धनबाद में बाल रोग विशेषज्ञों का मेडिकल मंथन: CME कार्यक्रम में ‘बोन मैरो ट्रांसप्लांट’ पर हुई गहन चर्चा
धनबाद में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) और नारायणा हेल्थ सिटी, बेंगलुरु के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित CME कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील भट ने थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया और अप्लास्टिक एनीमिया जैसे रोगों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की अहम भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद में बाल स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर रोगों के उपचार और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर चर्चा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण Continuing Medical Education (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Indian Academy of Pediatrics (IAP) धनबाद के सहयोग से Narayana Health सिटी, बेंगलुरु द्वारा शुक्रवार रात धनबाद के एक होटल में आयोजित किया गया, जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों के कई बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।
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कार्यक्रम का मुख्य विषय था — “क्यूरेबल पीडियाट्रिक बीमारियों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की भूमिका: हर बाल रोग विशेषज्ञ को क्या जानना चाहिए।” इसका उद्देश्य बाल रोग विशेषज्ञों को उन बीमारियों के बारे में जागरूक करना था, जिनका इलाज आज आधुनिक चिकित्सा तकनीक के माध्यम से संभव हो चुका है।
थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया जैसे रोगों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की भूमिका
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि कई गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों जैसे Thalassemia, Aplastic Anemia और Leukemia के उपचार में आज Bone Marrow Transplant एक प्रभावी और जीवन बचाने वाला विकल्प बन चुका है।चिकित्सकों ने बताया कि समय पर रोग की सही पहचान, मरीज को उचित केंद्र तक रेफर करना और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी होना बाल रोग विशेषज्ञों के लिए बेहद जरूरी है।
देश के अग्रणी विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
इस CME कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Dr. Sunil Bhat रहे, जो बेंगलुरु स्थित नारायणा हेल्थ सिटी में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के क्षेत्र के देश के अग्रणी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं।डॉ. भट ने अपने संबोधन में बताया कि उन्होंने अब तक 2,500 से अधिक सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किए हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने 215 ट्रांसप्लांट कर एक साल में सबसे अधिक ट्रांसप्लांट करने वाले विशेषज्ञों में स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने मैच्ड सिबलिंग ट्रांसप्लांट, हैप्लोआइडेंटिकल (हाफ-मैच्ड) ट्रांसप्लांट और थैलेसीमिया के मरीजों के लिए सरकारी योजनाओं के तहत किए जा रहे उपचार के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बाल रोग विशेषज्ञों को समय पर सही निदान, बेहतर रेफरल सिस्टम और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के महत्व के बारे में भी बताया।
आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और बेहतर मरीज प्रबंधन पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने जटिल रक्त रोगों के इलाज में आने वाली चुनौतियों, आधुनिक तकनीकों और मरीजों के बेहतर प्रबंधन पर भी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान चिकित्सकों के बीच मेडिकल अनुभव साझा किए गए और गंभीर बीमारियों के इलाज के नए विकल्पों पर विचार-विमर्श हुआ।
कई चिकित्सक और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर धनबाद की जानी-मानी स्त्री रोग विशेषज्ञ Dr. Pratibha Rai सहित Shaheed Nirmal Mahto Medical College and Hospital (SNMMCH) के डॉ. अविनाश कुमार, डॉ. उपेंद्र कुमार, डॉ. सांभवी, डॉ. सावित्री बरनवाल, डॉ. नेहा बजाज, डॉ. जिमी और डॉ. पूजा दुबे समेत कई चिकित्सक मौजूद रहे। इसके अलावा अंकित राजगढ़िया, इरशाद आलम, भागवत भावेश, बेनजीर परवीन और विजय पंडित भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन के बाद सभी अतिथियों के लिए गाला डिनर का भी आयोजन किया गया, जहां चिकित्सकों ने आपसी संवाद के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की।






