राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज, टिन्नू यादव समेत 8 नामजद; SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर टिन्नू यादव समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। SIT जांच रिपोर्ट और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
HighLights
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर अयोध्या थाने में FIR दर्ज
- SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
- टिन्नू यादव समेत 8 लोगों को नामजद किया गया
- CCTV फुटेज और पूछताछ के आधार पर दर्ज हुआ मामला
- 6 कैशियर सहित कई कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में
- SIT ने 150 से अधिक लोगों से पूछताछ की थी
- शुरुआती रिपोर्ट में व्यवस्था संबंधी खामियों पर भी उठे सवाल
- आरोपियों को हिरासत में लिया गया, आगे और गिरफ्तारियां संभव
लखनऊ/अयोध्या (Threesocieties.com Desk): देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक, Shri Ram Janmabhoomi Mandir में कथित चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा कानूनी एक्शन हुआ है। Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust की शिकायत पर अयोध्या थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट और सिफारिशों के बाद की गई है।
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ट्रस्ट सदस्य Krishna Mohan की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में टिन्नू यादव समेत 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कुछ अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
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इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष और करुणेश समेत कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें कई लोग दानपात्र खोलने, चढ़ावे की गिनती और नकदी प्रबंधन से जुड़े कार्यों में शामिल बताए जा रहे हैं।
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CCTV फुटेज और बरामद रकम बनी जांच का आधार
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को कुछ CCTV फुटेज मिले हैं जिनमें कथित तौर पर चढ़ावे में हेराफेरी और संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है। जिन लोगों के पास से रकम बरामद हुई है, उन्हें प्राथमिकी में नामजद किया गया है। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
SIT ने छह दिनों तक की थी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए Uttar Pradesh सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। टीम ने अयोध्या में छह दिनों तक रहकर जांच की और मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों, बैंक कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान 150 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए।करीब 21 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में दानपात्र संचालन, नकदी प्रबंधन, आभूषण और रत्नों के भौतिक ऑडिट तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों का भी हुआ उल्लेख
SIT की रिपोर्ट में ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और भूमिकाओं का उल्लेख किया गया है, हालांकि अभी तक किसी बड़े पदाधिकारी की प्रत्यक्ष भूमिका या जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। यही वजह है कि एफआईआर में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी या प्रबंधन से जुड़े बड़े नाम शामिल नहीं हैं।
VHP ने तेज जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की
इस बीच Vishva Hindu Parishad ने मामले की जांच को तेज करने और दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर सख्त सजा दिलाने की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
आगे क्या?
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। पुलिस और SIT आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ कर सकती है तथा नए सबूत मिलने पर गिरफ्तारियों का दायरा भी बढ़ सकता है। देशभर के श्रद्धालुओं की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।






