- नया ROB चालू, धनबाद-बोकारो-हजारीबाग का सफर आसान
- देवघर-भिरखीबाद मार्ग पर 808 मीटर लंबा ROB शुरू
- नावाडीह ROB जनता को समर्पित
देवघर के नावाडीह ROB से सफर होगा सुपरफास्ट
देवघर (Threesocieties.com Desk): देवघरवासियों के लिए रविवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। देवघर-भिरखीबाद मुख्य मार्ग पर रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक के स्थान पर निर्मित बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) आखिरकार चालू हो गया। करीब 37.55 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक पुल का उद्घाटन गोड्डा सांसद Nishikant Dubey ने किया। पुल के चालू होने के साथ ही लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 27/C को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।
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करीब दस वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए इस ROB से अब देवघर, जसीडीह, शंकरपुर, रोहिणी और आसपास के हजारों लोगों को राहत मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को होगा जो देवघर AIIMS, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग और रांची की ओर सफर करते हैं।
808 मीटर लंबा ROB बना नई लाइफलाइन
रेलवे एवं राज्य सरकार की संयुक्त लागत साझेदारी से बने इस ROB की कुल लंबाई 808 मीटर है, जबकि सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रखी गई है। पुल के दोनों ओर पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ता भी बनाया गया है, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।यह पुल सत्संगनगर-भिरखीबाद रोड (MDR-219) पर स्थित उस व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग को प्रतिस्थापित करेगा, जहां अक्सर लंबा जाम लग जाता था। रेलवे फाटक बंद होने पर वाहनों की कतार कई सौ मीटर तक पहुंच जाती थी और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था।
देवघर AIIMS और लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत
नया ROB चालू होने के बाद देवघर AIIMS जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इसके अलावा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग और रांची जाने वाले यात्रियों का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होगा।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पुल के कारण यात्रा समय में करीब 10 से 15 मिनट की कमी आएगी। पहले रेलवे फाटक बंद होने और सड़क संकरी होने के कारण यहां भारी जाम लगता था।
हादसों का खतरनाक इतिहास, अब मिलेगी सुरक्षा
नावाडीह रेलवे फाटक पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े हादसों का गवाह बन चुका है। नवंबर 2024 में एक एसबेस्टस लदा ट्रक रेलवे फाटक तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर फंस गया था, जिसके बाद झाझा-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन उससे टकरा गई थी। इस हादसे में ट्रेन और ट्रक दोनों क्षतिग्रस्त हुए थे तथा रेल परिचालन कई घंटों तक बाधित रहा। इसके बाद फरवरी 2026 में भी बड़ा हादसा हुआ था, जब गोंडा-आसनसोल एक्सप्रेस एक ट्रक से टकरा गई थी। उस दौरान दो बाइक भी ट्रेन की चपेट में आ गई थीं। हालांकि बड़ी जनहानि टल गई थी। अब ROB बनने के बाद रेलवे फाटक समाप्त हो जाने से ऐसे हादसों की आशंका लगभग खत्म हो जाएगी।
सांसद निशिकांत दुबे ने गिनाईं विकास योजनाएं
उद्घाटन समारोह में सांसद Nishikant Dubey ने कहा कि देवघर के विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जसीडीह स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि जसीडीह स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल है, जहां 400 से 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए स्टेशन का दूसरा एंट्री प्वाइंट विकसित करने हेतु अतिरिक्त जमीन की जरूरत है। सांसद ने यह भी कहा कि दुमका, गोड्डा, बांका और भागलपुर से आने वाली ट्रेनों के लिए रेल बाइपास परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे जसीडीह स्टेशन पर दबाव कम होगा।
विधायक सुरेश पासवान ने और ROB की मांग उठाई
कार्यक्रम में मौजूद देवघर विधायक Suresh Paswan ने कहा कि यह ROB झारखंड, बिहार और बंगाल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क पुल साबित होगा। उन्होंने शंकरपुर, रोहिणी, संताली और रायडीह में भी छोटे-बड़े ROB निर्माण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और सुरक्षित यातायात के लिए ऐसे पुलों की अत्यंत आवश्यकता है।
जाम से मुक्ति, क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आयाम
स्थानीय लोगों का कहना है कि ROB बनने से न केवल जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि सड़क किनारे होने वाले छोटे-बड़े हादसों में भी कमी आएगी। पहले संकरी सड़क और रेलवे फाटक के कारण अक्सर वाहन नाले में फंस जाते थे और घंटों जाम लगा रहता था।अब इस पुल के चालू होने से सड़क और रेल दोनों यातायात पूरी तरह निर्बाध हो जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना देवघर क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।