“डिजिटल ट्रैक पर झारखंड पुलिस: अब ई-समन और CCTNS से 60-90 दिन में होगी केस जांच पूरी”

झारखंड पुलिस अब नए आपराधिक कानूनों के तहत CCTNS और ई-समन ऐप के जरिए डिजिटल मोड में केस जांच करेगी। 60-90 दिनों में अनुसंधान पूरा करने का लक्ष्य तय।

“डिजिटल ट्रैक पर झारखंड पुलिस: अब ई-समन और CCTNS से 60-90 दिन में होगी केस जांच पूरी”
डिजिटल मोड में शिफ्ट हुई झारखंड पुलिस>

                       Highlights 

  • 60-90 दिनों में केस जांच पूरी करने का लक्ष्य
  • CCTNS के जरिए पूरी जांच प्रक्रिया होगी डिजिटल
  • ई-समन सिस्टम का ट्रायल शुरू, सभी जिलों को निर्देश
  • कोर्ट से समन जारी करने से लेकर तामिला तक सब ऑनलाइन

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में अब अपराध की जांच पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि पूरी तरह डिजिटल सिस्टम के जरिए होगी। नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद राज्य पुलिस ने केस अनुसंधान को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

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अब पुलिस को हर हाल में 60 से 90 दिनों के भीतर केस की जांच पूरी करनी होगी, और इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को अनिवार्य रूप से अपनाया जा रहा है।

CCTNS से जुड़ेगा पूरा सिस्टम

झारखंड पुलिस अब Crime and Criminal Tracking Network & Systems (CCTNS) के जरिए हर केस की मॉनिटरिंग करेगी। इस सिस्टम के माध्यम से केस डायरी, साक्ष्य, आरोपी की जानकारी और जांच की प्रगति ऑनलाइन अपडेट की जाएगी। इससे न सिर्फ पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि केस में देरी और लापरवाही पर भी लगाम लगेगी।

ई-समन सिस्टम: कोर्ट से थाने तक सब डिजिटल

नई व्यवस्था के तहत अब समन जारी करने और उसे तामिल कराने की प्रक्रिया भी डिजिटल हो जाएगी। ई-समन ऐप, जिसे National Informatics Centre (NIC), नई दिल्ली ने तैयार किया है, इसके जरिए:

कोर्ट से समन जारी होगा
सीधे संबंधित थाने को भेजा जाएगा
पुलिस द्वारा तामिला की रिपोर्ट भी ऑनलाइन अपडेट होगी
ट्रायल के बाद देना होगा यूजर सर्टिफिकेट

CCTNS के नोडल अधिकारी डीआईजी कार्तिक एस. ने सभी जिलों के SSP और SP को निर्देश दिया है कि ई-समन सिस्टम का ट्रायल करें। इसके बाद User Acceptance Certificate (UAC) जमा करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिस्टम पूरी तरह से फील्ड में लागू करने के लिए तैयार है।

पुलिस को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

ई-समन सिस्टम के उपयोग के लिए 26 फरवरी को सभी जिलों की CCTNS टीम को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसमें वर्कफ्लो, डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई गई।

 नए कानूनों के तहत सख्त समय सीमा

नए आपराधिक कानूनों के तहत अब किसी भी केस की जांच को अनावश्यक रूप से लंबित रखना संभव नहीं होगा। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है:  “तेज, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित न्याय प्रणाली”।

 क्या बदलेगा इस नई व्यवस्था से?
केस की जांच में देरी कम होगी
पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी
कोर्ट और पुलिस के बीच समन्वय मजबूत होगा
डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता बढ़ेगी