दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पर बनेगी तीन घंटे की फीचर फिल्म, मंत्री सुदिव्य सोनू ने शुरू की शोध कवायद
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पर आधारित तीन घंटे की फीचर फिल्म बनेगी। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने झारखंड आंदोलन से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों से तथ्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
- झारखंड आंदोलन, संघर्ष और गुरुजी के राजनीतिक जीवन को तथ्यों के साथ बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी
- आंदोलन के प्रत्यक्षदर्शियों से जुटाई जाएगी जानकारी
- मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने तथ्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की
- झारखंड आंदोलन से जुड़े जीवित प्रत्यक्षदर्शियों से ली जाएगी जानकारी
- दक्षिण भारत से रिसर्च टीम जल्द पहुंचेगी झारखंड
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन और झारखंड आंदोलन की ऐतिहासिक गाथा अब बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी। गुरुजी की जीवनी पर आधारित तीन घंटे की फीचर फिल्म बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस दिशा में झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने तथ्यपरक सामग्री जुटाने की कवायद तेज कर दी है।
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मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म किसी कल्पना पर नहीं, बल्कि गुरुजी के साथ रहे लोगों की जुबानी और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के प्रत्यक्षदर्शी अब बहुत कम बचे हैं, ऐसे में उनका अनुभव और स्मृतियां फिल्म के लिए अमूल्य धरोहर हैं।इसी क्रम में बुधवार की शाम मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू झामुमो के संस्थापक सदस्य और पार्टी के पूर्व मुख्य प्रवक्ता, राजगंज के लाठाटांड़ निवासी शंकर किशोर महतो से मिलने उनके आवास पहुंचे। इस दौरान मंत्री ने उन्हें भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।
मंत्री ने शंकर किशोर महतो से गुरुजी के शुरुआती राजनीतिक जीवन, झारखंड अलग राज्य आंदोलन की रणनीति, आंदोलन के दौरान आई चुनौतियों, जेल यात्राओं और आंदोलनकारियों की भूमिका को लेकर विस्तार से जानकारी ली। साथ ही उन्होंने स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो, दिशोम गुरु शिबू सोरेन और एके राय के प्रारंभिक राजनीतिक इतिहास तथा सोनोत संथाल समाज की स्थापना से जुड़े तथ्यों पर भी चर्चा की।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि फिल्म में यह दिखाया जाएगा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन का स्वरूप कैसे तय हुआ, आंदोलन किस तरह आगे बढ़ा, उसमें शामिल लोगों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा और कितने संघर्षों के बाद झारखंड राज्य का गठन संभव हो सका। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दक्षिण भारत से एक रिसर्च टीम बहुत जल्द झारखंड पहुंचेगी। इस टीम को झारखंड आंदोलन से जुड़े सक्रिय लोगों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे प्रत्यक्षदर्शियों से मिलकर आंदोलन और उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को गहराई से समझ सकें।
मंत्री ने कहा कि शंकर किशोर महतो की भूमिका और उनके योगदान से संबंधित पूरी जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी और उन्हें मुख्यमंत्री से भी मिलवाया जाएगा। वहीं शंकर किशोर महतो ने 19 जनवरी 1992 को स्थापित बीबीएम जनजातीय उच्च विद्यालय के भविष्य से जुड़ी समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा, जिस पर मंत्री ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मौके पर निवास तिवारी, मंगरूडीह पंचायत की मुखिया आशा देवी, कौशल्या देवी, प्रदीप दे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।






