ऊर्जा संकट के दौर में धनबाद से नवाचार का बिगुल, Santosh Kumar Gangwar का संदेश—आत्मनिर्भर बनेगा भारत

IIT (ISM) धनबाद में ‘इन्वेनटिव 2026’ की शुरुआत, राज्यपाल संतोष गंगवार ने युवाओं से नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने का आह्वान किया।

ऊर्जा संकट के दौर में धनबाद से नवाचार का बिगुल, Santosh Kumar Gangwar का संदेश—आत्मनिर्भर बनेगा भारत
न्वेनटिव 2026 आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में शुरू।
  • इन्वेनटिव 2026 आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में शुरू
  • भारत इनोवेट्स 2026 के लिए भारत की इनोवेशन्स को ग्लोबल मंच तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम*

धनबाद (Threesocieties.com Desk): वैश्विक स्तर पर Iran–Israel–US tensions के कारण संभावित ऊर्जा संकट के बीच झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने देश को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “युवाओं की सृजनशीलता ही भारत को विकसित राष्ट्र बनायेगी।”

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सोमवार को IIT (ISM) Dhanbad में आयोजित राष्ट्रीय आरएंडडी फेयर ‘इन्वेनटिव 2026’ के उद्घाटन सत्र को बतौर चीफ गेस्ट संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बदलते वैश्विक हालात में भारत की भूमिका को निर्णायक बताया।

ऊर्जा संकट के बीच आत्मनिर्भरता पर जोर

राज्यपाल गंगवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के चलते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, ऐसे में भारत को अपनी तकनीकी क्षमता और संसाधनों को मजबूत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करनी हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद साझेदार भी बनना है।

लैब से लैंड’—नवाचार से रोजगार तक

उन्होंने कहा कि इन्वेनटिव 2026 जैसे मंच रिसर्च को जमीन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा, नई तकनीकों का विकास होगा व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को वैक्सीन और दवाएं देकर अपनी वैश्विक जिम्मेदारी निभाई।

विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम

राज्यपाल ने Narendra Modi के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि देश Developed India 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। Startup India, Make in India और डिजिटल मिशन देश को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जा रहे हैं।

युवाओं को संदेश: नशे से दूर रहें

राज्यपाल ने युवाओं से अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा जैसी कुरीतियां देश के भविष्य को कमजोर करती हैं, इसलिए युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए। सभी वक्ताओं ने इनोवेशन-ड्रिवन ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और एकेडेमिया-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन के महत्व पर जोर दिया।

 150+ इनोवेशन्स, AI से सेमीकंडक्टर तक फोकस

इस आयोजन में 150 से अधिक अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए, जिनमें शामिल हैं:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी
हेल्थकेयर इनोवेशन
मटेरियल साइंस
अर्थ साइंसेज

राज्यपाल ने इसे भारत की बौद्धिक शक्ति का प्रतीक बताया।

 IIT (ISM) की विरासत और वैश्विक भूमिका

IIT (ISM) Dhanbad की शताब्दी विरासत का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने ऊर्जा, खनन और उभरती तकनीकों में इसके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत एक बार फिर नालंदा और तक्षशिला की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक ज्ञान केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

इनॉगुरल सेशन के मुख्य विचार

चीफ गेस्ट गवर्नर संतोष कुमार गंगवार ने Iइन्वेनटिव 2026 को भारत के इनोवेशन-ड्रिवन फ्यूचर का एक ट्रांसफॉर्मेटिव प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने रिसर्च को एंटरप्राइज और सोसाइटी के लिए उपयोगी सॉल्यूशन्स में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित किया।

गेस्ट्स ऑफ ऑनर वैशाली निगम सिन्हा (को-फाउंडर, रिन्यू), ने कहा कि आज के समय में इनोवेशन एक नेशनल नेसेसिटी बन चुका है। उन्होंने क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर जोर देते हुए बताया कि रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्किलिंग, इन्क्लूजन और सस्टेनेबल लिवलीहुड्स को बढ़ावा देगा। संदीप कुमार (वीपी, टाटा स्टील) ने आईआईटी (आईएसएम) को इनोवेशन का क्रैडल बताते हुए क्यूरियोसिटी-ड्रिवन थिंकिंग और इंडस्ट्री-एकेडेमिया कोलैबोरेशन के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. शिर्षेंदु मुखर्जी (वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क) ने कहा कि असली प्रगति साइंस को सोसाइटी में इम्पैक्ट में बदलने में है। उन्होंने वाधवानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच एक ब्रिज बताया। अथर शाहाब (एमडी, जुआरी इंडस्ट्रीज),ने इंडिजिनस मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर जोर देते हुए आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता बताई। डॉ. सुनील कुमार बर्नवालसीईओ, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) ने आयुष्मान भारत और डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए एआई-ड्रिवन हेल्थकेयर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

वेलकम एड्रेस देते हुए प्रो. सुकुमार मिश्रा, डायरेक्टर, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने कहा: “Iइन्वेनटिव 2026 रिसर्च को रियल-वर्ल्ड इम्पैक्ट में बदलने की हमारी कमिटमेंट को दर्शाता है। यह प्लेटफॉर्म एकेडेमिया, इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और इन्वेस्टर्स को एक साथ लाकर इनोवेशन्स को वैलिडेट, स्केल और ग्लोबल मंच तक पहुंचाने में सक्षम बनाता है, विशेषकर भारत इनोवेट्स 2026 के माध्यम से।”

इन्वेनटिव 2026: भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की पहल

इन्वेनटिव 2026 को भारत इनोवेट्स 2026 का नेशनल फीडर प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य है: रिसर्च को मार्केट-रेडी टेक्नोलॉजी में बदलना, ग्लोबल पार्टनरशिप्स को बढ़ावा देना व स्टार्टअप्स को फंडिंग और मार्केट एक्सेस दिलाना। इस आयोजन में अकादमिक, इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और निवेशकों का संगम देखने को मिला।

इंडस्ट्री-एकेडेमिया कोलैबोरेशन पर जोर

कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स और एक्सपर्ट्स ने कहा कि इनोवेशन अब “नेशनल नेसेसिटी” बन चुका है। क्लीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर सेक्टर भविष्य के ग्रोथ इंजन होंगे। रिसर्च को कमर्शियलाइज करना जरूरी है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान दो बड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए गए:

रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सस्टेनेबल एनर्जी और लिवलीहुड्स)
वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क सेंटर (क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन टेक)
क्या है खास?
150+ हाई-टेक इनोवेशन
AI, सेमीकंडक्टर, हेल्थ और माइनिंग पर फोकस
स्टार्टअप पिचिंग और फंडिंग अवसर
ग्लोबल मार्केट से कनेक्ट

हाई-लेवल आरडीआई राउंडटेबल

कार्यक्रम के दौरान एक हाई-लेवल राउंडटेबल ऑन रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) आयोजित किया गया, जिसमें प्रो. सुकुमार मिश्रा सहित आईआईटी, एनआईटी और अन्य प्रमुख संस्थानों के डायरेक्टर्स के साथ इंडस्ट्री लीडर्स और वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने भाग लिया। इस राउंडटेबल में इनोवेशन स्केलिंग, टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, फंडिंग इकोसिस्टम और एकेडेमिया-इंडस्ट्री पार्टनरशिप्स पर विस्तार से चर्चा की गई।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन

इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया:

* रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – कोल-टू-ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल लिवलीहुड्स पर केंद्रित
* वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स – क्लीन एनर्जी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज के लिए रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने हेतु

प्लेनरी सेशन्स (डे 1 – कन्क्लूडेड)

सेशन 1: सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी
इंडिजिनस चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल सप्लाई चेन इंटीग्रेशन पर फोकस रहा।

सेशन 2: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
एआई के एप्लिकेशन्स, स्केलेबिलिटी और इन्वेस्टमेंट अवसरों पर चर्चा हुई।

सेशन 3: मटेरियल साइंस
नेक्स्ट-जनरेशन मटेरियल्स और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशन्स पर विचार-विमर्श हुआ।

सेशन 4: हेल्थकेयर इनोवेशन्स
डिजिटल हेल्थ, बायोटेक और पब्लिक हेल्थ सिस्टम्स को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

सेशन 5: अर्थ साइंसेज
सस्टेनेबल माइनिंग और रिसोर्स मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया गया।

दिन का समापन वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ फायरसाइड चैट के साथ हुआ, जिसमें स्टार्टअप्स, फंडिंग और ग्लोबल मार्केट एक्सपैंशन पर चर्चा हुई। कन्क्लूडिंग डे (डे 2) में ए2बी मैचमेकिंग, स्टार्टअप पिचिंग सेशन्स और इनोवेशन इकोसिस्टम पर चर्चा होगी, जो इंडस्ट्री कनेक्ट और ग्लोबल स्केलिंग को और मजबूत करेगी। इन्वेनटिव 2026 भारत इनोवेट्स 2026 के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है, जिससे भारत की इनोवेशन्स को ग्लोबल मंच पर पहचान और विस्तार मिलेगा तथा भारत को डीप-टेक इनोवेशन में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।