गजवा-ए-हिंद के लिए रांची से साजिश, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS आतंकी अशहर दानिश को किया अरेस्ट
रांची से ISIS आतंकी अशहर दानिश गिरफ्तार, गजवा-ए-हिंद के लिए टारगेट किलिंग की साजिश। पाकिस्तान कनेक्शन और पैन इंडिया टेरर मॉड्यूल का बड़ा खुलासा।
- गजवा-ए-हिंद के लिए टारगेट किलिंग की योजना बना रहा था आतंकी
रांची। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने झारखंड की राजधानी रांची और अन्य स्टेट से एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बोकारो का रहने वाला अशहर दानिश को रांची से पकड़ा गया।
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पाकिस्तानी कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, दानिश और उसका सहयोगी गजवा-ए-हिंद के लिए टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। इनका मकसद भारत में खिलाफत-शैली का संगठन बनाना और जिहादी गतिविधियों को अंजाम देना था।जांच में खुलासा हुआ कि दानिश का सीधा संपर्क पाकिस्तान स्थित हैंडलर से था और वह लगातार ऑनलाइन संपर्क में रहता था।

छात्र से आतंकी तक
दानिश रांची में SSC परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके लॉज से पुलिस ने हथियार और बम बनाने का सामान बरामद किया है। दानिश के पिता वकील और मां शिक्षिका हैं। बेटे की आतंकी गतिविधियों के खुलासे से परिवार सदमे में है। पुलिस का दावा है कि दानिश पैन इंडिया टेरर मॉड्यूल का मुखिया था।
गजवा-ए-हिंद के लिए टारगेट किलिंग की योजना बना रहा था आतंकी अशहर व उसका सहयोगी
स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह मॉड्यूल भारत में खिलाफत-शैली का समूह बनाना और गजवा-ए-हिंद जैसे जिहाद को अंजाम देना चाहता था. इसके लिए वो टारगेट हत्या को अंजाम देने की योजना बना रहा था।इस मॉड्यूल का मुख्य किरदार रांची निवासी अशहर दानिश था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। दानिश के साथ मुंबई के सूफियान अबुबकर खान और आफताब अंसारी को दिल्ली से पकड़ा गया है। इसके अलावा, तेलंगाना के निजामाबाद से हुजैफा यमन और मध्य प्रदेश के राजगढ़ से कामरान कुरैशी को भी अरेस्ट किया गया है।जांच में खुलासा हुआ है कि इस समूह की योजना दोहरी थी। सबसे पहले, वे अपनी टीम लश्कर बनाकर एक खिलाफत-शैली का संगठन स्थापित करना चाहते थे। इसके बाद, उनका मकसद इस्लाम की अपनी विकृत समझ के आधार पर गजवा-ए-हिंद जैसा जिहाद छेड़ना था।

कुछ टारगेट मर्डर को देना था अंजाम
पकड़े गये आतंकी कुछ टारगेट मर्डर को अंजाम देने की भी फिराक में थे। पुलिस ने इन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में आईईडी बनाने की सामग्री और उपकरण जब्त किये हैं। इसके अलावा, उनके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद हुए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि अशहर दानिश का हैंडलर पाकिस्तान से है। यह हैंडलर बाहर से खुद को एक पेशेवर कंपनी का सीईओ बताता था, जबकि आंतरिक समूह में दानिश का कोड गजवा नेता था।यह समूह एनजीओ की आड़ में जमीन हथियाने की कोशिश भी कर रहा था। अब तक 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य लोगों से पूछताछ और जांच अभी जारी है। पुलिस के अनुसार, ये सभी बेहद कट्टरपंथी लड़के हैं जो एक आंतरिक समूह बनाकर काम कर रहे थे।

पिता वकील, मां टीचर और बेटा पैन इंडिया टेरर मॉड्यूल का मुखिया
रांची के लॉज से जिस संदिग्ध आतंकी अशहर उर्फ अशरफ दानिश को गिरफ्तार किया गया, वह एक पाक हैंडलर आधारित पैन इंडिया टेरर मॉड्यूल का मुखिया निकला। दिल्ली पुलिस के अनुसार दानिश का कोड नाम सीईओ है और वह इस आतंकी समूह का 'गजवा लीडर' था। दानिश बोकारो जिले के पेटरवार पुलिस स्टेशन एरिया के उत्तासारा गांव का रहने वाला है। दानिश केपिता मजहर जानी तेनुघाट कोर्ट में वकालत करते हैं। जानी पहले वे कव्वाल थे। दानिश की मां एक शिक्षिका हैं। बहन पटना में एलएलबी की पढ़ाई कर रही है। छोटा भाई हजारीबाग में अमीन की पढ़ाई कर रहा है। यह परिवार अपनी शिक्षा और प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है।
धनबाद से पकड़ायी थी शबनम परवीन
अशरफ दानिश की गिरफ्तारी से पहले, धनबाद के वासेपुर एरिया से भी आतंकी संगठनों से जुड़े पांच संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें शबनम परवीन नाम की एक महिला भी शामिल थी, जो मुस्लिम युवाओं को धार्मिक कट्टरता के नाम पर बहकाती थी। शबनम कैंप लगाकर युवाओं को अलकायदा के झारखंड मॉड्यूल से जोड़ने का काम करती थी। गोविंदपुर की रहने वाली शबनम ने अमन सोसाइटी के आयान जावेद से प्रेम विवाह किया था। वह अपने ससुराल में न रहकर शमशेर नगर में एक किराए के मकान में रहती थी, जहां एटीएस को यह जानकारी मिली थी कि वह बच्चों को धार्मिक कट्टरता का पाठ पढ़ाती है। अप्रैल में एटीएस ने गुलफाम हसन, आयान जावेद, शहजाद आलम और शबनम को गिरफ्तार किया था। इसके बाद, मई में अम्मार याशर को भी गिरफ्तार किया गया।
ISIS आतंकी अशहर का पाकिस्तान से कनेक्शन
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम ने 10 सितंबर को लोअर बाजार पुलिस स्टेशन एरिया तबारक लॉज में रेड कर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के एक संदिग्ध आतंकी अशहर दानिश को अरेस्ट किया था। दानिश लगातार पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर के संपर्क में था। भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अशहर दानिश, जिसे संगठन में 'समन्वयक' के तौर पर जाना जाता था, अपने ठिकाने पर केमिकल आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बना रहा था। रेड के दौरान उसके कमरे से कई खतरनाक रसायन और उपकरण बरामद हुए हैं, जिनमें कॉपर शीट, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर, सोडियम बाइकार्बोनेट, पीएच वैल्यू चेकर, बॉल बेयरिंग्स, बीकर सेट, वेट मशीन, सेफ्टी ग्लव्स और रेस्पिरेटरी मास्क शामिल हैं। इन चीजों से स्पष्ट है कि वह बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार करने की तैयारी में था।
फेसबुक पर अशहर दानिश ने खुद को साइबर सेक्युरिटी स्पेशलिस्ट बताया
संदिग्ध आतंकी अशहर दानिश फेसबुक पर एक्टिव था। उसकी प्रोफाइल फोटो में इस्लामिक धार्मिक स्थल की फोटो लगी है।उसने खुद को डिजिटल क्रिएटर और साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट बताया है। फेसबुक पर उसके 492 फालोअर्स हैं और वह 113 लोगों को फालो करता है। होम टाउन बोकारो स्टील सिटी बताया है। जून 2024 में उसने पोस्ट कर बताया कि रांची में नई नौकरी ज्वाइन की है। खुद को रिलेशनशिप में बताया है। साल 2024 में उसने अपनी चार फोटो पोस्ट की है। इसमें एक फोटो कांके रॉक गार्डेन की है।
बोकारो का दानिश रांची में कर रहा था SSC की तैयारी, लॉक के कमरे से मिले आर्म्स और बम बनाने का सामान
अशरफ दानिश (23) मूल रूप से बोकारो जिले के पेटरवार पुलिस स्टेशन एरिया के मुस्लिम टोला, बुंडू का रहने वाला है। वह स्नातक पास है और पिछले 16 महीनों से रांची के न्यू तबारक लॉज में रहकर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। अशरफ की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस ने रात दो बजे से ही उसके लॉज की घेराबंदी शुरू कर दी थी। भारी संख्या में जवानों ने लॉज को घेर लिया और अशरफ को उसके कमरा नंबर 15 से गिरफ्तार कर लिया। उसके कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस को एक देसी कट्टा, एक कारतूस, हाइड्रोलिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर, कॉपर सीट, बाल बियरिंग्स, चार चाकू, 10,500 रुपये नकद, एक लैपटॉप, मोबाइल, वेगिंग मशीन, और सर्किट व मदरबोर्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान मिले हैं। ये सभी चीजें बम और अन्य हथियार बनाने में इस्तेमाल होती हैं।
दिल्ली में दर्ज FIR के बाद रांची तक पहुंची जांच की आंच
यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में नौ सितंबर को दर्ज एक प्राथमिकी कांड संख्या 240/25 से शुरू हुआ। यह एफआइआर समुदायों के बीच धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने और इलिगल आर्म्स रखने के आरोप में दर्ज की गयी थी। दिल्ली में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ के बाद मिली सूचनाओं के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम रांची पहुंची। झारखंड पुलिस के साथ मिलकर टीम ने रांची के लोअर बाजार, अनगड़ा और पलामू के हुसैनाबाद में एक साथ छापेमारी की। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में नौ सितंबर को कांड संख्या 240/25 में एफआइआर दर्ज की गयी है।
पहले भी झारखंड से कई आतंकी हो चुके हैं अरेस्ट
आठ नवंबर 2023 : झारखंड एटीएस ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस) के संदिग्ध हजारीबाग के पेलावल ओपी एरिया के महतो टोला निवासी आतंकी मोहम्मद नसीम व गोड्डा जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रहमतनगर असनबनी निवासी आरिज हसनैन को अरेस्ट किया गया।
20 जुलाई 2023 : इंटेलिजेंस ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच एजेंसी व दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने लोहरदगा से आइएसआइएस के संदिग्ध आतंकी फैजान उर्फ फैज को गिरफ्तार किया। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता था।
22 अगस्त 2024: दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने झारखंड में आतंकी साजिश रचने वाले एक्यूआईएस नाम के आतंकी संगठन से जुड़े :uछ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मास्टरमाइंड डॉक्टर इश्तियाक अहमद भी है जो रांची में रेडियोलॉजिस्ट था। वह 'रांची रैडिकल ग्रुप' नाम से एक मॉड्यूल चला रहा था। डॉक्टर इश्तियाक पर आरोप है कि वह रांची और हजारीबाग के कई अस्पतालों में काम करते हुए युवाओं को आतंकवाद के लिए बहका रहा था। वह उन्हें धार्मिक साहित्य और तकरीरें सुनाकर ब्रेनवॉश करता था। उसने चार लोगों को ट्रेनिंग के लिए राजस्थान भी भेजा था।
26 अप्रैल 2025 : धनबाद के वासेपुर से आतंकी संगठन हिज्ब-उत-ताहिर (एचयूटी) , अलकायदा इंडियान सब कंटिनेंट व आइएसआइएसों से संबद्ध चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इनमें गुलफाम हसन, आयान जावेद, शहजाद व शबनम परवीन थे।






