंड के विकास में साझेदार बनने की अपील भी की।

किस कंपनी ने कितना निवेश किया

कंपनी निवेश ;(करोड़ रुपये)

जिंदल स्टील लिमिटेड 40,000
जिंदल न्यूक्लियर पावर लिमिटेड 30,000
रूंगटा संस प्रा. लि. 10,000
टाटा स्टील (हिसारना तकनीक) 7,000
अमलगम स्टील एंड पावर 4,980
रूंगटा माइंस लिमिटेड 3,000
टाटा स्टील (टिन प्लेट विस्तार) 2,600
अंबुजा सीमेंट 1,000
जिंदल रिन्यूएबल प्रा. लि. 650
वरुण बेवरेजेज 409
कुल निवेश ₹99,639 करोड़

क्या होगा फायदा ?
हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर।
औद्योगिक उत्पादन में बड़ी वृद्धि।
।प् और डिजिटल तकनीक का विस्तार।
रिसर्च एवं इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित होगा।
राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश का माहौल मजबूत होगा।
आदिवासी और स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
झारखंड की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।