ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा रहस्य, 8 दिन से मुर्दाघर में शव, पति फरार, CCTV और पोस्टमार्टम ने बढ़ाए सवाल

भोपाल की ट्विशा शर्मा डेथ केस में रहस्य गहराता जा रहा है। परिवार ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV टाइमिंग, FIR और गायब बेल्ट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पति समर्थ सिंह फरार है और शव 8 दिन से मुर्दाघर में रखा है।

ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा रहस्य, 8 दिन से मुर्दाघर में शव, पति फरार, CCTV और पोस्टमार्टम ने बढ़ाए सवाल
ट्विशा शर्मा (फाइल फोटो)।

नई दिल्ली/भोपाल(Threesocieties.com Desk): नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है। 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल की छत पर फंदे से लटकी मिली ट्विशा की मौत को लेकर पुलिस और परिवार के दावे पूरी तरह अलग-अलग हैं। जहां भोपाल पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, वहीं परिवार दहेज हत्या और सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहा है।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्विशा का शव पिछले आठ दिनों से मुर्दाघर में रखा हुआ है। परिवार ने साफ कह दिया है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं मिलती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

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पुलिस बोली- “मर्डर नहीं, आत्महत्या”

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने दावा किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में “एंटी-मॉर्टम हैंगिंग” की पुष्टि हुई है, यानी मौत फांसी लगाने से हुई। हालांकि पुलिस ने यह भी स्वीकार किया कि जिस बेल्ट से कथित तौर पर ट्विशा ने फांसी लगाई थी, वह समय पर पोस्टमार्टम टेबल तक नहीं पहुंच सकी। अब इस लापरवाही की अलग से जांच कराई जाएगी।

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परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि ट्विशा की मौत सामान्य आत्महत्या नहीं बल्कि योजनाबद्ध हत्या हो सकती है।

परिवार के वकील ने अदालत में कई गंभीर सवाल उठाए—

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का विस्तृत जिक्र क्यों नहीं?
बेल्ट गायब कैसे हो गई?
पुलिस रिपोर्ट और पोस्टमार्टम में लंबाई अलग-अलग क्यों दर्ज है?
FIR दर्ज करने में तीन दिन की देरी क्यों हुई?
CCTV टाइमिंग और मौत के समय में इतना अंतर कैसे?

CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में CCTV फुटेज सबसे अहम कड़ी बन गया है। फुटेज के अनुसार: शाम 7:20 बजे ट्विशा को छत की ओर जाते देखा गया।
रात 8:20 बजे तीन लोग शव को नीचे लाते दिखाई दिए। लेकिन FIR में मौत का समय रात 10:50 बजे दर्ज है। अब सवाल उठ रहे हैं कि— क्या CCTV का टाइम गलत था? क्या मौत का समय गलत दर्ज किया गया? या फिर इन तीन घंटों में कुछ ऐसा हुआ जिसे छिपाया जा रहा है? यही वजह है कि अब CCTV फुटेज भी जांच के केंद्र में आ गया है।

पति समर्थ सिंह अब तक फरार

ट्विशा की मौत के बाद से उसका पति समर्थ सिंह फरार बताया जा रहा है। अदालत पहले ही उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह, जो रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं, फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

AIIMS पोस्टमार्टम पर भी विवाद

ट्विशा के परिवार ने AIIMS में पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। परिवार के वकील ने आरोप लगाया कि ट्विशा की सास की बहन, जो एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, पोस्टमार्टम के दौरान AIIMS में मौजूद थीं। परिवार पूछ रहा है कि उन्हें वहां रहने की अनुमति कैसे मिली? साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि ट्विशा को अस्पताल ले जाने के बावजूद पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई।

उम्र और दस्तावेजों में भी विरोधाभास

मामले से जुड़े दस्तावेजों में ट्विशा की उम्र और जन्मतिथि को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। कहीं उम्र 31 साल, कहीं 33 साल दर्ज है, जबकि जन्मतिथि अलग बताई गई है। परिवार का कहना है कि ये सिर्फ क्लर्कियल गलती नहीं बल्कि पूरी जांच पर सवाल खड़े करने वाली बातें हैं।

दूसरे पोस्टमार्टम की मांग

ट्विशा का परिवार अब दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ा हुआ है। पुलिस ने अदालत में लिखित रूप से कहा है कि उन्हें दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी। अब सबकी नजर अदालत और अगली मेडिकल जांच पर टिकी है। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्विशा की मौत कैसे हुई, बल्कि यह भी है कि क्या सच सामने आने से पहले सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई?