धनबाद: मेमको मोड़ बना सड़क सुरक्षा का जीवंत मंच, नियम तोड़ने वालों को सज़ा नहीं—पुलिस ने समझाया जिंदगी का मोल
धनबाद के मेमको मोड़ पर सड़क सुरक्षा माह के तहत अनोखा जागरूकता अभियान। धनबाद पुलिस ने चालान नहीं काटा, बल्कि नुक्कड़ नाटक, शॉर्ट फिल्म और PPT से लोगों को सिखाया यातायात नियमों का महत्व। SSP प्रभात कुमार ने दी सख्त चेतावनी—1 फरवरी से विशेष अभियान।
- नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, शॉर्ट फिल्म और PPT से हुआ जागरूकता का प्रचार
- SSP प्रभात कुमार बोले— “सड़क पर लापरवाही, घर में मातम बन जाती है”
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। सड़क हादसों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर लगाम लगाने और आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करने के उद्देश्य से शुक्रवार को धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने देशव्यापी सड़क सुरक्षा माह के तहत मेमको मोड़ पर एक अनोखा और प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
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व्यस्त मेमको मोड़ को उस समय सड़क सुरक्षा के जीवंत मंच में बदल दिया गया, जब पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को चालान की जगह जीवन का महत्व समझाने की पहल की।

नुक्कड़ नाटक से लेकर शॉर्ट फिल्म तक—भावनात्मक संदेश
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, शॉर्ट वीडियो फिल्म और PPT प्रेजेंटेशन के माध्यम से यह बताया गया कि बिना हेलमेट, नशे में ड्राइविंग, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना जैसी लापरवाहियां कैसे एक पल में पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती हैं।
कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया, कई लोग इसे देखकर भावुक भी हो गये।

नियम तोड़ने वालों को चालान नहीं, पहले समझाया गया
अभियान के दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को रोककर चालान काटने की बजाय जागरूकता कार्यक्रम में शामिल किया गया।पुलिस अधिकारियों ने वीडियो और प्रेजेंटेशन दिखाकर समझाया कि ट्रैफिक नियम जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए हैं। कई लोगों ने मौके पर ही हेलमेट पहनने और भविष्य में नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

SSP प्रभात कुमार का भावुक संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए SSP प्रभात कुमार ने कहा—“हर सड़क दुर्घटना के पीछे एक टूटता हुआ परिवार होता है। एक मौत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों की होती है। सड़क पर की गई लापरवाही सीधे घर के भविष्य को उजाड़ देती है।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में धनबाद जिले में 350 सड़क हादसे हुए, जिनमें लगभग 250 लोगों की जान चली गई, जो बेहद चिंताजनक है। SSP ने स्पष्ट कहा कि धनबाद पुलिस का उद्देश्य सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।

मोबाइल बना जानलेवा खतरा
SSP प्रभात कुमार ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा— “ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर एक सेकंड का ध्यान भटकना, जिंदगी और मौत के बीच का फर्क बन सकता है।” युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार, स्टंट और लापरवाही ‘हीरोपंती’ नहीं बल्कि ‘खतरे का खेल’ है।
एक फरवरी से चलेगा विशेष सख्त अभियान
SSP प्रभात कुमार ने ऐलान किया कि एक फरवरी से धनबाद पुलिस विशेष सख्त यातायात अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत—
दोपहिया वाहन पर दोनों सवारों के लिए हेलमेट अनिवार्य
कार में सीट बेल्ट नहीं तो कड़ी कार्रवाई
मॉडिफाइड साइलेंसर और फैंसी नंबर प्लेट वाले वाहन जब्त
नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीड और ट्रिपल राइडिंग पर विशेष निगरानी
उन्होंने साफ कहा कि अब समझाइश और सख्ती दोनों साथ-साथ चलेंगी।
नागरिकों को दिलाई गई सड़क सुरक्षा की शपथ
कार्यक्रम के अंत में मौजूद नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई— जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग, नशे में वाहन न चलाने, ट्रैफिक नियमों के पालन और दूसरों को जागरूक करने का संकल्प शामिल था।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी, सिटी एसपी ऋतविक श्रीवास्तव, एसडीओ लोकेश बारंगे, प्रशिक्षु IPS अंकित सिन्हा, डीएसपी मुख्यालय धीरेन्द्र नारायण बंका, डीएसपी ट्रैफिक अरविन्द सिंह, डीएसपी साइबर संजीव कुमार, एमवीआई शुभम कुमार, अभय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






