धनबाद। कोयला राजधानी सिंदूर खेला के साथ दशहारा को दिन मां दुर्गा को विदाई दी गई। बंगाली समुदाय में दुर्गा पूजा के दशमी मे प्रातः घट विसर्जन के समय "सिंदूर खेला" की पौराणिक परंपरा है , इस सिंदूर खेला मे सुहागिन महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाकर उनके सुहाग के मनोकामना करती है।
यह भी पढ़ें:Dhanbad : लाठी-डंडों से पीटकर युवक की मर्डर, आरोपियों की खोज में भिस्तीपाड़ा में रेड
और भी पढ़ें
- धनबाद में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई: 1200 किलो लड्डू नष्ट, मद्रास कैफे पर जुर्माना
- धनबाद के धैया में चला बुलडोजर, 1.03 एकड़ वन भूमि और सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त
- JPSC घोटाले में बड़ा खुलासा: 11 अभ्यर्थियों से वसूले एक करोड़, लैपटॉप में मिले 24 नाम
- मधुबनी गोलीकांड: ग्रामीण की मौत पर बवाल, DM का कॉलर पकड़ा; फरार ASI पर 25 हजार इनाम
धनबाद टाउन के विभिन्न पूजा मंडप हीरापुर हरि मंदिर, दुर्गा मंदिर , नेपाली काली मंदिर, सरायढेला दुर्गा मंडप, बंगाली वेलफेयर सोसायटी पार्क मार्केट, बंगाली कल्याण समिति जिला परिषद व अन्य पूजा मंडप के सुहागिन महिला सदस्यों ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर दुर्गा पूजा के शुभकामनाएं दी।

घट विसर्जन करने के लिए महिला ,पुरुष ,बच्चे, बुजुर्ग सभी मिलकर बांग्ला डीजे पर थिरकते हुए, गाजे बाजे के साथ हीरापुर हरी मंदिर से कोर्ट क्वार्टर, डी एस कॉलोनी होते हुए पंपू तलाव में जाकर " आस्छे बछर आबार होवे " नारे के साथ कलश का विसर्जन किया गया।
