झारखंड: धनबाद की 461 करोड़ की 8-लेन सड़क फिर धंसी: उद्घाटन के बाद आठवीं बार बना गहरा गोफ
धनबाद में 461.90 करोड़ की लागत से बनी झारखंड की पहली 8-लेन सड़क एक बार फिर धंस गई। झारखंड मोड़ के पास सर्विस लेन में 3 फीट चौड़ा और 8 फीट गहरा गड्ढा बन गया। उद्घाटन के बाद यह आठवीं बार सड़क धंसने की घटना है, जिससे निर्माण गुणवत्ता और एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड की पहली और महत्वाकांक्षी मानी जाने वाली 8-लेन सड़क एक बार फिर धंस गई है। लगभग 461.90 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क उद्घाटन के बाद आठवीं बार धंसने के कारण अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है।
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मंगलवार को झारखंड मोड़ से 99 कोयलांचल सिटी के बीच सर्विस लेन में अचानक तीन फीट चौड़ा और करीब आठ फीट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क के नीचे पानी भरा हुआ दिखाई दिया, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि भूमिगत पाइपलाइन या मिट्टी के कटाव के कारण सड़क धंसी है।

घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। व्यस्त मार्ग होने के कारण कई दोपहिया वाहन गड्ढे में गिरते-गिरते बच गए। स्थानीय लोगों ने हादसे की आशंका को देखते हुए गड्ढे के आसपास ईंट-पत्थर रखकर अस्थायी बैरिकेडिंग कर दी।
20 किलोमीटर लंबी झारखंड की पहली 8-लेन सड़क
धनबाद में गोल बिल्डिंग से कांकोमठ तक करीब 20 किलोमीटर लंबी 8-लेन सड़क का निर्माण कराया गया था। इस परियोजना को झारखंड के शहरी बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया गया था। इस सड़क का उद्घाटन 5 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री Hemant Soren ने किया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद पहली बार सड़क धंसने की घटना सामने आ गई थी। तब से लेकर अब तक अलग-अलग स्थानों पर यह सड़क कई बार धंस चुकी है।
दो एजेंसियों ने किया सड़क का निर्माण
इस परियोजना का निर्माण स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (SAJ) के तहत दो निजी एजेंसियों को सौंपा गया था। गोल बिल्डिंग से बिनोद बिहारी महतो चौक तक (11.70 किमी) सड़क का निर्माण शिवालय कंस्ट्रक्शन ने किया। बिनोद बिहारी महतो चौक से कांकोमठ तक (9.30 किमी) सड़क का निर्माण त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन ने कराया। अब बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं के बाद दोनों कंपनियों की निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
कब-कब धंसी 8-लेन सड़क
5 अक्टूबर 2024: उद्घाटन के 24 घंटे के भीतर असर्फी अस्पताल के पास पहली बार सड़क धंसी।
2024: भूली ओवरब्रिज से बिनोद बिहारी चौक के बीच तीन महीने में चार बार सड़क धंसी।
2024: मेमको मोड़ के पास भी बड़ा गोफ बना।
सितंबर 2025: राजा तालाब के पास मेन राइजिंग पाइपलाइन फटने से सड़क धंस गई।
मार्च 2026: झारखंड मोड़ के पास सर्विस लेन में नया गड्ढा बना।
लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण यह सड़क अब शहर में चर्चा और आलोचना का विषय बन गई है।
सड़क धंसने की क्या हो सकती है वजह
प्राथमिक जांच में दो प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं:
मिट्टी का सही कॉम्पेक्शन न होना
भूमिगत पाइपलाइन से रिसाव या अधिक पानी का दबाव
साज के डीजीएम संजय कुमार सिंह के अनुसार, सड़क के नीचे से पेयजल विभाग की मेन राइजिंग पाइपलाइन गुजरती है। कई बार बिना वाल्व खोले पानी का दबाव बढ़ा देने से जमीन के नीचे मिट्टी का कटाव हो सकता है, जिससे सड़क धंस जाती है।
हादसे का खतरा, लोगों में नाराजगी
यह सड़क धनबाद और भूली को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त मार्गों में से एक मानी जाती है। ऐसे में अचानक बने गहरे गड्ढे से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क का बार-बार धंसना निर्माण मानकों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। कई नागरिकों ने इस पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच और जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मरम्मत कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। हालांकि लोगों का कहना है कि हर बार मरम्मत के बाद भी समस्या फिर सामने आ जाती है, इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है।






