- आंतरिक सुरक्षा के अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से भ्रष्टाचार रोधी तंत्र को मिलेगी मजबूती
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk)। भारत सरकार ने पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी प्रवीण वशिष्ठ को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया है। उन्होंने 16 जनवरी 2026 को केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पी.के. श्रीवास्तव के समक्ष पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय सतर्कता आयोग अब पूर्ण तीन-सदस्यीय संरचना के साथ कार्य करने लगा है।
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बिहार कैडर के 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे प्रवीण वशिष्ठ को पिछले महीने सतर्कता आयुक्त नामित किया गया था। वे नियुक्ति से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) के पद पर कार्यरत थे। आंतरिक सुरक्षा, सीबीआई और पुलिसिंग के क्षेत्र में उन्हें तीन दशकों से अधिक का अनुभव प्राप्त है।
पुलिस और जांच एजेंसियों में लंबा अनुभव
अपने सेवाकाल के दौरान प्रवीण वशिष्ठ ने बिहार के आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और आपराधिक जांच विभाग (CID) में महानिरीक्षक के रूप में कार्य किया। पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने रांची, दुमका और गढ़वा जैसे संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था की कमान संभाली। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी एसपी और डीआईजी के रूप में सेवाएं दीं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की।
गृह मंत्रालय में अहम जिम्मेदारियां
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए प्रवीण वशिष्ठ ने गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव, ओएसडी और बाद में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों की योजना, विकास कार्यों की निगरानी और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अहम रही है।
चयन समिति ने दी मंजूरी
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इस बैठक में केंद्रीय सूचना आयोग से जुड़ी नियुक्तियों को भी स्वीकृति दी गई थी।
CVC की भूमिका और कार्यकाल
केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 के तहत आयोग में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और दो सतर्कता आयुक्त होते हैं। सतर्कता आयुक्त का कार्यकाल चार वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होता है।प्रवीण वशिष्ठ की नियुक्ति से CVC को एक ऐसा अधिकारी मिला है, जिसे प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा की गहरी समझ है। इससे केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।शपथ ग्रहण समारोह में डीओपीटी, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय सतर्कता आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।