‘मजदूरों के मसीहा’ सूर्यदेव सिंह को श्रद्धांजलि, झरिया में जनसेवा के संकल्प के साथ मना 35वां पुण्यतिथि समारोह
झरिया के पूर्व विधायक एवं मजदूर नेता स्व. सूर्यदेव सिंह की 35वीं पुण्यतिथि पर हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी। रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और दिव्यांगों के बीच स्कूटी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
HighLights
- विधायक रागिनी सिंह के सौजन्य से दिव्यांगजनों के बीच स्कूटी का वितरण किया गया
- रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन हुआ
- बिहार, झारखंड, यूपी और पश्चिम बंगाल से पहुंचे समर्थकों ने श्रद्धांजलि दी
- वक्ताओं ने सूर्यदेव सिंह को मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बताया
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद-झरिया कोयलांचल के श्रमिक आंदोलन की पहचान और मजदूरों के मसीहा के रूप में प्रसिद्ध रहे पूर्व विधायक स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह की 35वीं पुण्यतिथि सोमवार को श्रद्धा, सम्मान और जनसेवा के संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर झरिया का पूरा क्षेत्र "वीर सूर्यदेव सिंह अमर रहें" के नारों से गूंज उठा। श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह से ही हजारों लोगों का जनसैलाब कतरास मोड़ चौक स्थित उनकी प्रतिमा और सिंह मेंशन कार्यालय पहुंचता रहा।
यह भी पढ़ें: झारखंड:हेमंत कैबिनेट के 23 बड़े फैसले: वन्यजीव हमले में मौत पर ₹10 लाख, TET नियमावली को मंजूरी
भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में समर्थक, मजदूर और शुभचिंतक अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। पूरे दिन श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।

जनसेवा के साथ मनाई गई पुण्यतिथि
सूर्यदेव सिंह की पुण्यतिथि को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे समाजसेवा और जनकल्याण से भी जोड़ा गया। सिंह मेंशन परिसर में अखंड कीर्तन, श्रद्धांजलि सभा, विशाल रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।इस दौरान झरिया विधायक रागिनी सिंह के सौजन्य से दिव्यांगजनों के बीच स्कूटी का वितरण किया गया। पूर्व विधायक कुंती सिंह और विधायक रागिनी सिंह ने लाभुकों को स्कूटी की चाबी सौंपते हुए उनके आत्मनिर्भर जीवन की कामना की। लाभुकों ने इसे अपने जीवन के लिए महत्वपूर्ण सहायता बताते हुए आभार व्यक्त किया।

राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों का लगा जमावड़ा
कार्यक्रम में पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह, धनबाद के मेयर संजीव सिंह, झरिया विधायक रागिनी सिंह, धनबाद विधायक राज सिन्हा, गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र पांडेय, पूर्व मंत्री एवं सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह, बोकारो के पूर्व विधायक बिरंची नारायण, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, धनबाद नगर निगम के उपमहापौर अरुण चौहान, पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता,भाजपा नेत्री तारा देवी, भारतीय जनता युवा मोर्चा धनबाद महानगर अध्यक्ष नित्यानंद मंडल, समाजसेवी एवं बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा सहित अनेक राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भाग लिया। इसके अलावा सिंह परिवार के सदस्य सिद्धार्थ गौतम, किरण सिंह, ज्योति सिंह, मिनी गौतम और शताक्षी सहित बड़ी संख्या में समर्थक एवं श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

'35 साल बाद भी कायम है जनता का प्यार'
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह के प्रति जनता का प्रेम और सम्मान आज भी उसी तरह बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 35 वर्ष बीत जाने के बाद भी धनबाद-झरिया की जनता उन्हें भूली नहीं है, जो उनके संघर्ष और जनसेवा का सबसे बड़ा प्रमाण है।
वहीं मेयर संजीव सिंह ने कहा कि सूर्यदेव सिंह ने मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उनके कार्य आज भी लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष विभिन्न राज्यों से लोग उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि मजदूरों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षा के लिए सूर्यदेव सिंह द्वारा किया गया संघर्ष कोयलांचल के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके द्वारा किए गए जनहित और श्रमिक हित के कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
कोयलांचल की राजनीति का एक युग
वक्ताओं ने कहा कि सूर्यदेव सिंह केवल एक नेता नहीं बल्कि कोयलांचल के श्रमिक आंदोलन की मजबूत आवाज थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। यही कारण है कि उनके निधन के तीन दशक से अधिक समय बाद भी जनता उन्हें सम्मान और गर्व के साथ याद करती है।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के अंत तक श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ बनी रही और पूरा क्षेत्र उनके योगदान की यादों से भावुक नजर आया।






