WhatsApp Username फीचर पर सरकार की ब्रेक! भारत में लॉन्च टला, Meta से 3 दिन में मांगा जवाब
भारत सरकार ने WhatsApp के नए Username फीचर की लॉन्चिंग पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार को आशंका है कि मोबाइल नंबर छिपाने वाली इस सुविधा से साइबर फ्रॉड और फर्जी पहचान के मामले बढ़ सकते हैं। Meta से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
HighLights:
- भारत सरकार ने फिलहाल WhatsApp Username फीचर लॉन्च नहीं करने को कहा
- Meta को नोटिस भेजकर 3 दिन के भीतर जवाब मांगा गया
- सरकार को आशंका है किबढ़ सकते हैं फीचर से साइबर फ्रॉड और फर्जी पहचान के मामले
- Username के जरिए बिना मोबाइल नंबर बताए चैटिंग संभव होगी
- WhatsApp ने 29 जून से दुनियाभर में Username रजिस्ट्रेशन शुरू किया
- भारत में WhatsApp के 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): भारत सरकार ने WhatsApp के बहुप्रतीक्षित Username फीचर की लॉन्चिंग पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक सरकार ने Meta को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर के सभी पहलुओं पर बातचीत और समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे भारत में शुरू नहीं किया जाए।
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सूत्रों के अनुसार सरकार ने Meta को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। हालांकि इस मामले में अभी तक सरकार और Meta की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सरकार को क्यों है चिंता?
सरकार की सबसे बड़ी चिंता साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर है। नए फीचर के तहत यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर बताए केवल Username के जरिए बातचीत कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जालसाजों के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से फर्जी अकाउंट बनाना आसान हो सकता है। यदि मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं होगा तो लोगों के लिए असली और नकली पहचान में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि सरकार इस फीचर के सुरक्षा मानकों और संभावित जोखिमों की गहन जांच करना चाहती है।
आखिर क्या है WhatsApp Username फीचर?
Meta ने WhatsApp में ऐसा फीचर पेश किया है, जिसके तहत यूजर्स मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल Username के जरिए किसी नए व्यक्ति से चैट कर सकेंगे। यह फीचर काफी हद तक Telegram, Instagram और X जैसे प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा, जहां लोग अपनी डिजिटल पहचान Username के जरिए बनाते हैं।
29 जून से शुरू हुआ Username रजिस्ट्रेशन
WhatsApp ने 29 जून से दुनिया के कई हिस्सों में Username रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि यह सुविधा एक साथ सभी यूजर्स को नहीं मिलेगी। कंपनी आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से विभिन्न देशों में रोल आउट करेगी। जब यह फीचर किसी यूजर के क्षेत्र में उपलब्ध होगा तो WhatsApp ऐप के भीतर नोटिफिकेशन दिखाई देगा।
जल्दी Username बुक करना क्यों जरूरी?
दुनियाभर में करोड़ों लोग एक जैसे या मिलते-जुलते Username चुनने की कोशिश करेंगे। ऐसे में जो लोग जल्दी अपना Username रिजर्व कर लेंगे, उनके पसंदीदा नाम मिलने की संभावना अधिक होगी।
WhatsApp हेड का बड़ा बयान
WhatsApp के प्रमुख कुणाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि सही समय पर Username सुरक्षित कर लेना बेहद महत्वपूर्ण होगा। उनके मुताबिक यह फीचर लोगों को अधिक निजी और सुरक्षित तरीके से एक-दूसरे से जुड़ने का विकल्प देगा।
इस फीचर के बाद क्या बदल जाएगा?
Username फीचर आने के बाद कई स्थितियों में मोबाइल नंबर अपने-आप दिखाई नहीं देगा। इनमें शामिल हैं:
जब आपको किसी बड़े ग्रुप चैट में जोड़ा जाएगा।
जब आप पहली बार किसी नए व्यक्ति को मैसेज करेंगे।
जब कोई नया व्यक्ति आपसे संपर्क करेगा।
इससे यूजर्स की निजी जानकारी पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगी।
WhatsApp Username से जुड़े 8 बड़े सवाल और उनके जवाब
1. WhatsApp यह फीचर क्यों ला रहा है?
कई लोग नए व्यक्ति से बातचीत करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते। ऐसे में Username एक सुरक्षित विकल्प होगा।
2. Username बनाने के नियम क्या होंगे?
3 से 35 कैरेक्टर के बीच होना चाहिए।
केवल छोटे अंग्रेजी अक्षर (a-z), अंक (0-9), डॉट (.) और अंडरस्कोर (_) का उपयोग किया जा सकेगा।
हर Username पूरी तरह यूनिक होगा।
3. क्या मोबाइल नंबर पूरी तरह छिप जाएगा?
नहीं। अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा। हालांकि नए लोगों को आपका नंबर दिखाई नहीं देगा।
4. क्या कोई भी Username सर्च करके नंबर ढूंढ सकता है?
नहीं। WhatsApp कोई सार्वजनिक Username डायरेक्टरी नहीं बनाएगा।
5. Username Key क्या है?
यह एक अतिरिक्त सुरक्षा फीचर होगा जो पिन की तरह काम करेगा। यदि यूजर इसे सक्रिय करता है तो कोई भी अनजान व्यक्ति केवल Username जानकर उसे मैसेज नहीं भेज सकेगा।
6. क्या पुराने चैट और कॉन्टैक्ट प्रभावित होंगे?
नहीं। मौजूदा चैट, ग्रुप और कॉन्टैक्ट पहले की तरह काम करते रहेंगे।
7. सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?
मोबाइल नंबर साझा किए बिना बातचीत।
प्राइवेसी में सुधार।
स्पैम और फर्जी मैसेज में कमी।
क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए एक समान डिजिटल पहचान।
8. किन लोगों को Username की जरूरत नहीं होगी?
जिनके पास आपका नंबर पहले से सेव है।
जिनसे आप पहले बातचीत कर चुके हैं।
जो आपके साथ किसी कॉमन ग्रुप में हैं।
जिन्होंने आपका QR कोड स्कैन किया है।
भारत में 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स, इसलिए सरकार सतर्क
भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है और यहां 50 करोड़ से ज्यादा लोग इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार किसी भी ऐसे फीचर को बिना सुरक्षा जांच के लागू नहीं करना चाहती, जिससे साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता हो।
अब सभी की नजरें Meta के जवाब और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि कंपनी सरकार की चिंताओं का समाधान कर पाती है, तो आने वाले समय में भारतीय यूजर्स को भी यह नया फीचर मिल सकता है।






