बंगाल से जामताड़ा तक साइबर ठगी का जाल! बहन के घर से चल रहा था ‘फ्रॉड ऑफिस’, जीजा-साला समेत 5 गिरफ्तार

जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीजा-साला समेत पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल से जुड़े इस गैंग के पास से 15 मोबाइल, 14 फर्जी सिम, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद हुई है। आरोपी बिजली बिल और डेबिट-क्रेडिट कार्ड बंद होने के नाम पर देशभर में लोगों से ठगी कर रहे थे।

बंगाल से जामताड़ा तक साइबर ठगी का जाल! बहन के घर से चल रहा था ‘फ्रॉड ऑफिस’, जीजा-साला समेत 5 गिरफ्तार
जामताड़ा में साइबर ठगों का मिनी कॉल सेंटर पकड़ा गया।

जामताड़ा ( Threesocieties.com Desk) : देशभर में साइबर ठगी के लिए बदनाम जामताड़ा से एक बार फिर बड़े साइबर रैकेट का खुलासा हुआ है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जीजा-साला समेत पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 14 फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

यह भी पढ़ें:झारखंड: IIT छात्रा छेड़खानी केस में IAS सैयद रियाज अहमद को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने रद्द की FIR

पुलिस जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से जुड़े कुछ शातिर जामताड़ा में रिश्तेदारों के घर को ही साइबर ठगी का अड्डा बनाकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे। आरोपी बैंक खाताधारकों को फोन कर डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने, केवाईसी अपडेट और बिजली बिल बकाया जैसे बहाने बनाकर ठगी करते थे।

बहन के घर को बना रखा था ‘साइबर ऑफिस’

गिरफ्तार आरोपियों में करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मटटांड़ गांव निवासी विष्णु मंडल, कासीटांड़ निवासी सचिन मंडल, नारायणपुर थाना क्षेत्र के बांसपहाड़ी निवासी सागर नायक, लोकनियां निवासी किशोर दास और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर टाउनशिप अमरावती कैंप कॉलोनी निवासी विश्वजीत दास शामिल हैं। बताया जा रहा है कि विश्वजीत दास अपने जीजा के घर रहकर साइबर ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। वहीं बंगाल से आए अन्य आरोपी भी रिश्तेदारों के घरों को सुरक्षित ठिकाना बनाकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना

जामताड़ा एसपी शंभू कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विभागीय सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपियों को नारायणपुर और करमाटांड़ थाना क्षेत्र से रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। एसपी के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल और लैपटॉप की जांच टेक्निकल सेल कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक देशभर में कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।

बिजली बिल और कार्ड बंद होने का डर दिखाकर करते थे ठगी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को फोन कर कहते थे कि उनका बिजली बिल बकाया है या डेबिट-क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है। इसके बाद वे लोगों से बैंक डिटेल्स, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से पैसे उड़ा लेते थे। साइबर अपराधी खासकर बुजुर्गों और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे।

पहले भी जेल जा चुके हैं दो आरोपी

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सागर नायक और किशोर दास पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद दोनों फिर से साइबर अपराध में सक्रिय हो गए थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय था और लंबे समय से ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। फिलहाल पुलिस इनके नेटवर्क और बैंक खातों की जांच में जुटी है।