• फरवरी-मार्च से शुरू होगा स्किल्ड व सेमी स्किल्ड युवकों का नियोजन
  • बरौनी प्लांट में जनवरी 2022 में शुरू होगा प्रोडक्शन
  • सिंदरी में हर्ल प्लांट अफसरों के साथ की समीक्षा बैठक
  • सिंदरी, बरौनी व गोरखपुर प्रोजेक्ट कोविड के चलते 10 माह पीछे
  • गेट के जरिये 95 नये एग्जिक्यूटिव की बहाली
  • फिलहाल बिहार-झारखंड के 23 प्रतिशत एग्जिक्यूटिव करेंगे काम

धनबाद। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के एमडी अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि सिंदरी प्लांट से फरवरी 2022 में यूरिया का प्रोडक्शन शुरू हो जायेगा। फिलहाल बिहार-झारखंड के 23 परसेंट एग्जिक्यूटिव प्लांट में काम करेंगे। इसमें बीआइटी सिंदरी व धनबाद आइआइटी आइएसएम से पासआउट स्टूडेंट भी शामिल हैं।

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एमडी श्री गुप्ता बुधवार को सिंदरी में हर्ल प्लांट की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर्ल का सिंदरी, बरौनी व गोरखपुर प्रोजेक्ट कोविड के कारण लगभग 10 माह पीछे हो गया है। सिंदरी प्रोजेक्ट में 14 अगस्त को बॉडी मिलने और तोड़फोड़ के कारण एक माह पीछे हो गया। उन्होंने कहा कि सिंदरी प्लांट में कॉमर्शियल रूप से मार्च 2022 से प्रोडक्शन शुरू हो जायेगा। बरौनी में जनवरी 2022 में प्रोडक्शन शुरू होगा।कोरोना के कारण गोरखपुर प्रोजेक्ट 11 माह पीछे चल रहा है।
1200 करोड़ का अतिरिक्त भार

कोविड के कारण लगभग 1200 करोड़ का अतिरिक्त भार सभी प्रोजेक्ट पर पड़ा है। गेट की ओर से 95 नये एग्जिक्यूटिव की बहाली की गयी है। स्किल्ड व सेमी स्किल्ड युवकों को नियोजन फरवरी व मार्च 2022 में दिया जायेगा। झारखंड गवर्नमेंट की स्थानीय नियोजन नीति आने के बाद आगे की बैठक की जायेगी। इससे पूर्व एमडी श्री गुप्ता ने सिंदरी में फायर वाटर पंप हाउस का उद्घाटन किया। मौके पर हर्ल ग्रुप के जीएम कामेश्वर झा, जीएम हिम्मत सिंह चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर ओपी कुशवाहा, एचआर विक्रांत कुमार, लाइजनर नवीन सिंह समेत अन्य उपस्थित थे। 

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हेल्थ, शिक्षा व ड्रेनेज सिस्टम पर खर्च होंगे 40 करोड़
हर्ल एमडी श्री गुप्ता ने कहा कि सिंदरी में ड्रेनेज सिस्टम डेवलप किया जायेगा। सीनीयर की टीम जल्द सिंदरी प्लांट का दौरा करेगी। सीएसआर के तहत सिंदरी में लगभग 40 करोड़ रुपये हेल्थकेयर, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर व ड्रेनेज सिस्टम पर खर्च किये जायेंगे। इसके लिए एनजीओ टीम से सहयोग लिया जायेगा। हर्ल प्रोजेक्ट के अंदर फस्ट फेज में 30 हजार पौधे लगाये जायेंगे।