बरमेश्वर मुखिया की पुण्यतिथि में आरा पहुंचे धनबाद मेयर संजीव सिंह, कोयलांचल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरु
धनबाद मेयर संजीव सिंह ने आरा के खोपीरा गांव पहुंचकर स्वर्गीय बरमेश्वर मुखिया की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरे के बाद कोयलांचल की राजनीति में नए समीकरणों और राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
- धनबाद मेयर संजीव सिंह पहुंचे आरा के खोपीरा गांव
- बरमेश्वर मुखिया की 14वीं पुण्यतिथि समारोह में दी श्रद्धांजलि
- परिजनों ने किया भव्य स्वागत, बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
- कोयलांचल में नए सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों की अटकलें तेज
आरा/धनबाद (Threesocieties.com Desk) : धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने मंगलवार को बिहार के आरा शहर स्थित खोपीरा गांव पहुंचकर स्वर्गीय बरमेश्वर मुखिया की 14वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बरमेश्वर मुखिया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
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श्रद्धांजलि सभा में संजीव सिंह के पहुंचने पर बरमेश्वर मुखिया के परिजनों एवं समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समर्थक और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।हालांकि यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि सभा का था, लेकिन संजीव सिंह की मौजूदगी के बाद कोयलांचल की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति और सामाजिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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आरो से लौटते ही संजीव सिंह ने अपने फेसबुक पर पोस्ट कर कार्यक्रम में जानकारी दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में कार्यक्रम से संबंधित 19 फोटो भी लगाया है। संजीव सिंह के आरा जाने व फेसबुक पोस्ट किये जाने के बाद से ही कोयलांचल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। नये राजनीतिक समीकरण के कयास लगाये जा रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो कोयलांचल क्षेत्र में अपने राजनीतिक आधार को और मजबूत करने के लिए संजीव सिंह विभिन्न सामाजिक वर्गों और समुदायों के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह सामाजिक संपर्क आगे चलकर बड़े राजनीतिक समीकरणों में बदल सकता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि कोयलांचल की राजनीति हमेशा से सामाजिक समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है और ऐसे आयोजनों में नेताओं की मौजूदगी को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं देखा जाता।फिलहाल, संजीव सिंह का यह दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इसके कई मायने निकाले जा सकते हैं।
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मेयर चुनाव जीत संजीव ने की सक्रिय राजनीतिक में जोरदार वापसी
अगस्त 2025 में नीरज सिंह हत्याकांड में अदालत से साक्ष्य के अभाव में बरी होने के बाद, संजीव सिंह ने कोयलांचल में अपनी सक्रियता फिर से बढ़ा दी है। लगभग आठ साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद, संजीव सिंह ने जनवरी 2026 में धनबाद नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी पेश की, और सक्रिय राजनीति में जोरदार वापसी की।संजीव सिंह ने चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों से हराया। संजीव को 1,14,362 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 82,460 वोट मिले। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नगर निगम चुनाव जीतकर भाजपा, कांग्रेस और JMM के प्रत्याशियों हराकर सबको चौंका दिया, जिससे धनबाद की राजनीति में उनकी पकड़ और मजबूत हो गई है। उनकी वापसी से धनबाद में 'सिंह मेंशन' का राजनीतिक प्रभाव फिर से बढ़ गया है।सक्रियता: वे अपनी पत्नी और वर्तमान झरिया विधायक रागिनी सिंह के साथ मिलकर क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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सिंह मेंशन के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं संंजीव
उल्लेखनीय है कि मेयर संजीव सिंह कोयलांचल के सबसे बड़े राजनीतिक घराने के सिंह मेंशन की राजनीतिक विरासत को संभाल रहे हैं। संजीव सिंह पत्नी रागिनी सिंह अभी झरिया से बीजेपी एमएलए हैं। संजीव सिंह एक बार व उनकी मां कुंती देवी दो बार झरिया से एमएलए रह चुके हैं। संजीव सिंह पिता सूर्यदेव सिंह झरिया विधानसभा क्षेत्र से 1977 से 1991 तक लगातार विधायक रहे। वे जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार 1977 में जीते और अपने अंतिम समय तक झरिया के विधायक बने रहे। 15 जून 1991 को उनका निधन हो गया। दिवंगत पूर्व विधायक सूर्यदेव सिंह की राजनीतिक विरासत को लेकर संजीव सिंह (सिंह मेंशन) को ही मुख्य उत्तराधिकारी माना जाता है।






