• सर्वपित्त अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव

नई दिल्ली। 14 अक्टूबर दिन शनिवार को साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन पितृपक्ष की अमावस्या तिथि है।  ग्रहण 14 अक्टूबर की रात आठ बजकर 34 मिनट से शुरू होगा और मध्य रात्रि 2 बजकर 25 मिनट पर समापन होगा।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:Jharkhand : PLFI एरिया कमांडर टीरा बोदरा का राइट हैंड दसाय पूर्ति अरेस्ट, खुंटी जिले के कई मामलों में था शामिल

यह सूर्य ग्रहण कंकणाकृती सूर्यग्रहण कहा जायेगा। पितृ पक्ष की अमावस्या के दिन लग रहा सूर्य ग्रहण का श्राद्ध कर्म पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण में श्राद्ध करना पुण्यदायी रहेगा। साथ ही ग्रहण का श्राद्ध कर्म पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।  सूतक काल या ग्रहण के समय श्राद्ध कर्म करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। ग्रहण के दिन में पितरों का श्राद्ध कर्म, तर्पण विधि और पितरों के नाम का दान पुण्य करने से पितृ दोष समाप्त होता है और पितरों के साथ-साथ देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सूतक काल या ग्रहण के समय श्राद्ध करने से कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिस तरह से श्राद्ध किए जाते हैं, उसी तरह बिना किसी भय के श्राद्ध कर सकते हैं।

कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में सूर्य ग्रहण
आश्विन मास के अमावस्या तिथि को लग रहा सूर्य ग्रहण कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में लग रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। सूर्य ग्रहण और पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि का धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्व है। 
कहां दिखायी देगा सूर्य ग्रहण
14 अक्टूबर को लगने वाला साल का दूसरा सूर्यग्रहण दक्षिण अमेरिका के क्षेत्रों को छोड़कर उत्तरी अमेरिका, ग्वाटेमाला, मैक्सिको, कनाडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, अर्जेटीना, एंटीगुआ, कोलंबिया, क्यूबा, बारबाडोस, पेरु, हैती, उरुग्वे, डोमिनिकन, वेनेजुएला, जमैका, पराग्वे, ब्राजील, बहामास, आदि जगहों पर दिखाई देगा।
कब शुरू होगा सूतक काल
सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। जहां यह ग्रहण होगा, उससे ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। ग्रहण खत्म होने के बाद ही सूतक काल खत्म होगा। ऐसे में सूतक काल 14 अक्टूबर की सुबह 8 बजकर 34 मिनट पर आरंभ हो जायेगा। ग्रहण 14 अक्टूबर की मध्य रात्रि 2 बजकर 25 मिनट पर समापन होगा और इसी के साथ सूतक काल खत्म भी हो जायेगा। इस तरह सूर्य ग्रहण 14 और 15 अक्टूबर की मध्य रात्रि को लगेगा।
वर्ष 2023 में चार ग्रहण लगने वाले हैं। इसमें से पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को लग चुका है, दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगेगा। वहीं चंद्र ग्रहण पांच मई को लग चुका है। दूसरा व अंतिम चंद्र ग्रहण 29 अक्टूबर को लगेगा।