प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी,रांची केमनीष हत्याकांड में हाईटेक जांच, इमेजिंग टेक्नोलॉजी से खुलेंगे राज
रांची के टीटोस बार में हुए मनीष हत्याकांड की जांच अब हाईटेक इमेजिंग और फॉरेंसिक तकनीकों से होगी। पुलिस प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी में जुटी है।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की राजधामनी रांची के चर्चित टीटोस बार मनीष हत्याकांड की जांच अब पूरी तरह हाईटेक मोड में पहुंच गई है। पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए डिजिटल और फॉरेंसिक इमेजिंग तकनीकों का सहारा लेने का फैसला किया है, जिससे अपराधियों तक तेजी और सटीकता के साथ पहुंचा जा सके।
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इमेजिंग तकनीक से होगी क्राइम सीन की बारीकी से जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की हर छोटी-बड़ी जानकारी को कैप्चर करने के लिए हाई-रिजोल्यूशन फोटोग्राफी और डिजिटल इमेजिंग का उपयोग किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप्स को एडवांस सॉफ्टवेयर के जरिए क्लियर कर संदिग्धों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा फॉरेंसिक इमेजिंग के जरिए फिंगरप्रिंट और अन्य सूक्ष्म साक्ष्यों को भी उभारा जाएगा। जरूरत पड़ने पर थर्मल इमेजिंग का इस्तेमाल कर अंधेरे में भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
प्रिंस खान पर बड़ा एक्शन, आतंकी घोषित करने की तैयारी
जांच में सामने आया है कि गैंग का सरगना प्रिंस खान पाकिस्तान में छिपा हो सकता है। वह कथित तौर पर “फैज खान” नाम से वहां रह रहा है। पुलिस अब उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है और उसे आतंकी घोषित करने पर विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ कहा है कि प्रिंस खान की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को भी आतंकी सहयोगी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
राहुल की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी
गैंग के सक्रिय सदस्य राहुल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जानकारी मिली है कि वह रंगदारी से वसूले गए पैसे को जमीन के कारोबार में निवेश करता था। इस एंगल पर भी जांच तेज कर दी गई है।
आईडी कार्ड से मिला बड़ा सुराग
पुलिस को प्रिंस खान का एक संदिग्ध पहचान पत्र भी मिला है, जिसमें उसकी जन्मतिथि 11 जून 1990 दर्ज है। यह आईडी 12 मई 2025 को जारी हुई बताई जा रही है और 2035 तक वैध है। हालांकि, इसमें कुछ संदिग्ध तथ्य भी सामने आए हैं—जैसे पाकिस्तान का झंडा लाल रंग में दिखाया गया है। पुलिस फिलहाल इसकी सत्यता की जांच कर रही है।
तकनीक + इंटेलिजेंस = बड़ा खुलासा जल्द
पुलिस इस पूरे मामले में डिजिटल डेटा, तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस को जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।






