झारखंड में ‘नाइट लाइफ’ को बढ़ावा: 1 मई से बार खुलने के समय में बड़ी राहत, रात 12 बजे की पाबंदी खत्म
झारखंड में 1 मई 2026 से नई बार नियमावली लागू होगी। अब बार देर रात तक खुले रह सकेंगे, जबकि पांच सितारा होटलों में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने की अनुमति होगी।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में नाइट लाइफ और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य में 1 मई 2026 से बार संचालन के लिए नई नियमावली लागू होने जा रही है, जिसके तहत अब रात 12 बजे तक बार बंद करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी जायेगी।
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नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बार संचालकों को अधिक समय तक व्यवसाय करने की छूट मिलेगी, जिससे राज्य में होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्या हैं नई नियमावली के मुख्य प्रावधान?
अब बार के लिए रात 12 बजे बंद करने की बाध्यता खत्म
पांच सितारा होटलों में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने की अनुमति
अलग-अलग जिलों में अलग समय और शुल्क निर्धारित
लाइसेंस शुल्क और शर्तों का पालन अनिवार्य
राज्य में बार, रेस्टोरेंट, होटल और क्लब का संचालन अब “झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026” के तहत किया जाएगा।
पहले क्यों हुई देरी?
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 26 मार्च 2026 को खुदरा शराब दुकानों के लिए संशोधित नियमावली अधिसूचित की थी। इसी के चलते बार संचालन से जुड़ी नियमावली को अंतिम रूप देने में देरी हुई। हालांकि अब विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंत तक सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी और 1 मई से इसे लागू कर दिया जाएगा।
व्यवसायियों की आपत्तियां भी आईं सामने
नई नियमावली के कुछ प्रावधानों पर बार और होटल व्यवसायियों ने आपत्ति जताई है। प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं:
लाइसेंस शुल्क और जमानत राशि में वृद्धि
जीएसटी के साथ वैट लागू करने का विरोध
दोहरी कर व्यवस्था से बढ़ेगा आर्थिक बोझ
व्यवसायियों का कहना है कि इससे शराब की कीमतों में वृद्धि होगी, जिसका असर उपभोक्ताओं और पर्यटन उद्योग दोनों पर पड़ेगा।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से झारखंड में नाइट लाइफ को बढ़ावा मिलेगा, जिससे:
पर्यटन को गति मिलेगी
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को फायदा होगा
राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी
अंतिम रूप से अधिसूचना का इंतजार
फिलहाल विभाग सभी आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर रहा है। इसके बाद अंतिम नियमावली अधिसूचित की जाएगी, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होगी।






