धनबाद: राजगंज में अवैध कोयला डिपो के पास हाइवा से कुचलकर युवक की मौत; शव छिपाने के आरोप पर हंगामा

धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र में कथित अवैध कोयला डिपो के पास मिनी हाइवा की चपेट में आने से 28 वर्षीय दुलाल कुम्हार की मौत हो गई। ग्रामीणों ने शव और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाते हुए घंटों प्रदर्शन किया। बाद में मृतक परिवार को 9 लाख रुपये मुआवजा दिया गया।

धनबाद: राजगंज में अवैध कोयला डिपो के पास हाइवा से कुचलकर युवक की मौत; शव छिपाने के आरोप पर हंगामा
मृतक की पत्नी को मिलेगा नौ लाख रुपये मुआवजा।

धनबाद (Threesocieties.com Desk) : धनबाद जिले के राजगंज थाना क्षेत्र में कथित अवैध कोयला डिपो के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया। डोमनपुर स्थित गोल्डन पम्प के समीप शुक्रवार देर रात कोयला लदे मिनी हाइवा की चपेट में आने से 28 वर्षीय दुलाल कुम्हार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने डिपो संचालकों पर साक्ष्य मिटाने और शव को छिपाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया।

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शनिवार सुबह घटना को लेकर इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद वाहन मालिक और डिपो संचालक की ओर से मृतक परिवार को नौ लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी, तब जाकर मामला शांत हुआ।

पार्टी से लौटते समय हुआ हादसा

मृतक दुलाल कुम्हार दयाबांस पहाड़ का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार रात शहरपुरा में आयोजित एक पार्टी में शामिल होकर बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार मिनी हाइवा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दुलाल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने जब शव देखा तो इलाके में तनाव फैल गया।

शव और साक्ष्य छिपाने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद डिपो से जुड़े लोगों ने घटनास्थल बदलने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। लोगों का कहना है कि सड़क पर फैले खून और शव के अंगों को छिपाने के लिए वहां कोयला डस्ट डाल दिया गया। इतना ही नहीं, दुर्घटना में शामिल मिनी हाइवा को भी पास के एक दूसरे डिपो में छिपा दिए जाने का आरोप लगाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले भी हुई थी शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य उमेश चौधरी ने 28 जनवरी 2026 को ही उपायुक्त और जिला खनन पदाधिकारी को इलाके में अवैध कोयला डिपो संचालन की शिकायत दी थी। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता, तो शायद यह हादसा नहीं होता।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी सहमति

शनिवार को भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष मोहन कुम्हार, सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ वार्ता हुई। बाद में वाहन मालिक और डिपो संचालक की ओर से मृतक की पत्नी फूलकुमारी देवी को पांच लाख रुपये नकद और चार लाख रुपये चेक के माध्यम से कुल नौ लाख रुपये मुआवजा दिया गया। इसके बाद धरना समाप्त कराया गया।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध डिपो संचालकों और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इलाके में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।