पीएम Narendra Modi करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, 36 हजार करोड़ का मेगा एविएशन हब तैयार
पीएम नरेंद्र मोदी जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। 36 हजार करोड़ की लागत से बन रहा यह एयरपोर्ट 2040 तक 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनेगा।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk ) : उत्तर प्रदेश के जेवर में बनने वाला Noida International Airport अब देश के एविएशन सेक्टर में नई क्रांति लाने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi शनिवार, 28 मार्च को इसके पहले चरण का भव्य उद्घाटन करेंगे। करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह एयरपोर्ट भविष्य में भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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Noida International Airport एक रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर एवं कार्गो हब सहित अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार है। एयरपोर्ट को भविष्य के एक बड़े मल्टी-माॅडल इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम कर एयर ट्रैफिक को संतुलित करने के साथ पांच रनवे की प्रस्तावित क्षमता के साथ देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

निर्माण पर 36 हजार करोड़ से अधिक का खर्च नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण दो स्टेज में किया जा रहा है। प्रथम स्टेज में दो रनवे तैयार होंगे, उसके बाद दूसरे स्टेज में एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे तैयार हो किए जाएंगे। राज्य सरकार ने प्रथम स्टेज के लिए 4406 करोड़ रुपए खर्च करते हुए 3300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। प्रथम स्टेज में एयरपोर्ट के निर्माण पर 36 हजार करोड़ से अधिक का खर्च होगा। वर्ष 2031 में दो रनवे के साथ बढ़ेगी क्षमता एयरपोर्ट दो स्टेज के कुल चार चरणों में बनकर तैयार होगा। जिसके प्रथम स्टेज के प्रथम चरण पर 11077 करोड़ रुपए खर्च कर लोकार्पण के लिए तैयार है। एयरपोर्ट की शुरूआत एक रनवे के साथ एक करोड़ 20 लाख यात्री क्षमता के साथ की जा रही है जो वर्ष 2031 में दो रनवे के साथ बढ़कर तीन करोड़ वार्षिक यात्री हो जाएगी।
वर्ष 2036 में पांच करोड़ और वर्ष 2040 में सात करोड़ वार्षिक यात्री हो जाएगी। इस परियोजना पर उस समय तक कुल 36267 करोड़ रुपए के निवेश का अनुमान है। 4752 हेक्टेयर जमीन पर तैयार होंगे पांच रनवे एयरपोर्ट पर पहला और दूसरा रनवे 1334 हेक्टेयर जमीन पर बनाए जा रहे हैं। तीसरा रनवे 1365 हेक्टेयर, चौथा 1318 हेक्टेयर और पांचवां 735 हेक्टेयर जमीन पर तैयार होंगे। पांच रनवे के लिए 4752 हेक्टेयर और विस्थापन के लिए 676 हेक्टेयर सहित कुल 5428 हेक्टेयर 13407 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वर्ष 2021 में एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में एयरपोर्ट के दो रनवे का माडल दिखाया गया था 28 मार्च को उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट के पांच रनवे का माडल दिखाया जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रही एयरोसिटी, लाॅजिस्टिक्स पार्क और इंडस्ट्रियल क्लस्टर प्रदेश को निवेश का नया केंद्र बना रहे हैं। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के नजदीक होने के साथ यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख हाईवे से इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा लाॅजिस्टिक हब बनाने में मदद करेगी।
राज्य सरकार की एफडीआइ-फ्रेंडली नीतियों और बेहतर ईज आफ डूइंग बिजनेस माहौल से घरेलू और विदेशी निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी और कम होती लाॅजिस्टिक्स लागत के कारण उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही, चीन 1 स्ट्रेटजी के तहत वैश्विक कंपनियों के लिए इलेक्ट्राॅनिक्स, सेमीकंडक्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते सेक्टर्स में आकर्षक विकल्प बनकर उभरेगा। देश का पहला ट्रांजिट हब होगा पांच रनवे की प्रस्तावित क्षमता के साथ यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने के साथ ही इसकी रणनीतिक स्थिति इसे एशिया और यूरोप के बीच एक अहम ट्रांजिट केंद्र बना सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार होगा
क्या है इस मेगा प्रोजेक्ट की खासियत?
2040 तक 7 करोड़ वार्षिक यात्रियों की क्षमता
कुल 5 रनवे विकसित किए जाएंगे
36,267 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ लॉजिस्टिक्स हब
कार्गो, एयरोसिटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर का विकास
दो चरणों में तैयार होगा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण दो स्टेज और चार चरणों में किया जा रहा है:
पहला चरण (शुरुआत)
एक रनवे से शुरुआत
1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता
टर्मिनल, ATC टावर और कार्गो हब तैयार
2031 तक
2 रनवे
3 करोड़ यात्रियों की क्षमता
2036 तक
क्षमता बढ़कर 5 करोड़ यात्री
2040 तक
5 रनवे के साथ
7 करोड़ यात्री — देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
विशाल भूमि और इंफ्रास्ट्रक्चर
कुल 5428 हेक्टेयर भूमि पर परियोजना
रनवे निर्माण के लिए 4752 हेक्टेयर
पहले चरण में 3300 एकड़ भूमि अधिग्रहण
11077 करोड़ खर्च से पहला फेज तैयार
यह एयरपोर्ट न सिर्फ आकार में बड़ा होगा, बल्कि तकनीक और क्षमता के मामले में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा।
ग्लोबल एविएशन हब बनने की ओर
नोएडा एयरपोर्ट की रणनीतिक लोकेशन इसे एशिया-यूरोप कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बना सकती है। यह दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे हब को टक्कर देगा। दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर बढ़ते दबाव को कम करेगा। अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे:
एयरोसिटी
लॉजिस्टिक्स पार्क
इंडस्ट्रियल क्लस्टर
प्रदेश को निवेश का नया हॉटस्पॉट बना रहे हैं। साथ ही, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, यमुना एक्सप्रेसवे व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव इसे देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में मजबूत करेगा।
भारत की एविएशन ताकत को मिलेगी नई उड़ान
“चीन+1” रणनीति के बीच यह एयरपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।






